आज हवा में कुछ अलग ही खुमार था, या शायद राहुल के अंदर पनपती चाहत ने उसे बेकरार कर रखा था। प्रिया मैम, जो उसे दसवीं का गणित पढ़ाती थीं, आज नारंगी रंग की हल्की साड़ी में और भी मनमोहक लग रही थीं। उनकी सादगी में भी एक गहरा नशा था, जिसे राहुल हर रोज़ अपनी आँखों से पीता था। ट्यूशन का समय शाम का था, जब अक्सर घर में सन्नाटा पसरा होता था।
प्रिया मैम ने बोर्ड पर एक मुश्किल सवाल लिखा, और समझाने के लिए राहुल के करीब आईं। उनके शरीर की हल्की खुशबू ने राहुल के नसों में आग लगा दी। मैम झुकीं, तो उनकी साड़ी का पल्लू थोड़ा सरका, और राहुल की नज़रें उनके भरे हुए वक्ष पर जा टिकीं। राहुल ने अपनी आँखें हटाने की कोशिश की, पर नाकाम रहा। मैम ने अचानक पलटकर देखा, तो राहुल ने घबराकर नज़रें नीचे कर लीं। मैम हल्की-सी मुस्कुराईं, उनकी आँखों में शरारत की चमक थी, जैसे उन्होंने राहुल की चोरी पकड़ ली हो।
“राहुल, तुम्हारा ध्यान कहाँ है?” मैम ने दबी हुई आवाज़ में पूछा।
राहुल ने सर उठाकर देखा, मैम अब उसके बहुत करीब खड़ी थीं, इतनी करीब कि उनकी साँसों की गर्माहट राहुल के चेहरे पर महसूस हो रही थी। “जी, मैम… वो… मैं… सवाल देख रहा था।” राहुल ने लड़खड़ाती आवाज़ में कहा।
मैम ने राहुल के कंधे पर हाथ रखा, “इतना मुश्किल नहीं है, ध्यान से समझो।” उनका स्पर्श बिजली की तरह राहुल के शरीर में दौड़ गया। राहुल ने अपनी हिम्मत बटोरी और धीरे से मैम का हाथ थाम लिया। मैम का शरीर एक पल को काँप उठा, पर उन्होंने अपना हाथ नहीं खींचा। राहुल ने उनकी नरम उँगलियों को अपनी उँगलियों में फँसा लिया, और एक गहरा एहसास उन दोनों के बीच पसर गया। यह तो बस शुरुआत थी एक टीचर स्टूडेंट का गरमा गरम अफेयर की।
“मैम…” राहुल ने उनकी आँखों में देखा। उनकी आँखें अब किसी भी सवाल का जवाब नहीं, बल्कि एक गहरी इच्छा का इज़हार कर रही थीं। प्रिया मैम की साँसें तेज़ हो गईं। उनके होंठ काँप रहे थे। राहुल ने धीमे से उन्हें अपनी ओर खींचा। प्रिया मैम ने कोई विरोध नहीं किया, बल्कि उनकी आँखों में एक अजीब सी ललक जाग उठी थी। राहुल ने धीरे से उनके नरम होंठों को अपने होंठों में भर लिया। पहली चुंबन, इतनी मीठी, इतनी गहरी। प्रिया मैम ने अपनी आँखें बंद कर लीं और राहुल का साथ दिया। उनके जिस्म में एक नई तरह की आग सुलग उठी थी।
चुंबन गहरा होता गया, और राहुल के हाथ मैम की कमर पर सरक गए। उन्होंने मैम को अपनी ओर और कस लिया। प्रिया मैम की साँसें उखड़ रही थीं, और उनके मुँह से हल्की-सी सिसकी निकली। राहुल ने उन्हें उठाया और अपने बिस्तर की ओर ले गया, जो कोने में पड़ा था। प्रिया मैम ने अपना सिर राहुल के कंधे पर टिका दिया, उनके चेहरे पर एक शरमाहट थी, पर आँखों में तीव्र उत्तेजना। उन्होंने राहुल की कमीज़ को अपनी उँगलियों से कसकर पकड़ा हुआ था।
बिस्तर पर गिरते ही, राहुल ने बिना देर किए मैम की साड़ी का पल्लू सरका दिया। प्रिया मैम के गोरे, सुडौल शरीर को देखकर राहुल की आँखें चौड़ी हो गईं। उन्होंने एक-एक करके प्रिया मैम के वस्त्र उतारने शुरू किए, और प्रिया मैम ने भी राहुल का सहयोग किया। कुछ ही पलों में, दोनों नग्न अवस्था में एक-दूसरे के सामने थे, उनकी साँसें तेज़ और धड़कनें बेकाबू थीं। प्रिया मैम ने राहुल को अपनी बाँहों में भर लिया, और राहुल ने अपने होंठ उनके गर्दन पर फेरने शुरू किए। उनके नरम जिस्म से आ रही भीनी-भीनी खुशबू राहुल को पागल कर रही थी।
राहुल ने प्रिया मैम के स्तन अपने हाथों में भर लिए, और उन्हें सहलाने लगा। प्रिया मैम की आँखों से एक आह निकली, “उम्म… राहुल…” राहुल ने उनके गुलाबी निप्पलों को अपने मुँह में लेकर चूमा, फिर धीरे से उन्हें चूसने लगा। प्रिया मैम का शरीर लहरों की तरह हिल उठा। उन्होंने राहुल के बालों में अपनी उँगलियाँ फँसा लीं और दर्द भरी खुशी से सिसकने लगीं। “और… और तेज़…” वह फुसफुसाईं। राहुल ने उनकी जाँघों को फैलाया और उनके अंदर प्रवेश कर गया।
एक चीख प्रिया मैम के मुँह से निकली। उनके शरीर में एक तेज़ करंट दौड़ गया। राहुल ने धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाई। हर झटके के साथ, दोनों के शरीर से पसीना छूट रहा था। प्रिया मैम ने अपनी आँखें बंद कर ली थीं, उनके चेहरे पर तीव्र आनंद का भाव था। “राहुल… आह… राहुल…” वह बार-बार उसका नाम ले रही थीं। राहुल ने उन्हें अपनी बाँहों में कसकर पकड़ा और उन्हें तीव्र गति से प्यार करता रहा। यह टीचर स्टूडेंट का गरमा गरम अफेयर अब अपने चरम पर था, हर सीमा को पार कर चुका था। उनके शरीर एक-दूसरे में इस कदर खो गए थे कि अब कोई दुनिया मायने नहीं रखती थी।
कई बार के चरम सुख के बाद, दोनों एक-दूसरे की बाँहों में हाँफते हुए लेटे थे। प्रिया मैम ने राहुल के सीने पर अपना सिर रखा हुआ था, और राहुल उनके बालों को सहला रहा था। उनके शरीर अभी भी एक-दूसरे की गर्माहट से तप रहे थे। “मुझे यक़ीन नहीं होता, राहुल…” प्रिया मैम ने फुसफुसाया। राहुल ने उन्हें और कसकर अपनी बाँहों में भर लिया। आज ट्यूशन में उन्होंने सिर्फ गणित नहीं पढ़ा, बल्कि ज़िंदगी का सबसे मीठा और उत्तेजक पाठ पढ़ा था। यह एहसास इतना गहरा और संतुष्टिदायक था कि उन्हें लगा, अब यही उनके जीवन का सबसे खूबसूरत सत्य है।
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