Tag: desi lund
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पलंगतोड़ जीजा साली: बेडरूम में नंगे जज़्बात
कमरे में फैली हल्की खुशबू और बिजली की धीमी रोशनी में रिया के गुलाबी होंठ रोहन को आज कुछ अलग ही मदहोश कर रहे थे। बहन नेहा की शादी के बाद यह रिया का पहला लम्बा रुकना था, और इन कुछ दिनों में जीजा-साली के रिश्ते की अदृश्य दीवारें धीरे-धीरे ढहने लगी थीं। नेहा, अपनी…
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खुले जिस्म, बंद दरवाज़े: छुप छुप कर प्यार करने की उत्तेजित कहानी
जब राजन के हाथों ने प्रिया की कमर पर सरकते हुए, उसकी साड़ी का पल्लू नीचे गिराया, तो हवा में एक अजीब सी उत्तेजना घुल गई। दोपहर का समय था, गाँव का घर शांत था, और सूरज की तीखी किरणें भी बंद कमरे की दीवारों को भेद नहीं पा रही थीं। यही वो वक़्त होता…
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छुप छुप कर प्यार करने की कहानी: देवर-भाभी का गुप्त वासना-स्थल
प्रिया की आँखें तो अपनी चारपाई पर थीं, पर मन देवर रमेश की हरकतों में अटका था। गाँव की गर्मियों की रातें लंबी और उमस भरी होती थीं, पर आज की रात प्रिया के लिए कुछ और ही गर्मी लिए थी। पति अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते, और यह अकेलापन, यह शारीरिक प्यास…
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चोरी चोरी का रसीला मिलन: छुप छुप कर प्यार की गरम दास्तान
उसकी साड़ी के पल्लू से रिसती पसीने की गंध राकेश की नसों में आग लगा देती थी। सरिता, पड़ोस की वह नई नवेली बहू, जिसकी आँखों में एक अजीब सी ललक थी, जब भी राकेश के सामने से गुजरती, उसकी धड़कनें बेकाबू हो जातीं। दोनों जानते थे कि यह गलत है, पर इस अनकहे आकर्षण…
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हवेली की काली कोठरी में बुनीं अश्लील प्रेम कहानियाँ
उस सुनसान हवेली की हर दीवार में एक राज़ दबा था, लेकिन हमारा राज़ सबसे मीठा था, सबसे गहरा। हर शाम, सूरज ढलते ही, मेरे दिल की धड़कनें तेज होने लगती थीं। प्रिया, तुम्हारे आने की आहट, तुम्हारी हल्की पायल की झंकार मेरे रोम-रोम में सनसनी दौड़ देती थी। तुम्हारी काली साड़ी में ढका बदन,…
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रात के घूंघट में: छुप छुप कर प्यार की आग
राहुल के दिल की धड़कनें बेकाबू थीं, जैसे ही प्रिया ने अपना आँचल सरका कर उसकी ओर देखा। रात गहरा चुकी थी और गाँव के सारे लोग अपनी नींद में डूबे थे, सिवाय उन दो रूहों के जिनके जिस्म एक-दूसरे की आग में जलने को बेताब थे। पगडंडी पर महुआ के पेड़ों की छाया में…
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रात के पहरे में: छुप छुप कर प्यार करने की कहानी का मीठा जुर्म
अंधेरी रात के साए में, प्रिया के होठों की मदहोश करने वाली खुश्बू रोहन को हमेशा अपनी ओर खींच लाती थी। आज भी, गाँव की गलियों में सन्नाटा पसरा था, चाँद बादलों के पीछे छिपा था, और रोहन दबे पाँव प्रिया के घर की छत की ओर बढ़ रहा था। उसकी धड़कनें किसी ढोल की…
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छिपी चाहत का मीठा ज़हर: एक छुप छुप कर प्यार करने की कहानी
अंधेरी रात की चुप्पी में, बस उसकी पायल की हल्की छनछन मेरी रूह में आग लगा रही थी। दीवार की ओट से, मैंने प्रिया को अपने आँगन में कदम रखते देखा। उसकी साड़ी की पतली किनारी चाँदनी में चमक रही थी, और उसके घुँघराले बाल उसके गोरे गालों पर इतरा रहे थे। मैं, रवि, वहीं…
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छुप छुप कर प्यार करने की कहानी: मेरा चोरी का बदन, पड़ोसी की प्यास
उसकी आँखें मिलीं और मेरे जिस्म में आग सी लग गई। गर्मियों की गर्म रात थी और हवा में मोगरे की धीमी खुशबू तैर रही थी। मैं अपने घर की बालकनी में बैठा था जब सामने वाली बालकनी से प्रिया ने मुझे एक चोर नज़रों से देखा, उसकी आँखों में वही पुरानी, जानी-पहचानी प्यास थी…