रीना देवी की खिड़की से झाँकती धूप आज कुछ ज़्यादा ही शरारती लग रही थी, मानो बरसों से दबी किसी चाहत को हवा दे रही हो। चालीस की दहलीज पार कर चुकी रीना को लगा, जैसे आज उसके भीतर कुछ नया जाग रहा है। उसका शरीर, जो वर्षों से एकरसता में ढला था, अचानक किसी अछूते स्पर्श के लिए मचलने लगा था। और इस मचलती चाहत का कारण था उसका नया पड़ोसी, आर्यन।
आर्यन, पच्चीस-तीस की उम्र का एक तंदुरुस्त जवान, जिसके नैनों में गहराई थी और हँसी में एक अजीब सी ललक। जब वह पहली बार उनके सामने से गुज़रा था, रीना की साँसें थम सी गई थीं। उसकी चाल में एक आत्मविश्वास था, उसकी आँखों में एक ऐसी चिंगारी, जो बुझे हुए अंगारों को भी दहका सकती थी। हर बार जब वे लिफ्ट में मिलते, या बालकनी में एक-दूसरे को देखते, तो रीना के भीतर एक अजीब सी बेचैनी उठती। यह बेचैनी उसे वर्षों बाद एक बार फिर अपनी जवानी का अहसास दिला रही थी। **अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस** शायद इसी तरह से शुरू होता है, जहाँ उम्मीदें दम तोड़ चुकी होती हैं।
एक शाम, बारिश की फुहारों के बीच, आर्यन रीना के दरवाज़े पर खड़ा था, उसके हाथों में कुछ किराना का सामान था जो उसने गलती से रीना का समझ लिया था। “माफ़ कीजिएगा रीना जी, ये शायद आपका सामान है।” उसकी आवाज़ में एक मीठी खनक थी। रीना ने मुस्कुराकर सामान लिया, “कोई बात नहीं आर्यन। अंदर आ जाओ, इतनी बारिश में बाहर क्यों खड़े हो?” आर्यन ने मुस्कुराते हुए हामी भरी।
जैसे ही आर्यन अंदर आया, रीना के छोटे से बैठक में एक नई ऊर्जा भर गई। उसने उसे कॉफी दी, और वे बातें करने लगे। बातें सामान्य थीं, मौसम पर, शहर पर, पर उनकी आँखों का मौन संवाद कुछ और ही कह रहा था। आर्यन की नज़रें रीना के चेहरे पर ठहरतीं, उसके सुडौल बाज़ुओं पर, फिर उसके वक्ष के उभारों पर, जो उसके हल्के नीले कुर्ती में साफ झलक रहे थे। रीना को उसकी नज़रें महसूस हो रही थीं, और यह उसे असहज करने की बजाय, एक अजीब सा रोमांच दे रहा था। उसके शरीर में एक मीठी झुरझुरी दौड़ गई।
“मुझे लगता है, आप कुछ ढूंढ रही हैं, रीना जी?” आर्यन ने अचानक पूछा, उसकी आवाज़ में एक दबंगता थी।
रीना चौंक गई, “क्या मतलब?”
