उसकी रेशमी साड़ी बिस्तर पर सरकते ही, रात की खामोशी में एक मदहोश कर देने वाली आहट गूँज उठी, जैसे स्वयं कामदेव ने प्रेम का आह्वान किया हो।
आज प्रिया का मन बेहद चंचल था। राहुल के घर आने से पहले ही उसने बेडरूम का माहौल कुछ ऐसा बनाया था कि कदम रखते ही उसकी धड़कनें तेज हो जाएँ। मद्धम रोशनी, धीमी जलती खुशबूदार मोमबत्तियाँ और बिस्तर पर बिखरे चमेली के फूल… सब कुछ एक आमंत्रित वासना का संकेत दे रहा था। वह खुद भी एक पतली, पारदर्शी नाइटी में थी, जिसमें उसके सुडौल वक्ष और कूल्हे साफ झलक रहे थे। उसकी त्वचा पर हल्की सी पसीने की बूंदें थी, जो उत्तेजना की निशानी थी।
तभी दरवाजे पर हलकी खटखट हुई और राहुल अंदर दाखिल हुआ। प्रिया को देखते ही उसकी आँखों में एक नई चमक आ गई। दिन भर की थकान पल भर में गायब हो गई। उसने दरवाजे को धीरे से बंद किया और प्रिया की ओर बढ़ा, उसकी आँखों में वही पुरानी, पर हमेशा नई-सी आग जल रही थी।
“आज यह कैसी आग जलाई है, मेरी जान?” राहुल की आवाज़ में मदहोशी थी।
प्रिया शरमाई नहीं, बल्कि और करीब आई। “यह आग तो हमेशा से जल रही है, राहुल, बस आज इसे हवा दी है।” उसने राहुल की गर्दन में अपनी बाहें डालीं और उसके होठों पर अपने मुलायम होंठ रख दिए।
यह चुंबन सिर्फ होठों का मिलन नहीं था, यह दो प्यासी आत्माओं का संगम था। राहुल के हाथ उसकी पीठ पर सरके, और नाइटी की पतली डोरियों को ढूँढने लगे। प्रिया की उँगलियाँ राहुल के बालों में उलझ गईं, उसकी साँसें तेज होती जा रही थीं। नाइटी कब ज़मीन पर गिरी, उन्हें पता ही नहीं चला। अब उनके नग्न शरीर एक-दूसरे से चिपक गए थे, त्वचा की गरमाहट एक-दूसरे को महसूस हो रही थी।
राहुल ने प्रिया को बाहों में उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया। चमेली के फूल उनके शरीर के नीचे दबकर अपनी सुगंध और तीव्र कर रहे थे। उसने प्रिया के पूरे शरीर पर अपने होंठों से निशान बनाने शुरू कर दिए। गर्दन से लेकर वक्ष तक, फिर पेट और जाँघों तक, हर जगह उसकी गर्म साँसें और नम स्पर्श प्रिया को तड़पा रहे थे। प्रिया की आहें कमरे में गूँज रही थीं, “और… और तेज, राहुल…”
प्रिया ने राहुल को अपनी ओर खींचा। “अब और इंतज़ार नहीं होता, मेरे राजा…”
राहुल ने उसकी बात समझी। उसने प्रिया की जाँघों के बीच जगह बनाई और धीरे-धीरे उसे खुद में समा लिया। पहली धक्के के साथ ही प्रिया के मुँह से एक कामुक चीख निकल पड़ी। राहुल ने उसे और कसकर पकड़ लिया और अपने कूल्हों को हिलाना शुरू कर दिया। उनके जिस्म एक लय में धड़क रहे थे, जैसे सदियों से एक-दूसरे के लिए ही बने हों।
“ये हमारे रोमांटिक बेडरूम सीक्रेट्स हिंदी में सबसे खास हैं, प्रिया,” राहुल ने उसके कान में फुसफुसाया, और अपनी गति और तेज कर दी। प्रिया की आँखें बंद थीं, होंठों से सिर्फ सिसकियाँ निकल रही थीं। वह राहुल के बालों को खींच रही थी, उसके नाखूनों के निशान राहुल की पीठ पर गहरे हो रहे थे। कमरे में सिर्फ उनके जिस्मों के टकराने की आवाज़, प्रिया की कामुक आहें और राहुल की गहरी साँसें थीं।
दोनों ही वासना के चरम पर पहुँच चुके थे। एक आखिरी, तीव्र धक्के के साथ, दोनों के शरीर ऐंठे, और उन्होंने एक साथ अपनी चरम सुख की आह भरी। पूरा कमरा उनकी कामुक ऊर्जा से भर गया था। वे पसीने से तरबतर एक-दूसरे में सिमट कर लेट गए, उनकी साँसें अभी भी तेज थीं, पर मन शांत और तृप्त।
प्रिया ने राहुल के सीने पर सिर रखा। “आज तुमने फिर मुझे सारी दुनिया भूला दी,” उसने फुसफुसाया।
राहुल ने उसके माथे को चूमा। “यह तो सिर्फ हमारे रोमांटिक बेडरूम सीक्रेट्स हिंदी में से एक रात थी, मेरी रानी। ऐसी रातें तो अब बस शुरुआत हैं।” उनकी आँखें मिलीं और दोनों के होंठों पर एक संतोष भरी मुस्कान तैर गई। उस रात उनके प्यार ने सारी हदें पार कर दी थीं।
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