बारिश की बूंदों ने कमरे की खिड़की पर दस्तक दी और प्रिया के अधरों से निकली मदहोश कर देने वाली आह ने राज के दिल को सीधे छू लिया। रात गहरा चुकी थी, और बाहर मूसलाधार बारिश ने दुनिया को एक शांत, अंतरंग घेरे में समेट लिया था। राज ने दरवाजा बंद किया और मुड़कर प्रिया को देखा, जो साड़ी की हल्की पल्लू में लिपटी, पलंग पर अधलेटी उसका इंतजार कर रही थी। उसकी आँखें, कामुकता और बेताबी से चमक रही थीं, मानों कह रही हों – “आज कोई सीमा नहीं।”
राज ने मुस्कुराते हुए अपनी शर्ट उतारी, उसकी हर हरकत प्रिया की साँसों को तेज कर रही थी। प्रिया ने फुसफुसाते हुए कहा, “आज रात भर की हॉट बातें हिंदी में करनी हैं, राज… सिर्फ हमारी, सिर्फ यहीं।” राज उसके पास आया, पलंग पर उसके बगल में बैठ गया और धीरे से उसके चेहरे पर गिरी लट को हटाया। “आज बातें कम, स्पर्श ज्यादा होंगे, मेरी जान,” उसने प्रिया के कान में गरमाहट भर दी।
प्रिया ने अपनी आँखें बंद कर लीं, जब राज के होंठ उसकी गर्दन पर उतरे। एक भीनी-भीनी खुशबू ने राज को और उत्तेजित कर दिया। उसने प्रिया की साड़ी का पल्लू हटाया और उसके कंधे पर एक गहरी चूम दी। प्रिया का जिस्म काँप उठा। राज ने उसकी साड़ी खोली, एक-एक करके कपड़े उतारते हुए, उसके सुडौल बदन को निहारता रहा। जब प्रिया का नग्न जिस्म राज के सामने था, उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी – प्यार, भूख और अदम्य वासना की चमक। प्रिया ने भी बिना देर किए राज के बचे हुए कपड़े उतार दिए। अब दोनों जिस्म नग्न, एक-दूसरे की गरमाहट महसूस कर रहे थे।
राज ने प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया, उनके होंठ एक-दूसरे से जुड़ गए। एक गहरी, जोशीली चुंबन जिसने उनके भीतर की सारी हदों को तोड़ दिया। राज के हाथ प्रिया की कमर से होते हुए उसकी नितंबों तक पहुंचे, उन्हें कस कर अपनी ओर खींच लिया। प्रिया की साँसें तेज हो चुकी थीं, और उसकी आहें राज के मुँह में घुल रही थीं। राज ने उसे पलंग पर धकेला और उसके ऊपर आ गया, अपने वजन से उसे दबाता हुआ, लेकिन इतने प्यार से कि प्रिया को सिर्फ उसका स्पर्श महसूस हुआ।
राज के होंठ प्रिया के स्तनों पर उतर गए, एक निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा, तो दूसरे को अपनी उंगलियों से सहलाने लगा। प्रिया के मुँह से दर्द और आनंद से मिली हुई एक तेज चीख निकल गई। “और… और तेज, राज,” वह हाँफते हुए बोली। राज जानता था कि उसे क्या चाहिए। उसने अपनी जीभ प्रिया के पेट पर घुमाई, नाभि को छुआ और फिर धीरे-धीरे नीचे उतरने लगा, जहाँ प्रिया की योनि का प्रवेश द्वार कामुकता से लाल हो रहा था। प्रिया ने अपनी टांगें चौड़ी कर लीं, पूरी तरह से राज के हवाले।
राज ने अपनी जीभ से प्रिया के सबसे अंतरंग हिस्से को सहलाना शुरू किया। प्रिया की कमर उछलने लगी, उसकी साँसें बेकाबू हो गईं। “राज… मैं… मैं नहीं रोक सकती खुद को!” वह कराह उठी। राज ने कुछ देर और उसे तड़पाया, और फिर धीरे से अपने लिंग को प्रिया की योनि के प्रवेश द्वार पर रखा। प्रिया ने अपनी टांगों से उसे कस लिया, और एक गहरी साँस लेकर बोली, “अंदर आओ… मुझे पूरा करो।”
राज ने धीरे-धीरे अपने लिंग को प्रिया की गर्माहट में धकेला। पहली बार में ही प्रिया ने एक सुखद चीख भरी। राज ने अपनी गति बढ़ाई, हर धक्के के साथ प्रिया के शरीर में एक नई लहर दौड़ रही थी। पलंग की आवाजें, उनके जिस्मों की धमक और प्रिया की मादक आहें कमरे में गूंज उठीं। “यही तो हैं हमारी रात भर की हॉट बातें हिंदी में, मेरी जान… हर स्पर्श, हर आह!” राज ने उसके कान में फुसफुसाया। प्रिया ने अपनी कमर उठाई, राज के हर धक्के का जवाब देती हुई। उनके शरीर पसीने से भीग चुके थे, लेकिन उनकी आग अभी तक बुझी नहीं थी।
एक तीव्र गति से, दोनों एक-दूसरे में खोए रहे। प्रिया ने अपने नाखूनों से राज की पीठ खरोंच दी, उसकी आँखें खुशी और दर्द के मिश्रण से बंद थीं। कुछ ही देर में, प्रिया का शरीर काँपने लगा, उसने राज को कस कर पकड़ लिया, और एक तेज चीख के साथ उसका चरमोत्कर्ष हो गया। राज भी कुछ ही पलों बाद उसके भीतर ही अपनी सारी गर्माहट उड़ेलते हुए, प्रिया के ऊपर निढाल हो गया।
दोनों एक-दूसरे से चिपके हुए, हाँफते रहे। बाहर बारिश अभी भी हो रही थी, लेकिन उनके भीतर एक अलग ही शांति और तृप्ति थी। प्रिया ने राज के सीने पर सिर रखा और उसके बालों को सहलाने लगी। “यह रात… हमेशा याद रहेगी,” उसने धीमी आवाज में कहा। राज ने उसे कस कर अपनी बाहों में भर लिया, जानता था कि ऐसी रातें, ऐसी रात भर की हॉट बातें हिंदी में, उनके जीवन का अटूट हिस्सा थीं, और हमेशा रहेंगी।
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