आज बरसों बाद प्रिया को अपनी बाहों में भरकर रूहान का दिल धड़क उठा, जैसे वो कभी अलग हुए ही न हों। उसकी साँसों की गर्मजोशी और उसके शरीर की familiar खुशबू ने रूहान के भीतर दबी हुई हर वासना को फिर से जगा दिया। यह उनका पुराना कमरा था, जहाँ उनकी जवानी के कई कामुक राज़ दफन थे। अब वो राज़ दरवाज़ा तोड़कर बाहर आने को बेताब थे। प्रिया की गहरी, कामुक आँखें सीधे रूहान की आँखों में झाँक रही थीं, और उन आँखों में वही पुरानी आग, वही बेताब चाहत धधक रही थी।
“रूहान,” प्रिया ने फुसफुसाते हुए कहा, उसकी आवाज़ में एक अजीब सी खनक थी जो सीधे रूहान के दिल पर वार कर रही थी। “मैं तुम्हें कितना मिस करती थी।”
रूहान ने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए, एक धीमा, गहरा चुंबन जो सालों के बिछोह की प्यास बुझाने को आतुर था। प्रिया की जीभ ने तुरंत रूहान की जीभ को छू लिया, और उनके मुँह में एक मधुर, कामुक नृत्य शुरू हो गया। रूहान के हाथ प्रिया की कमर पर कस गए, उसे अपनी ओर खींचते हुए, ताकि उनके शरीर के बीच ज़रा भी फासला न रहे। उसे महसूस हुआ कि पुरानी गर्लफ्रेंड से दोबारा इश्क हिंदी में वो सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि एक हकीकत बनने जा रहा था, जो उसकी नस-नस में दौड़ रही थी।
धीरे-धीरे, उनके चुंबन की तीव्रता बढ़ती गई। रूहान ने प्रिया के सॉफ्ट, मखमली बालों में हाथ फेरा, और उसकी उंगलियाँ उसकी गर्दन पर उतर गईं, जहाँ उसने एक गर्म निशान छोड़ दिया। प्रिया की साँसें तेज़ हो गई थीं। उसके हाथ रूहान की शर्ट में घुस गए, उसकी पीठ पर नाखून चुभोते हुए, मानो वो उसे और करीब खींचना चाहती हो। रूहान ने उसकी साड़ी का पल्लू हटा दिया, और उसकी नज़र प्रिया के पेट पर पड़ी, जहाँ एक छोटा सा तिल था, जिसे वो आज भी याद करता था। उसने अपने होंठ उस तिल पर रख दिए, और प्रिया के मुँह से एक धीमी, कामुक आह निकली।
कपड़े एक-एक करके फर्श पर गिरने लगे, उनकी हवस भरी शाम के गवाह बनते हुए। प्रिया अब पूरी तरह रूहान के सामने खड़ी थी, सिर्फ एक लाल ब्रा और पैंटी में। उसका बदन समय के साथ और भी सुडौल और कामुक हो गया था। रूहान की आँखों में वासना की चमक थी। उसने ब्रा की हुक खोली और प्रिया के उभरे हुए स्तनों को आज़ाद कर दिया। उसके निप्पल कड़े हो चुके थे, मानो वो रूहान के स्पर्श के लिए तरस रहे हों। रूहान ने एक स्तन को अपने मुँह में ले लिया, उसे चूसते और हल्के से काटते हुए। प्रिया के मुँह से लगातार कामुक आहें निकल रही थीं।
रूहान ने धीरे से प्रिया को बिस्तर पर लिटाया, उसकी पैंटी खींचकर उतार दी। प्रिया की मखमली योनि रूहान की आँखों के सामने थी, कामुकता से गुलाबी और थोड़ी नम। रूहान खुद को रोक नहीं पाया। उसने प्रिया की जांघों को खोला और अपनी जीभ को उसकी योनि पर रख दिया। प्रिया एक झटके से उछल पड़ी, उसकी आँखें बंद हो गईं। रूहान अपनी जीभ से उसकी योनि के हर हिस्से को टटोल रहा था, क्लीटोरिस को धीरे-धीरे सहलाते हुए। प्रिया की आहें अब चीखों में बदल चुकी थीं।
“रूहान… प्लीज़… अब और नहीं रुका जाता,” प्रिया ने हाँफते हुए कहा।
रूहान मुस्कुराया। उसने अपनी पेंट की ज़िप खोली और अपने कड़े लिंग को आज़ाद किया। प्रिया ने उसे देखा और उसकी आँखों में एक नई चमक आ गई। रूहान प्रिया के ऊपर आया, उसके होंठों पर एक और गहरा चुंबन दिया, और फिर धीरे से अपने लिंग को प्रिया की योनि में धकेलना शुरू किया। शुरुआत में थोड़ी प्रतिरोध महसूस हुआ, फिर प्रिया का शरीर ढीला पड़ गया और रूहान का लिंग पूरी तरह उसके अंदर समा गया।
दोनों एक-दूसरे में इतने गहरे उतर चुके थे कि पुरानी गर्लफ्रेंड से दोबारा इश्क हिंदी में उन्हें अपने अस्तित्व का सबसे गहरा अहसास करा रहा था। रूहान ने धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरू किए, उनकी गति बढ़ती गई। बिस्तर की कराहट और उनकी साँसों का शोर कमरे में गूँज रहा था। प्रिया अपनी जांघों से रूहान को कसकर पकड़े हुई थी, हर धक्के के साथ वो ऊपर उठती और नीचे आती। पसीने की बूँदें उनके शरीरों पर चमक रही थीं। वासना अपने चरम पर थी।
“आह… हाँ… और… और तेज़,” प्रिया ने कामुक आवाज़ में कहा, उसकी आँखें पूरी तरह बंद थीं।
रूहान ने उसकी बात मान ली। उसने अपनी गति बढ़ा दी, और कुछ ही पलों में दोनों एक साथ चरम पर पहुँच गए। प्रिया का शरीर काँप उठा, और उसने रूहान को अपनी बाहों में कसकर भींच लिया। रूहान का वीर्य प्रिया की योनि में बह निकला, एक गर्म, संतोषजनक एहसास के साथ।
वे देर तक एक-दूसरे से लिपटे रहे, उनकी साँसें एक-दूसरे में घुल चुकी थीं, और उनकी आत्माएँ अब एक-दूसरे की हो चुकी थीं। रूहान ने प्रिया को अपनी बाहों में कसकर महसूस किया कि पुरानी गर्लफ्रेंड से दोबारा इश्क हिंदी में ये अनुभव उसकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत और कामुक पल था। यह सिर्फ एक रात नहीं, बल्कि एक नए, वासना से भरे सफर की शुरुआत थी।
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