बस स्टॉप पर मिला प्यार का इशारा: देह की प्यास, रूह की आग
उसकी निगाहें जब मेरी आँखों से मिलीं, तो बस स्टॉप की भीड़ भी गायब हो गई, सिर्फ एक अजीब सी गर्मी थी जो मेरे भीतर सुलग...
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उसकी निगाहें जब मेरी आँखों से मिलीं, तो बस स्टॉप की भीड़ भी गायब हो गई, सिर्फ एक अजीब सी गर्मी थी जो मेरे भीतर सुलग...
उसकी रेशमी साड़ी में लिपटी भरी हुई कमर ने रवि की आँखों में जैसे आग सी लगा दी थी। प्रिया, बस स्टॉप पर अकेली खड़ी, अप...
उस बस स्टॉप पर मेरी आँखें उससे टकराईं और मानो मेरे जिस्म में आग लग गई। बारिश की हल्की फुहारों के बीच, जब प्रिया ने ...
गर्मी की उमस भरी दोपहर में जब प्रिया बस स्टॉप पर अपनी साड़ी ठीक कर रही थी, उसे पता नहीं था कि कुछ देर में उसका जिस्...
नेहा बस स्टॉप पर खड़ी थी, उमस भरी गर्मी और शरीर में उठती अजीब सी बेचैनी उसके अंदर आग लगा रही थी। उसकी हल्की गुलाबी ...
उसकी आँखों की शरारत भरी गहराई ने मीना के अंदर एक अनजानी आग लगा दी थी, ठीक उस भरी दोपहरी में जब वह बस स्टॉप पर बैठी ...
गर्मी से बेहाल, पसीने में लथपथ प्रिया बस स्टॉप पर खड़ी थी, जब एक अजनबी की तेज़, बेबाक नज़र ने उसके अंदर की सुलगती आ...
उस दुपहरी की घुटन भरी गर्मी में, जब हवा भी जैसे थम सी गई थी, प्रिया का दुपट्टा उसके कंधे से फिसलकर जरा नीचे सरका और...
उसकी साड़ी का पल्लू जब हवा में लहराया, तो मेरी नजरें वहीं अटक गईं, जैसे किसी शिकारी की अपने शिकार पर। दोपहर की तपती...
सर्द हवा के झोंके के बावजूद सीमा का तन पसीने से भीगा जा रहा था, और उसकी साड़ी का पल्लू बार-बार सरक कर उसके उभारों को...
सुबह की भागदौड़ में अक्सर कुछ पल ऐसे होते हैं जो ज़िन्दगी बदल देते हैं, और मेरे लिए वो पल एक बस स्टॉप पर प्रिया की ...
उसकी आँखों में गहरा समंदर था, जिसमें डूब जाने को मेरा हर अंग बेताब था। मैं बस स्टॉप पर खड़ा अपनी बस का इंतज़ार कर र...
शाम की धीमी रोशनी में, बस स्टॉप पर खड़ी प्रिया की साड़ी का पल्लू हवा में लहराया, और राहुल की नज़रें बस वहीं अटक गईं...
उसकी निगाहें मेरे सीने पर टिकते ही, मुझे लगा जैसे मेरे भीतर कहीं आग लग गई हो। बस स्टॉप पर यूँ तो हज़ारों आते-जाते ह...
मुंबई की उमस भरी शाम में, बस स्टॉप पर खड़ी मीरा का बदन उसके नीले सूट में भी आग लगा रहा था। उसकी कमर की हलकी सी लचक ...