घड़ी की टिकटिक, बाहर फैले शहर की नीरवता में घुल रही थी, और अंजली के दिल की धड़कन उतनी ही तेज़ थी जितनी उसकी आँखें रोहन की तरफ़ मुड़ी थीं। रात के दस बज चुके थे, और पूरे विशाल दफ्तर में सिर्फ वे दो ही बचे थे – एक अधूरी प्रेजेंटेशन और अनकही भावनाएँ।
“लगता है आज फिर देर हो जाएगी, अंजली,” रोहन ने अपनी कुर्सी से उठते हुए कहा। उसकी आवाज़ में थकावट कम और एक अजीब सी गर्माहट ज़्यादा थी। अंजली ने मुस्कुराने की कोशिश की, पर उसकी नज़रें रोहन की जैकेट पर अटकी थीं, जो उसके कंधों पर इतनी अच्छी लग रही थी। वह अपनी टीम में नई थी, और रोहन, उसका सीनियर मैनेजर, हमेशा से ही उसे अपनी ओर खींचता रहा था – उसकी प्रोफेशनल कुशलता और निजी आकर्षण का एक अद्भुत मेल।
“हाँ, बस यह एक स्लाइड रह गई है,” अंजली ने कहा, अपनी आँखों को स्क्रीन पर वापस ले जाते हुए, पर उसकी एकाग्रता भंग हो चुकी थी। रोहन उसके डेस्क के करीब आ गया। उसकी महक, एक मीठी और हल्की सी, अंजली की साँसों में घुलने लगी।
“चलो, मैं मदद करता हूँ,” उसने कहा, और अंजली की कुर्सी के पीछे खड़ा हो गया। अब उनकी पीठ एक-दूसरे से हलके से छू रही थी। अंजली के रोंगटे खड़े हो गए। उसकी उंगलियाँ कीबोर्ड पर जम सी गईं।
रोहन ने झुक कर स्क्रीन की ओर देखा, “यहाँ पर तुम्हें कुछ बदलाव करने होंगे।” उसका गर्म साँस अंजली की गर्दन पर पड़ रहा था, और उसके हाथ, जो माउस की तरफ बढ़े थे, अंजली के हाथों से बस एक इंच दूर थे। इस क्षण में, उनके बीच पनपता यह रिश्ता, एक **सीक्रेट ऑफिस रोमांस शॉर्ट रीड** के हर पहलू को दर्शाता था – उत्तेजना, निषेध और एक अजीब सा खिंचाव।
“मैं… मैं कर लेती हूँ,” अंजली ने मुश्किल से अपनी आवाज़ में स्थिरता बनाए रखी।
रोहन ने धीरे से माउस उठाया, उसके हाथ की गर्माहट अंजली की उंगलियों से छूकर गुज़री। एक बिजली का झटका पूरे शरीर में दौड़ गया। अंजली ने साँस रोकी, जैसे अगर उसने साँस ली तो यह पल टूट जाएगा।
“तुम हमेशा इतनी समर्पित क्यों रहती हो?” रोहन ने धीरे से पूछा, उसकी आवाज़ अब पहले से भी कम थी, केवल उनके लिए। उसने अपना सिर अंजली के कंधे के पास झुका दिया। अब अंजली को उसके बाल अपनी कनपटी पर महसूस हो रहे थे।
अंजली ने हिम्मत करके अपनी नज़रें उठाईं। उनकी आँखें मिलीं। रोहन की आँखों में एक गहरी चमक थी, एक ऐसी चमक जो दफ्तर की रोशनी से कहीं ज़्यादा रोशन थी।
“शायद इसलिए कि मैं तुम्हें प्रभावित करना चाहती हूँ,” अंजली ने फुसफुसाते हुए कहा, और तुरंत ही उसे अपनी बात पर पछतावा हुआ। पर रोहन के होंठों पर एक हल्की सी मुस्कान फैल गई।
उसने अपना हाथ अंजली की कुर्सी के पीछे से आगे लाया, और धीरे से अंजली के गाल को छुआ। उसका स्पर्श इतना नर्म और अचानक था कि अंजली की आँखें बंद हो गईं।
“तुमने मुझे पहले ही प्रभावित कर दिया है, अंजली,” रोहन ने कहा, और उसकी उंगलियाँ अंजली के मुलायम गाल पर हल्के से सहलाने लगीं।
अंजली का दिल इतनी तेज़ धड़क रहा था कि उसे लगा कि रोहन भी उसे सुन सकता होगा। उसने धीरे से अपनी आँखें खोलीं। रोहन का चेहरा उसके इतना करीब था कि वह उसकी आँखों में अपनी परछाई देख सकती थी।
“रोहन…” अंजली के होंठों से बस इतना ही निकल पाया।
रोहन ने धीरे से अपना सिर झुकाया, और उनके होंठ एक दूसरे से मिल गए। यह कोई जल्दबाज़ी वाली, जोशीली चूमना नहीं थी, बल्कि एक धीमी, गहरी और भावुक चूमना थी जो उनके बीच के सारे अनकहे शब्दों को बयां कर रही थी। खाली दफ्तर की खामोशी में, सिर्फ उनकी साँसों की आवाज़ें गूँज रही थीं। यह सिर्फ एक काम की रात नहीं थी; यह उनकी अपनी, बेहद निजी **सीक्रेट ऑफिस रोमांस शॉर्ट रीड** का पहला अध्याय था।
जब वे अलग हुए, तो दोनों की साँसें तेज़ थीं, और उनके चेहरे लाल। रोहन ने अंजली के माथे पर अपना माथा टिका दिया।
“मुझे लगता है, अब हमें घर चलना चाहिए,” रोहन ने फुसफुसाते हुए कहा।
अंजली ने अपनी पलकें उठाईं और मुस्कुराई, “मुझे भी ऐसा ही लगता है।”
उन्होंने साथ मिलकर दफ्तर से बाहर कदम रखा, बाहर के शहर की रोशनी में, एक नए, रोमांचक और सबसे बढ़कर, बेहद गुप्त रिश्ते की शुरुआत की चमक उनके चेहरों पर साफ झलक रही थी।
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