Author: admin
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छिपी चाहत का मीठा ज़हर: एक छुप छुप कर प्यार करने की कहानी
अंधेरी रात की चुप्पी में, बस उसकी पायल की हल्की छनछन मेरी रूह में आग लगा रही थी। दीवार की ओट से, मैंने प्रिया को अपने आँगन में कदम रखते देखा। उसकी साड़ी की पतली किनारी चाँदनी में चमक रही थी, और उसके घुँघराले बाल उसके गोरे गालों पर इतरा रहे थे। मैं, रवि, वहीं…
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छुप छुप कर प्यार करने की कहानी: मेरा चोरी का बदन, पड़ोसी की प्यास
उसकी आँखें मिलीं और मेरे जिस्म में आग सी लग गई। गर्मियों की गर्म रात थी और हवा में मोगरे की धीमी खुशबू तैर रही थी। मैं अपने घर की बालकनी में बैठा था जब सामने वाली बालकनी से प्रिया ने मुझे एक चोर नज़रों से देखा, उसकी आँखों में वही पुरानी, जानी-पहचानी प्यास थी…
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बंद दरवाज़ों का राज़: रीना की दहकती प्यास
दोपहर की तपती धूप में, रीना के जिस्म में भी एक अजीब सी आग सुलग रही थी। उसका पति प्रकाश शहर गया हुआ था, और गाँव का घर बिल्कुल शांत था, जैसे हर कोने से कोई गहरी साँस ले रहा हो। रीना ने अपनी साड़ी का पल्लू थोड़ा ढीला किया, पसीने की बूँदें उसकी गर्दन…
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देवर-भाभी की चोरी-चोरी मिलन: छुप छुप कर प्यार करने की कहानी
आँखों में छिपी आग ने उस दिन रवि के सीने में ऐसा दहकना शुरू किया, कि बुझाए न बुझी। दोपहर का समय था। घर में सन्नाटा पसरा था, बड़े-बुजुर्ग दोपहर की झपकी ले रहे थे और बच्चे खेलने गए हुए थे। गीता भाभी आंगन में बैठी, माथे पर पसीने की बूंदें लिए, घुटनों तक उठी…
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पर्दों में छिपी चाहत: एक छुप छुप कर प्यार करने की कहानी
गाँव की ठंडी हवा में जब रात की रानी की मदहोश खुशबू घुलने लगी, राधा का तन-मन किशन के इंतज़ार में तपने लगा था। छत की मुंडेर पर बैठी वो चाँद को निहार रही थी, पर आँखें तो नीचे अँधेरे गलियारे पर टिकी थीं। उसका दिल धक-धक कर रहा था, ठीक वैसे ही जैसे उस…
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गेस्ट हाउस की वो बेकाबू रात: हवस और मोहब्बत का संगम
शहर की भाग-दौड़ से दूर, एक शांत कोने में, रिया और अमित ने आज रात अपनी हर दबी हुई ख्वाहिश को आज़ाद करने का फैसला किया था। जैसे ही उन्होंने गेस्ट हाउस के छोटे से, निजी कमरे में कदम रखा, हवा में एक अनकहा सा इंतज़ार तैर गया। मद्धिम रोशनी, भारी पर्दों से ढकी खिड़कियाँ…
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गेस्ट हाउस में बिताई रोमांटिक रात: प्यार का नग्न उत्सव
जैसे ही गेस्ट हाउस के कमरे का दरवाजा बंद हुआ, बाहर की दुनिया की सारी हलचल थम गई और हमारे अंदर का तूफान उमड़ पड़ा। राहुल ने मुझे अपनी बाहों में कसकर भींच लिया, उसकी साँसों की गर्म फुँककार मेरी गर्दन पर महसूस हो रही थी। “प्रिया,” उसने फुसफुसाया, उसकी आवाज में मदहोशी और एक…
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गेस्ट हाउस में वासना और प्यार से सराबोर हमारी वो रोमांटिक रात
उसकी गीली ज़ुबान ने मेरी गर्दन पर जैसे ही अपनी छाप छोड़ी, मेरे पूरे बदन में एक सिहरन सी दौड़ गई। हम पिछले कुछ घंटों से इस पल का इंतज़ार कर रहे थे, जब दुनिया से दूर, हम सिर्फ़ एक-दूसरे के होंगे। पहाड़ियों की गोद में बने इस एकांत गेस्ट हाउस में बिताई रोमांटिक रात…
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गेस्ट हाउस में वासना की आग: एक न भूलने वाली रात
जैसे ही गेस्ट हाउस के बंद कमरे का दरवाज़ा सरका, प्रिया की धड़कनें बेतहाशा तेज़ हो गईं। राहुल ने दरवाज़ा अंदर से बंद किया और तुरंत प्रिया को अपनी बाहों में भर लिया। बाहर की दुनिया से कटकर, सिर्फ इस चारदीवारी में वे दोनों थे – उनकी दबी हुई इच्छाएँ और वर्षों का संचित प्रेम,…