साली जीजा की चोरी छिपे चाहत: बिस्तर पर बेकाबू रात

आज घर में अकेलापन राजीव को काट रहा था, रीना अपनी बहन के घर क्या गई, जैसे रौनक ही चली गई। तभी रसोई से आती आवाज़ ने उसका ध्यान खींचा। वो आवाज़ थी प्रिया की, उसकी साली, जो आज ही गाँव से आई थी। एक पल को तो राजीव का दिल ज़ोर से धड़का। प्रिया अपनी गुलाबी मैक्सी में रसोई के काम में लगी थी, उसकी कमर और नितंबों का उभार मैक्सी से साफ झलक रहा था। राजीव की आँखें उस पर ठहर गईं।

“जीजू, चाय पिएंगे?” प्रिया की मीठी आवाज़ ने राजीव को होश में लाया।

“हाँ, क्यों नहीं,” राजीव ने हल्की सी मुस्कान के साथ कहा।

प्रिया चाय बनाने लगी। उसकी पीठ राजीव की तरफ थी। राजीव की नज़रें उसके भरे हुए बदन पर टिक गईं। उसके काले, घने बाल कमर तक लहरा रहे थे। प्रिया ने जब पीछे मुड़कर देखा, तो राजीव ने तुरंत अपनी निगाहें हटाईं, लेकिन उनकी आँखें एक पल के लिए टकराईं और उस पल में एक अनकही चिंगारी जल उठी।

चाय लेकर प्रिया राजीव के पास आई। उसने कप राजीव के हाथ में दिया और जाते-जाते अनजाने में उसका हाथ छू गई। राजीव के पूरे शरीर में एक सिहरन दौड़ गई। प्रिया ने भी महसूस किया और एक हल्की सी मुस्कान उसके होंठों पर तैर गई। राजीव जानता था कि यह साली जीजा का चोरी छिपे प्यार अब हदें पार करने को बेताब था।

रात गहरा रही थी। रीना को फोन पर बात करते हुए काफी देर हो गई थी कि वह सुबह ही आ पाएगी। राजीव और प्रिया दोनों ही बेचैन थे। टीवी पर एक रोमांटिक गाना चल रहा था। प्रिया सोफे पर बैठी थी, उसके पैर राजीव के काफी करीब थे। राजीव ने धीरे से अपना पैर बढ़ाया और प्रिया के पैर को छू लिया। प्रिया ने एक पल को हिचकिचाया, फिर अपना पैर वापस नहीं खींचा। राजीव का दिल धक-धक करने लगा। उसने और हिम्मत की और अपना हाथ प्रिया के पैर पर रख दिया, धीरे-धीरे ऊपर की ओर ले जाते हुए, उसकी जांघों को सहलाने लगा। प्रिया की साँसें तेज़ हो गईं, उसने अपनी आँखें बंद कर लीं।

राजीव ने प्रिया का हाथ पकड़ा और उसे अपने पास खींच लिया। प्रिया हिचकिचाई लेकिन खुद को रोकी नहीं। राजीव ने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। एक लंबा, गहरा चुंबन शुरू हो गया। उनके जिस्मों की प्यास अब ज़ाहिर हो चुकी थी। प्रिया ने भी राजीव की गर्दन को अपने हाथों से जकड़ लिया और चुंबन का जवाब देने लगी। उनकी जीभें एक-दूसरे से लिपट गईं, कामुकता की आग भड़क उठी।

राजीव ने प्रिया को गोद में उठा लिया और उसे बेडरूम की तरफ ले गया। प्रिया ने अपनी टाँगें राजीव की कमर में कस लीं। बेडरूम में पहुँचकर राजीव ने उसे धीरे से बिस्तर पर लिटाया। उसने प्रिया की मैक्सी ऊपर की ओर सरकाना शुरू किया। प्रिया ने भी इसमें उसकी मदद की। पल भर में गुलाबी मैक्सी ज़मीन पर पड़ी थी। प्रिया के गोरे बदन पर सिर्फ उसकी काली ब्रा और पैंटी थी। राजीव की आँखें उसकी भरी हुई छातियों पर टिक गईं, जो ब्रा में मुश्किल से समाई हुई थीं।

राजीव ने झुककर प्रिया की ब्रा खोल दी और उसके स्तन हाथों में भर लिए। प्रिया के मुँह से एक कामुक आह निकली। राजीव उसके निप्पल्स को धीरे-धीरे सहलाने लगा, फिर उन्हें चूसने लगा। प्रिया अपने सिर को बिस्तर पर इधर-उधर घुमाते हुए मदहोश हो रही थी। राजीव धीरे-धीरे नीचे उतरता गया, उसकी पैंटी को भी उतार दिया। अब प्रिया का पूरा नग्न शरीर राजीव के सामने था। उसकी योनि हल्की गुलाबी, कामुकता से भरी हुई, राजीव को अपनी ओर खींच रही थी।

राजीव ने प्रिया की योनि पर अपनी ज़बान रख दी। प्रिया उछल पड़ी। “आह… जीजू… ये क्या कर रहे हो?” उसके मुँह से धीमी चीख़ निकली, लेकिन उसने राजीव को रोका नहीं। राजीव उसकी योनि को चूसने लगा, उसकी ऊँगली से उसकी क्लिटोरिस को सहलाने लगा। प्रिया का शरीर अब नियंत्रण से बाहर हो रहा था, वह ज़ोर-ज़ोर से साँसें ले रही थी, बिस्तर पर अपनी टाँगें फैलाए हुई थी। कुछ ही पलों में वह कांपने लगी और उसकी योनि से तरल पदार्थ निकलने लगा, प्रिया काँपते हुए चरम पर पहुँच गई।

अब राजीव की बारी थी। उसने अपनी पैंट उतारी और अपना मजबूत लिंग प्रिया की योनि पर रखा। प्रिया ने अपनी टाँगें और फैला दीं। राजीव ने धीरे-धीरे धकेला, उसका लिंग प्रिया की गर्म और भीगी योनि में सरक गया। एक गहरी आह दोनों के मुँह से निकली। राजीव ने धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाई। उनके जिस्मों की रगड़ से एक मीठी, कामुक आवाज़ कमरे में गूँजने लगी। राजीव की हर धक्के के साथ प्रिया बिस्तर पर उछल रही थी, उसकी छातियाँ हिल रही थीं। “तेज़… और तेज़… जीजू…” प्रिया फुसफुसाई।

राजीव ने प्रिया की कमर को पकड़कर अपनी गति और तेज़ कर दी। उनके शरीर पसीने से भीग गए। यह साली जीजा का चोरी छिपे प्यार था, जो अब खुलकर सांसें ले रहा था। दोनों एक-दूसरे की आँखों में देखते रहे, उनकी आँखों में प्यास और संतुष्टि का गहरा भाव था। एक साथ वे अपने चरम पर पहुँचे, उनके शरीर काँपते हुए एक-दूसरे में सिमट गए।

थके-हारे वे एक-दूसरे के बगल में लेट गए। प्रिया ने राजीव के सीने पर अपना सिर रख लिया। राजीव ने उसके बालों को सहलाया। दोनों जानते थे कि यह एक शुरुआत थी, उनके बीच का यह संबंध अब सिर्फ एक रात का नहीं था। उनकी आत्माएं जानती थीं कि यह साली जीजा का चोरी छिपे प्यार हमेशा यूँ ही खिलता रहेगा, हर उस रात में जब रीना घर पर नहीं होगी।

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