उसकी आँखें जब पहली बार मेरी आँखों से मिलीं, तो मेरे बदन में जैसे बिजली की एक लहर दौड़ गई, जिसने पल भर में मेरे हर कण को झिंझोड़ दिया। नैना, जिसका नाम भी मैंने अभी-अभी जाना था, मेरे सामने खड़ी थी, और उसकी हर अदा, उसकी हर साँस मुझे अपनी ओर खींच रही थी। देर रात हो चुकी थी, पर उस पहली मुलाकात का नशा कुछ ऐसा था कि हम दोनों खुद को रोक नहीं पाए और मैं उसे अपने अपार्टमेंट तक ले आया। लिफ्ट में सन्नाटा था, पर हमारी साँसें एक-दूसरे की धड़कनें सुन रही थीं, और हवा में एक अजीब-सी उत्तेजना घुली हुई थी।
जैसे ही दरवाजा खुला, मैंने उसे अंदर खींच लिया। उसकी ज़ुबान मेरे होंठों पर ऐसे टकराई जैसे प्यासा बंजारा पानी को तरस रहा हो। यह सिर्फ एक चुंबन नहीं था, यह दो आत्माओं का मिलन था, एक अनकही प्यास का इजहार। मेरे हाथ उसकी कमर को कसकर जकड़ रहे थे, और उसके पतले हाथ मेरी गर्दन के पीछे उलझ गए थे। हम दोनों एक-दूसरे में खो चुके थे, कमरे की मध्यम रोशनी में हमारे साये एक हो गए थे। मुझे लगा, **पहली मुलाकात में गहरा इश्क हिंदी** कहानियों में ही होता है, पर आज यह मेरे साथ हकीकत बन रहा था।
मैंने उसे अपनी बाहों में उठाया और सीधा बेडरूम की ओर चला। वह मुस्कुराई, उसकी आँखों में वही बेताबी थी जो मेरी आँखों में थी। बिस्तर पर धीरे से लिटाते हुए मैंने उसके कपड़ों से जंग छेड़ दी। उसकी साड़ी का पल्लू कब ज़मीन पर गिरा, पता ही नहीं चला। एक-एक करके उसके अंग प्रदर्शन पर आते गए, और मेरा दिल तेज़ धड़कने लगा। मैंने उसके पेट पर हल्के से हाथ फिराया, उसकी त्वचा रेशम-सी चिकनी थी। उसकी आँखें बंद हो गईं, एक हल्की-सी आह उसके गले से निकली। मेरा माथा उसके माथे से सटा हुआ था, हमारी साँसें आपस में उलझ रही थीं।
मैंने अपने होंठों से उसके गले को चूमा, फिर धीरे-धीरे नीचे उतरता गया। उसकी गर्दन, उसके कंधे, उसकी छाती… हर जगह मेरा स्पर्श आग लगा रहा था। उसके बदन की हर पुकार, हर इच्छा मुझसे कुछ कह रही थी। मैंने उसके ब्लाउज के हुक खोले, और जैसे ही वह खुला, मेरे सामने दो उभरे हुए स्तन आ गए। मैंने अपने होंठों को उन पर रखा, और वह एक मीठी-सी चीख के साथ मेरे बालों को कसकर पकड़ने लगी। मैं उसे अपने मुँह में भरता गया, और वह बेकाबू होती जा रही थी। उसकी हर आह, हर कराह मुझे और ज़्यादा उत्तेजित कर रही थी।
अब बारी मेरी थी। उसने मेरी शर्ट उतारी, फिर मेरी पैंट। हमारे बदन एक-दूसरे से चिपक गए, गर्मी और पसीने से भीगे हुए। हमारा हर स्पर्श, हर चुंबन हमें एक-दूसरे के और करीब ला रहा था। मेरी उंगलियाँ उसके पैरों से होती हुई उसकी जांघों तक पहुँचीं, और फिर उस जगह पर जहाँ सबसे ज़्यादा बेताबी थी। जैसे ही मैंने उसे छुआ, वह सिहर उठी। वह अपने पैर मेरे इर्द-गिर्द कसने लगी, उसकी साँसें बेतहाशा चल रही थीं।
मैंने खुद को उस पर झुकाया, और एक गहरी साँस ली। “तैयार हो, नैना?” मैंने फुसफुसाते हुए पूछा। उसने अपनी आँखें खोलीं, उसकी आँखों में वासना और प्यार का एक अद्भुत मिश्रण था। उसने धीरे से सिर हिलाया। मैंने अपने बदन को उसके बदन से मिलाया, और धीरे-धीरे उसे खुद में समा लिया। पहली बार में ही हम दोनों को एक-दूसरे की इतनी गहराइयों तक महसूस करने का एहसास हुआ। दर्द और आनंद का एक अजीब-सा मिश्रण था, पर जल्द ही दर्द आनंद में बदल गया। हमारे बदन एक-दूसरे की ताल पर झूमने लगे। वह एक के बाद एक मीठी-सी आह भर रही थी, और मैं उसकी हर आह पर उसे और गहराई से महसूस कर रहा था। यह एक वासनात्मक नृत्य था, जो हमारी आत्माओं को भी एक कर रहा था।
हमारी धड़कनें एक हो चुकी थीं, और पूरा कमरा हमारी आवाज़ों से गूँज रहा था। हम दोनों एक-दूसरे में खोए हुए थे, समय का कोई भान नहीं था। अंत में, एक तीव्र आवेग के साथ, हम दोनों ने एक-दूसरे में अपनी चरम सीमा को प्राप्त किया। हमारे बदन पसीने से लथपथ थे, पर हमारे दिल एक सुकून से भरे हुए थे। वह मेरे सीने पर सिर रखकर लेटी हुई थी, उसकी साँसें अभी भी तेज़ थीं। मैंने उसके बालों को सहलाया। मुझे अब पूरा विश्वास हो गया था कि यह सिर्फ एक रात का मिलन नहीं था। यह **पहली मुलाकात में गहरा इश्क हिंदी** कहानियों से भी ज़्यादा गहरा और सच्चा था। उस रात हमने सिर्फ जिस्म नहीं मिलाए थे, हमने अपनी रूहों को एक किया था। यह तो बस शुरुआत थी, हमारे प्यार की, हमारे जुनून की एक अनमोल शुरुआत।
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