Tag: देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस
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भाभी की तड़प, देवर की चाहत: छुप-छुप कर रोमांस की इंतहा
सुमन भाभी की आँखें बरसों से जिस आग से तप रही थीं, उस आग को आज देवर रवि की नज़रों में पहचान लिया था। उस दोपहर जब घर के सब सदस्य खेतों पर गए थे और गाँव में सन्नाटा पसरा था, तब रसोई में काम करती सुमन के पीछे आकर रवि ने यूँ ही पूछ…
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गरम रात, तड़पती देहें: देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस
दोपहर की तपती धूप जब खिड़की से छनकर सोनल भाभी के अधखुले बदन पर पड़ रही थी, तो उनके दिल में एक अजीब सी कसक उठ रही थी। पति के परदेस जाने के बाद से घर में एक खालीपन था, और उनकी जवानी गर्मी से बेहाल होकर कुछ और ही तड़प रही थी। हल्के गुलाबी…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: दुपहरी की आग और प्यासे जिस्म
दोपहर की अंगार-सी तपती धूप में, जब सारा गाँव गहरी नींद में डूबा था, सुनीता भाभी की भरी-पूरी काया अकेले घर में बेचैन थी। उनके पति, रणजीत, काम के सिलसिले में शहर गए हुए थे, और उनकी कमी आज सुनीता को कुछ ज़्यादा ही अखर रही थी। पसीने से भीगी उनकी गुलाबी साड़ी उनके सुडौल…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: सूनी दुपहरी में भाभी की दहकती देह से देवर ने खेला
आज फिर सूनी दुपहरी थी, और मीना भाभी का खुला पल्लू रवि की आँखों को बेचैन कर रहा था। घर में सब सो रहे थे या बाहर गए थे, और इस खामोशी में रवि की साँसें तेज होती जा रही थीं। भाभी आँगन में बैठी कुछ दाल बीन रही थीं, उनके बदन से आती हलकी…