Tag: अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: रीमा की दहकती देह

    दोपहर की तपन रीमा के अकेलेपन को और गहरा कर रही थी, जब दरवाज़े पर एक मदहोश कर देने वाली दस्तक हुई। उसने पसीना पोंछते हुए दरवाज़ा खोला और सामने खड़े अर्जुन को देख कर एक पल के लिए साँस लेना भूल गई। अर्जुन, मोहल्ले का नया लड़का, बिजली का बिल देने आया था। उसकी…

  • Story 126

    रीना देवी की खिड़की से झाँकती धूप आज कुछ ज़्यादा ही शरारती लग रही थी, मानो बरसों से दबी किसी चाहत को हवा दे रही हो। चालीस की दहलीज पार कर चुकी रीना को लगा, जैसे आज उसके भीतर कुछ नया जाग रहा है। उसका शरीर, जो वर्षों से एकरसता में ढला था, अचानक किसी…

  • अधेड़ उम्र की औरत का दहकता नया रोमांस: कविता की बुझती प्यास

    कविता की देह में बरसों से सुलग रही आग आज अचानक भड़क उठी, जब रोहन की नज़रें उस पर पड़ीं। चालीस के पार, जीवन की जिम्मेदारियों तले दबी, कविता ने सोचा था कि वासना के वे दिन अब पीछे छूट चुके हैं, पर रोहन की आँखों में कुछ ऐसा था जो उसकी सूखी रगों में…

  • सरिता का दहकता जिस्म: अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस

    दोपहर की ढलती धूप सरिता के खिड़की से रिसकर उसके अकेलेपन को और गहरा रही थी, लेकिन आज यह सूनापन एक नई चिंगारी में बदलने वाला था। चालीस पार कर चुकी सरिता ने अपनी ज़िंदगी के कई बसंत देखे थे, लेकिन शरीर की वह आग जो कभी शांत हो गई थी, आज एक नए पड़ोसी…

  • देह की दहक, मन की कसक: अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस

    उस दोपहर की तपती धूप में नीलम ने अपनी सूनी देह में एक अनजानी सरसराहट महसूस की, जब युवा करण उसकी चौखट पर खड़ा था। चालीस बसंत देख चुकी नीलम, जिसकी ज़िंदगी पति के निधन के बाद से ठहरी हुई थी, उसने करण की आँखों में एक ऐसी आग देखी जो उसकी अपनी बुझती उम्मीदों…

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: देह का मधुर विमोचन

    सुनीता ने अपनी साड़ी का पल्लू सरकाया और गहरी साँस ली, शहर की मंद रोशनी उसके बालकनी में फैल रही थी, पर उसके भीतर एक अजीब सी तड़प थी, एक अनकही प्यास। वर्षों से उसकी देह, उसका मन, एक ऐसे स्पर्श को तरस रहा था जो उसकी रूह को झकझोर दे। पति के देहांत के…

  • रीना देवी

    रीना देवी की खिड़की से झाँकती धूप आज कुछ ज़्यादा ही शरारती लग रही थी, मानो बरसों से दबी किसी चाहत को हवा दे रही हो। चालीस की दहलीज पार कर चुकी रीना को लगा, जैसे आज उसके भीतर कुछ नया जाग रहा है। उसका शरीर, जो वर्षों से एकरसता में ढला था, अचानक किसी…