“आपकी आँखों में मैंने एक खालीपन देखा है… और एक चाहत भी।” आर्यन ने उठकर धीरे से रीना का हाथ पकड़ लिया। उसकी उंगलियों का स्पर्श रीना के लिए बिजली के झटके जैसा था। बरसों बाद किसी मर्द का यह स्पर्श… यह गर्मजोशी…
रीना कुछ बोल न सकी, बस उसकी आँखों में देख रही थी। आर्यन ने धीरे से उसके हाथ पर अपनी उंगलियाँ फेरीं, फिर उसके कंधे पर हाथ रखा और उसे अपनी ओर खींच लिया। रीना ने पलकें मूंद लीं, उसके होंठ प्यासे थे, उसकी देह बरसों से इस प्यास को बुझाने का इंतज़ार कर रही थी।
आर्यन के होंठों ने रीना के होंठों को छुआ। यह एक हल्का, सहमा हुआ स्पर्श था, जो तुरंत ही एक गहरे, जोशीले चुंबन में बदल गया। रीना ने अपनी सारी इच्छाएँ, सारी दबी हुई वासनाएँ उस चुंबन में उड़ेल दीं। उसकी साँसें तेज़ हो गईं, उसके हाथों ने आर्यन की कमीज़ को कसकर पकड़ लिया। आर्यन ने उसे अपनी बाहों में उठाया और उसे सोफे पर बिठा दिया, खुद उसके ऊपर झुक गया। उसके हाथ रीना की कमर पर सरके, फिर धीरे-धीरे उसके कुर्ती के नीचे जा पहुँचे। रीना सिहर उठी, उसकी आह उसके गले में अटक गई।
“आप बहुत सुंदर हैं, रीना जी,” आर्यन ने उसके कान में फुसफुसाया, और उसके कान की लोब को अपने होंठों से छुआ। रीना का बदन थरथराने लगा। आर्यन ने धीरे-धीरे रीना की कुर्ती के बटन खोले, फिर उसके अंदर पहनी ब्रा को सरकाया। रीना के सुडौल वक्ष, जो वर्षों से ढके हुए थे, अब आर्यन की आँखों के सामने थे। आर्यन की आँखों में वासना की आग दहक उठी। उसने झुककर उसके एक स्तन को अपने मुँह में भर लिया, और उसे चूसने लगा। रीना के मुँह से एक मदहोश कर देने वाली चीख निकली। उसका शरीर अब पूरी तरह से आर्यन के हवाले था।
आर्यन ने एक-एक करके रीना के कपड़े उतारे, और फिर अपने भी। उनकी नग्न देहें एक-दूसरे से लिपट गईं। आर्यन ने रीना को उठाकर अपने बेडरूम में ले गया। उनके शरीर की गर्मी, उनकी साँसों की गति, सब एक दूसरे में घुलमिल गए थे। बेडरूम की हल्की रोशनी में, रीना का शरीर और भी कामुक लग रहा था। आर्यन ने उसे बिस्तर पर धीरे से लिटाया, और खुद उसके ऊपर आ गया। रीना की आँखों में एक अजीब सी चमक थी, एक नई ज़िंदगी की चाहत।
आर्यन ने धीरे-धीरे अपनी कमर हिलाई, और रीना के भीगे हुए द्वार पर अपनी मर्दानगी टिका दी। रीना ने एक गहरी साँस ली, और उसे अंदर आने का इशारा किया। जैसे ही आर्यन उसके भीतर समाया, रीना के मुँह से एक मीठी, दर्द भरी आह निकली। यह दर्द नहीं, एक गहन संतुष्टि का अहसास था, एक बरसों पुराने सूखे को बुझाने वाला झरना। उनकी देहें एक दूसरे में ऐसे समा गईं, मानो बरसों से इसी मिलन का इंतज़ार कर रही हों। हर धड़कन, हर आह, हर स्पर्श इस बात का गवाह था कि **अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस** अब अपने चरम पर था।
उनकी आवाज़ें, उनकी साँसें, उनके पसीने की बूंदें, सब कुछ उस रात की गवाह थीं। रीना ने अपनी आँखें खोलीं और आर्यन को निहारते हुए एक गहरी साँस ली। यह अहसास अद्भुत था, किसी सपने से भी परे। वह आर्यन की बाहों में लिपटी हुई थी, उसका बदन थका हुआ पर मन संतुष्ट। यह सिर्फ़ एक रात का जुनून नहीं था, बल्कि एक नई सुबह का वादा था। **अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस** अब बस शुरू हुआ था, और रीना जानती थी कि यह उसके जीवन का सबसे खूबसूरत अध्याय बनने वाला था।
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