बाहर चाहे जितनी ठंड हो, रोहन के हाथों का स्पर्श प्रिया के जिस्म में आग लगा गया। दिन भर की थकान और सामाजिक बंदिशें, सब अब बेमानी थीं। बेडरूम की मंद रोशनी में, प्रिया की साँसें तेज हो रही थीं, जैसे वह अपने अंदर दबी हर प्यास को आज बुझाना चाहती हो। रोहन ने उसके माथे पर बिखरे बालों को सहलाया और झुका। उसके लबों ने प्रिया के सुर्ख होंठों को ऐसे घेरा, जैसे कोई प्यासा सदियों बाद पानी से मिलता है।
प्रिया ने अपनी आँखें मूंद लीं और खुद को उस पल में पूरी तरह खो जाने दिया। रोहन का हर चुम्बन, हर स्पर्श उसके भीतर एक अनजानी सिहरन दौड़ा रहा था। उसकी जुबान ने प्रिया के मुँह के हर कोने को ढूँढा, उसकी जुबान से उलझती हुई, एक मीठी जंग छेड़ती हुई। प्रिया के हाथ खुद-ब-खुद रोहन की कमीज के बटन खोलने लगे, उसकी उँगलियाँ उसकी मस्कुलर पीठ पर दौड़ती हुई महसूस की जा सकती थीं। जब कमीज गिरी, तो रोहन ने उसे अपनी बाहों में कस लिया, उसकी नग्न छाती का स्पर्श प्रिया के संवेदनशील बदन को झंझोड़ गया।
“मेरी जान, आज रात,” रोहन की आवाज़ कामुकता से भरी थी, “यह सिर्फ एक रात नहीं, यह तो रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला होगा।” प्रिया सिर्फ आह भरकर उससे और चिपक गई। रोहन ने उसे धीरे से बिस्तर पर धकेला, लेकिन उसकी आँखें प्रिया के हर अंग पर टिकी थीं। उसने प्रिया की साड़ी खोली, हर परत के साथ, प्रिया का सुंदर जिस्म उसके सामने उजागर होता गया। जब वह सिर्फ अंतरवस्त्रों में रह गई, तो रोहन ने एक गहरी साँस ली। उसकी आँखें उसकी उभरी हुई छाती पर ठहरीं, जहाँ उसके दिल की धड़कनें साफ दिख रही थीं।
रोहन ने झुककर उसके पेट पर, फिर उसकी नाभि के चारों ओर चुम्बन किए। प्रिया ने अपनी साँसों को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन उसका जिस्म रोहन के स्पर्श से मचलने लगा था। जब उसके होंठ उसके स्तन पर पहुँचे, तो प्रिया के मुँह से एक मदहोश कर देने वाली चीख निकल गई। रोहन ने उसके एक निप्पल को अपने मुँह में लिया और उसे धीरे-धीरे चूसा, जबकि दूसरा हाथ दूसरे स्तन को सहला रहा था। प्रिया ने अपना सिर तकिए में धँसा दिया, उसकी उँगलियाँ रोहन के बालों में उलझ गईं। “आह… रोहन… बस…” उसकी आवाज टूटी हुई थी।
रोहन जानता था कि प्रिया क्या चाहती है। उसने उसके अंतरवस्त्रों को धीरे से हटाया और उसकी योनि की गर्मी को महसूस किया। प्रिया की योनि पहले ही गीली हो चुकी थी, उसकी गहरी प्यास रोहन के सामने खुल चुकी थी। रोहन ने अपनी उँगलियों से उसकी फांकों को सहलाया, उसके अंदर की गरमाहट को महसूस किया। प्रिया का जिस्म एक धनुष की तरह तन गया, उसकी साँसें तेज हो गईं। रोहन ने अपनी उँगली को धीरे से अंदर धकेला, फिर दूसरी, और प्रिया के अंदरूनी हिस्सों को सहलाया। प्रिया के मुँह से आहें निकल रही थीं, “और… और… रोहन…”
रोहन ने खुद को प्रिया के ऊपर स्थिर किया, अपने दृढ़ लिंग को उसकी योनि के द्वार पर लगाया। प्रिया ने अपने पैरों को उसकी कमर के चारों ओर कस लिया, और रोहन ने एक गहरा धक्का दिया। उनके मिलन की पहली आह दोनों के मुँह से निकली। प्रिया ने रोहन को इतना कसकर पकड़ा, जैसे वह उसे अपने अंदर समा लेना चाहती हो। रोहन ने धीमी, लयबद्ध गति से प्रिया के अंदर-बाहर होना शुरू किया। हर धक्के के साथ, प्रिया की योनि रोहन के लिंग को कसती, फिर छोड़ती। कमरे में सिर्फ उनके जिस्मों के टकराने की आवाज़ और प्रिया की मदहोश कर देने वाली आहें गूँज रही थीं।
“यह सिलसिला रुकने वाला नहीं,” रोहन ने प्रिया के कान में फुसफुसाया, “यह तो रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला है… आज रात हम हर हद्द पार करेंगे।” प्रिया ने जवाब में अपनी कमर उठाई, रोहन को और गहराई तक लेने की कोशिश करती हुई। उनकी गति तेज हुई, उनके जिस्म एक-दूसरे में पिरोए हुए, वासना की चरम सीमा की ओर बढ़ रहे थे। प्रिया का जिस्म काँप रहा था, उसकी आँखें खुशी और दर्द के मिश्रण से बंद थीं। जब रोहन ने अंतिम धक्का दिया, तो प्रिया एक जोरदार चीख के साथ ढीली पड़ गई, उसका शरीर सुख की लहरों में बह रहा था। रोहन ने भी अपने चरम को महसूस किया, उसके लिंग ने प्रिया के अंदर अपना गर्म अमृत उगल दिया।
वे दोनों कुछ देर तक यूँ ही एक-दूसरे से चिपके रहे, उनकी साँसें तेज थीं और दिल की धड़कनें अनियंत्रित। लेकिन यह अंत नहीं था। जैसे ही उनकी साँसें थोड़ी शांत हुईं, रोहन ने प्रिया के होंठों पर फिर से कब्जा कर लिया। वह जानता था कि यह तो बस शुरुआत थी, और यह रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला अभी और कई बार टूटना और जुड़ना था। प्रिया ने उसके बालों में उँगलियाँ फेरीं, उसकी आँखें चमक रही थीं। सुबह होने तक, वे अनगिनत बार एक-दूसरे में खोए, एक-दूसरे की वासना को बुझाते और फिर से जलाते रहे, इस “रात भर चलने वाला प्यार का सिलसिला” में पूरी तरह डूब कर, आत्मा से आत्मा तक, और जिस्म से जिस्म तक संतुष्ट होते रहे। जब सुबह की पहली किरण खिड़की से अंदर आई, तो वे एक-दूसरे की बाहों में थके हुए, लेकिन असीम संतुष्टि और गहरे प्यार में लिपटे हुए सोए हुए थे।
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