“क्या आज रात मुझे अपनी बाहों में भरकर सुलाओगे, या कुछ और भी इरादा है?” रिया की आवाज़ में शरारत और एक भीगी हुई चाहत थी, जैसे सावन की पहली बूँद सूखी ज़मीन को भिगो दे। बाहर मूसलाधार बारिश अपने पूरे शबाब पर थी, खिड़की के शीशे पर थपकियाँ देती हुई। कमरे की हल्की डिम लाइट में रिया का रेशमी गाउन उसके जिस्म पर एक दूसरी त्वचा सा लिपटा था, उसके हर उभार को सलीके से उजागर करता हुआ।
विकास कमरे में दाखिल हुआ, उसके भीगे बालों से पानी की बूँदें टपक रही थीं, पर उसकी आँखें रिया के जिस्म पर एक आग की तरह ठहर गईं। उसने दरवाज़ा बंद किया और एक पल भी गँवाए बिना रिया की ओर बढ़ा। “इरादे तो इतने हैं कि ये रात भी कम पड़ जाएगी, मेरी जान,” उसने रिया की कमर को अपनी मज़बूत बाहों में कसते हुए फुसफुसाया। रिया ने अपनी बाँहें उसकी गर्दन के इर्द-गिर्द डाल दीं और अपने होंठ उसके पास ले गई। उनकी साँसें एक-दूसरे से टकराईं, और फिर एक गहरी, बेकाबू चुंबन में सिमट गईं।
विकास के होंठ रिया के होंठों पर ऐसे टूट पड़े जैसे कोई प्यासा सदियों बाद पानी को तरस रहा हो। रिया ने भी पूरी शिद्दत से उसका साथ दिया, उसकी ज़बान को अपनी ज़बान से खेलते हुए, हर स्पर्श में अपनी सारी चाहत उड़ेलती हुई। उनकी जीभें एक-दूसरे का स्वाद लेती रहीं, इस अहसास के साथ कि आज की रात सिर्फ एक रात नहीं, बल्कि वासना और प्रेम का एक अटूट संगम बनने वाली है। विकास के हाथ धीरे-धीरे रिया की कमर से होते हुए उसकी पीठ पर फिसलने लगे, और फिर धीरे से गाउन की पतली डोरी को खोल दिया। गाउन सरक कर उसके पैरों में जा गिरा, और रिया का सुडौल जिस्म कमरे की मद्धिम रोशनी में एक देवी की तरह चमक उठा।
विकास ने उसे बिस्तर पर धकेला और उसके ऊपर झुक गया, उसकी आँखों में एक जंगली चमक थी। रिया का जिस्म, हर साँस के साथ ऊपर-नीचे होता हुआ, उसे मदहोश कर रहा था। उसने अपने होंठों से रिया की गर्दन को चूमना शुरू किया, नीचे उतरते हुए उसके कंधे, फिर उसके उभरे हुए स्तनों की गोल गोलाई पर रुक गया। रिया की साँसें तेज़ हो गईं, उसके मुँह से धीमी आहें निकलने लगीं। विकास ने अपने मुँह में उसके एक स्तन को भर लिया और उसे चूसने लगा, जैसे कोई बच्चा अपनी माँ का दूध पी रहा हो। रिया ने अपने हाथों से उसके बालों को कसकर पकड़ लिया, उसके नाखून उसकी खोपड़ी में हल्के से धँस गए।
“उफ़्फ़ विकास… क्या कर रहे हो,” रिया ने सिसकते हुए कहा, “मेरी जान निकल जाएगी।” विकास ने उसके दूसरे स्तन को भी अपने होंठों से नोंचते हुए कहा, “अभी तो बस शुरुआत है, मेरी रानी। आज तो हम रात भर की हॉट बातें हिंदी में ही करेंगे… ऐसी बातें कि तुम्हारा रोम-रोम चीख उठेगा।” उसकी आवाज़ में एक अजीब सा नशा था, जो रिया के जिस्म में आग लगा रहा था। विकास के हाथ अब उसकी कमर से नीचे खिसकते हुए उसकी जांघों पर पहुँच गए, जहाँ उसकी उँगलियों ने एक नई सरहद को पार किया। रिया की उत्तेजना चरम पर थी, उसकी कामुकता से भरी आँखें बंद हो गईं, और उसके जिस्म में एक अनोखी सिहरन दौड़ गई।
विकास ने धीरे से अपने वस्त्र उतारे, और उसका बलिष्ठ जिस्म रिया के सामने नग्न खड़ा था। रिया ने अपनी आँखें खोलीं और उसकी मर्दानगी को निहारने लगी, जो उत्तेजना से फड़क रही थी। विकास ने खुद को उसके ऊपर एडजस्ट किया, अपनी गर्म त्वचा को उसकी नरम त्वचा से रगड़ते हुए। “तैयार हो, मेरी रानी?” उसने फुसफुसाया। रिया ने अपनी गर्दन हिलाई, उसकी आँखें वासना से डबडबा रही थीं।
धीरे-धीरे, विकास ने अपने प्रेम-दंड को रिया के भीतर प्रवेश कराया। रिया के मुँह से एक तीव्र आह निकली, पर यह दर्द की नहीं, बल्कि गहन आनंद की आह थी। जैसे ही विकास का पूरा जिस्म उसके भीतर समाया, रिया ने कसकर अपनी जाँघें उसे चारों ओर जकड़ लिया। उनकी धड़कनें एक हो गईं, उनकी साँसें एक हो गईं। विकास ने तालबद्ध तरीके से उसे अपने भीतर गहराई तक महसूस करना शुरू किया, हर धक्के के साथ रिया की आहें और सिसकियाँ कमरे में गूँज उठीं। “और… और तेज़…” रिया ने फुसफुसाया, “मुझे और चाहिए… विकास…”
उनकी कामुकता की उड़ान बढ़ती गई, कमरे में उनके जिस्मों के टकराने की आवाज़, उनकी आहें और वासना भरी फुसफुसाहट ही सब कुछ था। विकास अपने चरम पर पहुँच रहा था, और रिया का जिस्म भी एक भूकंप की तरह काँप रहा था। “आह… विकास… मैं… मैं आ रही हूँ!” रिया ने चीखते हुए अपने नाखूनों से उसकी पीठ को खरोंच दिया। उसी पल, विकास ने भी अपनी सारी ऊर्जा रिया के भीतर उड़ेल दी, और एक गहरा विस्फोरण हुआ।
वे दोनों थककर एक-दूसरे से लिपट गए, उनकी साँसें तेज़ थीं और उनके जिस्म पसीने से भीगे हुए थे। बारिश अब भी बाहर थमने का नाम नहीं ले रही थी, पर कमरे के भीतर एक अजीब सी शांति थी, जो उनकी वासना की पूर्ति के बाद आई थी। रिया ने विकास के सीने पर सिर रखकर कहा, “आज रात… सचमुच रात भर की हॉट बातें हिंदी में हुईं…” विकास ने मुस्कुराते हुए उसके माथे को चूमा, “अभी तो रात बाकी है, मेरी जान… और रात भर की हॉट बातें हिंदी में अभी बहुत बची हैं।” उनके जिस्मों में फिर से एक हल्की सी आग सुलगने लगी थी, एक नई शुरुआत का वादा करती हुई।
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