रीना की आँखों में एक ऐसी आग थी जो राहुल को हर पल जलाती रहती थी, और वह जानता था कि उसके लिए राहुल के दिल में एक अलग ही **ऑफिस कलीग के साथ बेकाबू प्यार** उमड़ रहा था। आज ऑफिस में देर हो चुकी थी। सिर्फ़ राहुल और रीना ही बचे थे, एक ज़रूरी प्रेजेंटेशन पर काम करते हुए। बाहर हल्की बारिश हो रही थी, और अंदर एसी की ठंडक के बावजूद, माहौल में एक अजीब सी गरमाहट घुल रही थी।
“राहुल, ये स्लाइड थोड़ी और प्रभावशाली बनाओ,” रीना ने झुकर स्क्रीन की तरफ़ इशारा करते हुए कहा। उसकी साड़ी का पल्लू थोड़ा खिसक गया, और राहुल की नज़रें पल भर के लिए उसकी भरी हुई छाती पर अटक गईं। उसकी साँसें तेज़ हो गईं। उसने नज़रें उठाईं तो देखा रीना भी उसे ही देख रही थी, उसकी आँखों में एक शरारती चमक थी। “क्या हुआ, राहुल?” उसने धीमी, कातिलाना आवाज़ में पूछा। “कुछ नहीं, बस… काम में खो गया था,” राहुल ने लड़खड़ाती आवाज़ में कहा।
घड़ी रात के दस बजा चुकी थी। प्रेजेंटेशन ख़त्म हो गया था, लेकिन दोनों में से कोई जाने का नाम नहीं ले रहा था। “लगता है आज रात हमें यहीं रुकना पड़ेगा,” रीना ने कहा और अपनी कुर्सी से उठकर राहुल के पास आई। उसके शरीर से मोगरे की धीमी ख़ुशबू आ रही थी, जिसने राहुल की इंद्रियों को उत्तेजित कर दिया। “या फिर… कहीं और?” राहुल ने हिम्मत करके पूछा, उसकी आँखें रीना के लबों पर टिकी थीं। रीना मंद-मंद मुस्कुराई, “मेरा अपार्टमेंट नज़दीक है, कॉफ़ी पीते हैं?”
राहुल का दिल ज़ोरों से धड़क रहा था। यह कॉफ़ी सिर्फ़ कॉफ़ी नहीं थी, यह उनके बीच पनप रहे **ऑफिस कलीग के साथ बेकाबू प्यार** की शुरुआत थी, जो अब अपनी सारी हदें तोड़ने को आतुर था। रीना के अपार्टमेंट पहुँचते ही, दरवाज़ा बंद होते ही, राहुल ने बिना देर किए उसे अपनी बाहों में भर लिया। रीना ने भी पूरी शिद्दत से उसे जकड़ लिया। उनके होंठ एक-दूसरे से मिले, एक गहरी, बेताब, प्यासी चुंबन में बदल गए। राहुल ने रीना के मुलायम होंठों को चूसना शुरू किया, उसकी ज़बान उसकी ज़बान से टकराई और दोनों की साँसों की लय तेज़ होने लगी।
राहुल के हाथ रीना की कमर पर कस गए, और उसने उसे और क़रीब खींच लिया। रीना के हाथों ने राहुल की गर्दन को थाम लिया, और वह अपने शरीर को राहुल से रगड़ती जा रही थी। “राहुल…” रीना की आवाज़ साँसों में घुट सी गई। राहुल ने उसे गोद में उठा लिया और बेडरूम की तरफ़ बढ़ गया। पलंग पर रखते ही, राहुल ने बिना देरी किए रीना की साड़ी का पल्लू एक झटके में खींच दिया। रेशम की साड़ी सरक कर ज़मीन पर गिरी। रीना के गुलाबी ब्लाउज और पेटीकोट में लिपटा बदन राहुल के सामने था, जो उसकी आँखों में आग लगा रहा था।
रीना ने भी राहुल की शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए। एक-एक करके कपड़े ज़मीन पर गिरने लगे। अब दोनों नग्न अवस्था में एक-दूसरे के सामने थे, उनकी नज़रें एक-दूसरे के जिस्म पर घूम रही थीं, उनमें वासना और चाहत की गहरी लपटें थीं। राहुल ने रीना को फिर से अपनी बाहों में लिया और उसे अपने नीचे खींच लिया। उनके शरीर एक-दूसरे से चिपक गए, त्वचा से त्वचा का स्पर्श बिजली की तरह दौड़ा रहा था। राहुल ने रीना के स्तन अपनी हथेलियों में भर लिए, उनके उभारों को सहलाते हुए उसने अपने होंठ रीना के गले पर टिका दिए और एक के बाद एक गरम चुंबन देने लगा।
रीना की आहें उसके मुँह से निकलने लगीं। राहुल नीचे खिसकता गया, उसके पेट, उसकी नाभि को चूमता हुआ, और फिर उसकी जाँघों के बीच पहुँच गया। रीना का शरीर ऐंठने लगा। राहुल ने अपनी ज़बान से उसके सबसे अंतरंग हिस्से को सहलाना शुरू किया। रीना की चीखें और आहें बेडरूम में गूँज उठीं। वह पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी, उसका बदन ऐंठ रहा था, और वह राहुल को अपने अंदर महसूस करने के लिए छटपटा रही थी।
“राहुल… अब और नहीं रुका जाता,” रीना ने हाँफते हुए कहा। राहुल ने एक बार फिर उसके होंठों को चूमते हुए अपनी जगह बनाई। उसने धीरे-धीरे उसे अपने अंदर समाहित करना शुरू किया। रीना की आँखें बंद हो गईं, उसके मुँह से गहरी आह निकली, जैसे ही वह पूरी तरह से उसमें समा गया। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ लिया। राहुल ने धीरे-धीरे अपनी लय बनानी शुरू की। उनकी धड़कनें, उनकी साँसें और उनके शरीर की हरकतें एक-दूसरे से घुलमिल गईं। पलंग चरमराह रहा था, और बेडरूम उनके प्यार की, उनकी वासना की आहों और फुसफुसाहटों से भर गया था।
राहुल ने अपनी गति बढ़ाई, और रीना भी उसके साथ ताल मिलाने लगी। उनका यह **ऑफिस कलीग के साथ बेकाबू प्यार** अब अपनी चरम सीमा पर था। दोनों ने कई बार अपनी उत्तेजना के ज्वार को महसूस किया, उनकी रगों में एक अद्भुत ऊर्जा दौड़ रही थी। अंत में, एक गहरी, संतुष्टि भरी आह के साथ, दोनों एक-दूसरे में पूरी तरह से खो गए। उनके शरीर शिथिल होकर एक-दूसरे से चिपके हुए थे, उनकी साँसें अभी भी तेज़ थीं। रीना ने राहुल के सिर को अपनी छाती से लगाया और उसकी पीठ पर धीरे-धीरे हाथ फेरने लगी। यह रात केवल वासना की रात नहीं थी, यह एक गहरे भावनात्मक जुड़ाव की भी शुरुआत थी, जिसने उनकी आत्माओं को भी एक-दूसरे से जोड़ दिया था। वे दोनों जानते थे कि यह रात उनके जीवन में एक नया अध्याय लिख चुकी थी, जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे।
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