आज प्रिया ने अपने पति रवि के लिए कुछ ऐसा सोचा था, जो उनकी शादीशुदा ज़िंदगी में एक नई आग लगा दे। शाम ढलते ही, जब रवि अपने दफ़्तर से थका-हारा लौटा, तो घर में फैली चमेली की भीनी-भीनी खुशबू ने उसके मन को तरोताज़ा कर दिया। “प्रिया?” उसने पुकारा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बेडरूम का दरवाज़ा हल्का खुला था और अंदर से धीमी, मदहोश कर देने वाली संगीत की धुन आ रही थी। रवि का दिल अनायास ही तेज़ धड़क उठा।
वह धीरे से बेडरूम के अंदर दाखिल हुआ। जो नज़ारा उसकी आँखों के सामने था, उसने रवि की सारी थकान पल भर में गायब कर दी। पूरा कमरा मोमबत्तियों की सुनहरी रोशनी से जगमगा रहा था, जिससे दीवारों पर नाचती परछाइयाँ एक जादुई माहौल बना रही थीं। गुलाब की पंखुड़ियाँ बिस्तर से लेकर ज़मीन तक बिखरी थीं, और हवा में कोई मादक इत्र घुला था। बिस्तर के ठीक बीच में प्रिया, एक रेशमी, लाल रंग की पारदर्शी नाइटी में बैठी थी, जिसके आर-पार उसका सुडौल बदन साफ़ दिख रहा था। उसकी आँखें रवि को अपने आगोश में लेने के लिए बेताब थीं।
“यह सब क्या है?” रवि की आवाज़ में आश्चर्य और उत्तेजना दोनों थे।
प्रिया ने शरारती मुस्कान के साथ कहा, “यह है तुम्हारे लिए, मेरे प्यारे, एक बेडरूम में रोमांटिक सरप्राइज हिंदी।” उसकी आवाज़ में शहद सी मिठास थी।
रवि ने एक भी पल गंवाए बिना, दरवाज़ा बंद किया और प्रिया की ओर बढ़ा। मोमबत्ती की रोशनी में प्रिया की त्वचा सोने सी चमक रही थी। जैसे ही रवि उसके पास पहुँचा, प्रिया ने उसे अपनी बाहों में खींच लिया। उनके होंठ एक-दूसरे से मिले और एक लंबी, गहरी चुंबन में खो गए। रवि की हथेलियाँ प्रिया की नग्न पीठ पर रेंगने लगीं, उसकी मुलायम त्वचा को सहलाते हुए। प्रिया ने अपनी साँसों को रवि की साँसों में घुलने दिया, उसकी जीभ रवि की जीभ के साथ एक मोहक नृत्य कर रही थी।
“आज सिर्फ हम हैं, और यह रात है,” प्रिया ने फुसफुसाते हुए कहा, उसके होंठ रवि के गर्दन पर उतर आए और हल्के-हल्के चूमने लगे। रवि का रोम-रोम सिहर उठा। उसने प्रिया को अपनी बाहों में उठाया और उसे आहिस्ता से बिस्तर पर लिटा दिया। गुलाब की पंखुड़ियाँ उनके जिस्मों के नीचे दबकर एक नई महक फैला रही थीं। रवि ने प्रिया के ऊपर झुककर उसकी नाइटी के पतले स्ट्रैप्स को हटाना शुरू किया। रेशमी कपड़ा उसके बदन से फिसलकर ज़मीन पर गिर गया, और अब प्रिया मोमबत्ती की रोशनी में पूर्णतः नग्न थी। उसका भरा हुआ वक्ष, उसके सुडौल स्तन, रवि को अपनी ओर खींच रहे थे।
रवि ने अपने होंठ उसके स्तनों पर टिकाए, एक-एक निप्पल को चूसते हुए। प्रिया की आहें कमरे में गूँजने लगीं। वह अपने हाथों से रवि के बालों को सहला रही थी, और उसके नाखूनों से हल्की-हल्की खरोंचें रवि की पीठ पर उतर रही थीं। “और करीब आओ, मेरे प्यार,” प्रिया ने सिसकते हुए कहा। रवि ने अपनी पैंट उतारी और प्रिया के ऊपर आकर उसके पैरों को अपने कमर के चारों ओर कस लिया। उनके जिस्मों का स्पर्श एक-दूसरे को आग लगा रहा था।
रवि ने धीरे से अपने लिंग को प्रिया की योनि के द्वार पर टिकाया। प्रिया ने अपनी कमर ऊपर उठाई और रवि को अपने अंदर समाहित करने की अनुमति दी। पहला प्रवेश गहरा और संतोषजनक था। प्रिया की आँखें बंद हो गईं, उसके मुँह से एक मदहोश कर देने वाली चीख निकली। रवि ने धीरे-धीरे, लयबद्ध तरीके से गति बढ़ाई। उनके जिस्मों की रगड़ से बिस्तर की चादरें सिकुड़ गईं। प्रिया ने अपने पैरों से रवि को और कसकर जकड़ लिया, जैसे उसे अपने अंदर पूरी तरह समा लेना चाहती हो।
उनकी हर सांस, हर स्पर्श इस बेडरूम में रोमांटिक सरप्राइज हिंदी का हिस्सा था, जो उनकी रूह तक को छू रहा था। रवि ने प्रिया के कान में फुसफुसाया, “तुम मेरी हो, सिर्फ मेरी।” प्रिया ने उसकी पीठ पर कसकर नाखून गड़ाए और अपने होंठ रवि के होंठों पर रखकर चुंबन को और गहरा कर दिया। वे एक-दूसरे में इस कदर खो गए थे कि समय और दुनिया का भान ही नहीं रहा। उनकी वासना एक चरम पर पहुँच गई। रवि ने अपनी सारी ऊर्जा प्रिया में उड़ेल दी, और प्रिया ने भी एक तीव्र आलिंगन के साथ उस सुख को ग्रहण किया।
दोनों हाँफते हुए एक-दूसरे के बगल में लेट गए, उनके जिस्म पसीने से भीगे हुए थे, लेकिन उनके चेहरे पर एक गहरी संतुष्टि और अगाध प्रेम की चमक थी। मोमबत्तियाँ धीमी जल रही थीं, और गुलाब की पंखुड़ियाँ उनके सुखमय मिलन की गवाह थीं। प्रिया ने रवि का हाथ पकड़ा और उसे अपने सीने पर रखा। “धन्यवाद, मेरे राजा,” उसने फुसफुसाते हुए कहा। “आज का यह बेडरूम में रोमांटिक सरप्राइज हिंदी… मैं इसे कभी नहीं भूलूंगी।” रवि ने उसे अपनी बाहों में कस लिया और उसके माथे पर एक प्यार भरा चुंबन दिया। यह रात केवल वासना की नहीं, बल्कि उनके प्रेम और विश्वास की भी थी, जिसने उनकी आत्माओं को एक बार फिर से जोड़ दिया था।
Leave a Reply