Tag: रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला
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वासना की अग्नि: रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला
सविता ने जब अपनी साड़ी का पल्लू सरकाया, रवि की आँखें उसके गुलाबी पेट पर टिक गईं, और उसे पता था कि आज की रात सिर्फ एक रात नहीं होगी, बल्कि एक ऐसा रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला होगा, जिसकी तड़प वे दोनों ही बरसों से महसूस कर रहे थे। उमस भरी जून…
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पलंग तोड़ प्यार की रात: रात भर चलने वाला इश्क़ का सिलसिला
राहुल ने जब प्रिया की साड़ी का पल्लू सरकाया, तो उसके भीतर की आग और भड़क उठी। गर्मी की उमस भरी रात थी, और उनके जिस्मों के बीच की गर्मी उसे और बढ़ा रही थी। राहुल की उंगलियाँ प्रिया की चिकनी कमर पर फिसलीं, और उसने एक गहरी साँस ली। उसकी आँखें राहुल की आँखों…
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रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला: जब जिस्मों की प्यास बुझेगी नहीं
नीलम की आँखों में वो आग थी, जो आज सारी रात रवि को जलाकर राख कर देने वाली थी। रात के गहरे साये में, उनके छोटे से बेडरूम में सिर्फ दीये की मंद रोशनी टिमटिमा रही थी, जो उनके जिस्मों पर रहस्यमयी परछाइयाँ बना रही थी। रवि ने नीलम की कमर पर हाथ रखते हुए…
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रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला: जब कामुकता ने ली अंगड़ाई
आज रात, पसीने से तरबतर उस उमस भरी हवा में, गीता का हर अंग रवि की छूअन के लिए तड़प रहा था। रवि ने जैसे ही दरवाज़ा बंद कर धीरे से कुंडी लगाई, गीता की साँसें रुक सी गईं। उनकी आँखों में आज की रात के लिए एक अनकही भूख साफ़ झलक रही थी। उसने…
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न बुझने वाली प्यास: रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला
रवि ने जैसे ही कमरे का दरवाज़ा खोला, उसे सामने पलंग पर लेटी सुनीता अपनी साड़ी के पल्लू को सरकाते हुए मिली। उसकी आँखें रवि को देख कामुकता से चमक उठीं। कमरे की मंद रोशनी में सुनीता का गोरा बदन किसी देवदासी सा प्रतीत हो रहा था। रवि का दिल धड़कने लगा। उसने दरवाज़ा बंद…
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अंग-अंग सुलगाती रात: रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला
सुरेश की आँखें मेरे गुलाब से होठों पर टिकी थीं, और मैं जानती थी कि आज रात की प्यास सिर्फ एक चुंबन से बुझने वाली नहीं है। गर्मियों की उमस भरी रात थी, खिड़की से आती हल्की हवा भी बदन में उठती गरमाहट को कम नहीं कर पा रही थी। हमारी छोटी-सी दुनिया, हमारा शयनकक्ष,…