Tag: देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस
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पियासे देवर ने बुझाई भाभी की जवानी की आग: देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस
दोपहर का गहरा सन्नाटा था, और सरला भाभी की गीली साड़ी उनके जिस्म से चिपकी हुई थी, हर उभार को साफ दर्शा रही थी। मोहन की आँखें, चुपके से रसोई के दरवाजे से झाँकती हुई, उन उभारों पर टिक सी गईं। सरला, घड़े से पानी भरते हुए, अपनी कमर मटका रही थी। पसीने की बूँदें…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: अँधेरी रातों की छिपी हवस
उस दोपहर, जब रवि ने रूपा भाभी को घूँघट उठाते देखा, तो उसकी साँसें जैसे गले में ही अटक गईं। रूपा, जिसका बदन किसी तराशे हुए संगमरमर सा गढ़ा था, हर चाल में एक मादक थिरकन लिए हुए, रवि के बड़े भाई की पत्नी थी। गाँव के इस छोटे से घर में, जहाँ हर कोई…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: चोरी-छिपे जिस्मों का संगम
गर्मी की दोपहरी में जब पूरा गाँव गहरी नींद में डूबा था, सरिता भाभी की जवानी अंगारों पर जल रही थी। सरिता अपने कमरे में दुपट्टा हटाकर, पसीने से भीगी देह को पंखे की हवा से सुकून देने की कोशिश कर रही थी। शादी को अभी कुछ ही महीने हुए थे, लेकिन पति रोहन का…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: मर्यादा तोड़ती प्यासी रातें
आज फिर उसकी साड़ी का पल्लू सरक कर कमर से नीचे आ गिरा था, और रोहन की आँखें वहीं अटक गई थीं। दोपहर की तपती गर्मी में गाँव के घर में सब सो रहे थे। सिर्फ़ आँगन में देवी, उसकी भाभी, अपनी गीली साड़ी में कुछ बर्तन माँज रही थी, और रोहन, जो खूँटी पर…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: बेकाबू जवानी का मीठा खेल
आज फिर सूनी दुपहरी थी और पूजा भाभी की साड़ी का पल्लू उनकी कमर से सरककर, उनके भरे हुए वक्षों पर बार-बार आकर टिक रहा था। रोहन की आँखें उन्हीं वक्रों पर जमी थीं, प्यासी, अधीर। जब से बड़े भैया शहर गए थे, घर में एक अजीब सी खामोशी पसर गई थी, और उसी खामोशी…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: गरमा गरम प्यास की अधूरी रात
आज की उमस भरी दोपहर में प्रिया की साड़ी का पल्लू भी उसके बदन से चिपक कर उसे और मदहोश बना रहा था। रसोई में काम करते हुए उसकी गोरी पीठ से पसीने की बूँदें सरकती, उसकी कमर की गहराइयों में समा जातीं। राहुल वहीं चौखट पर खड़ा उसे निहार रहा था, उसकी आँखें प्रिया…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: आधी रात की चोरी छुपी चाहत
उसकी पसीने से भीगी साड़ी में लिपटी देह ने रोहन के मन में आग लगा दी थी, जब पूजा भाभी छत पर सो रही थी। जेठ की तपती गर्मी थी और घर के बाकी सब सदस्य गहरी नींद में थे, लेकिन रोहन की आँखों में नींद कहाँ? उसकी आँखों के सामने तो बस पूजा भाभी…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: चोरी-छिपे जिस्मों का बेताब खेल
दोपहर की तपती धूप में, गाँव का सन्नाटा पसरा था। प्रिया रसोई में काम निपटाकर अपने कमरे में लौटी, पर मन कहीं और था। देवर राहुल की शरारती आँखें, उसकी मजबूत काया, और वो अनकही, अनजानी सी चाहत जो हर पल उनके बीच हवा में घुली रहती थी। बिस्तर पर लेटते ही प्रिया की आँखों…
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देवर भाभी का छुप-छुप कर रोमांस: सूनी दोपहर का वो गर्मागर्म राज़
दोपहर का सूरज आग बरसा रहा था, और प्रिया भाभी का दिल उससे भी ज़्यादा तपने लगा था। घर में सन्नाटा था, जेठ जी काम पर गए थे और सास-ससुर किसी रिश्तेदार के यहाँ। प्रिया गर्मी से बेहाल, हल्के गुलाबी रंग की सूती साड़ी में रसोई में कुछ काम निपटा रही थी, जब अचानक दरवाज़े…