Category: Hindi

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: देह की दहकती दास्तान

    मीरा जानती थी, उसकी देह में अभी भी वो आग सुलग रही थी, जिसे कोई चिंगारी भर देने वाला चाहिए था। पँतालिस की उम्र पार कर चुकी मीरा की आँखें आज भी काजल से सजी, किसी की तलाश में थीं। उसका पति बीते कई सालों से परदेस में था, और उसकी तन्हाई की चादर अब…

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: देह की दहकती चाहत

    उसकी साड़ी का पल्लू सरका और माधुरी की पलकें झपक उठीं, एक अनजानी चाहत ने उसकी देह में हलचल मचा दी। पचास की दहलीज पर खड़ी माधुरी ने सोचा भी न था कि उसकी आँखों में फिर से ऐसी आग जल सकती है। रोहन, जो उससे कुछ साल छोटा था, ने जब से उसकी ओर…

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: रेशमी साड़ी में लिपटी जवानी का जलवा

    साड़ी का पल्लू सरकते ही, मीनाक्षी को अपनी देह में एक नई आग महसूस हुई। बरसों से शांत पड़ी इच्छाएं आज फिर से अंगड़ाई ले रही थीं। चालीस पार कर चुकी मीनाक्षी, जिसने अपनी जवानी पति की बेरुखी और घरेलू जिम्मेदारियों में खो दी थी, आज बालकनी में खड़ी तपती दोपहर की हवा में भी…

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: दहकते बदन की प्यास

    मीरा की अधूरी प्यास, उस सुनसान शाम में, एक अनजान दस्तक का इंतज़ार कर रही थी। पचास के करीब पहुँच चुकी मीरा की देह में अभी भी एक अदम्य आग सुलग रही थी, जिसे उसके बेपरवाह पति ने कब का बुझा दिया था। वह अपने घर की बालकनी में बैठी थी, आँखों में एक अजीब…

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: एक वासनापूर्ण रात

    आशा देवी ने अपनी बालकनी से राजेश को देखा और उसके मन में वर्षों से दबी कोई चिंगारी भड़क उठी। चालीस की दहलीज पार कर चुकी आशा, जिसने पति को खोने के बाद खुद को जीवन के सुखों से वंचित कर रखा था, आज एक युवा पुरुष को अपने पड़ोस में आता देख अनजानी सी…

  • अधेड़ उम्र की औरत का नया रोमांस: रीमा की दहकती देह

    दोपहर की तपन रीमा के अकेलेपन को और गहरा कर रही थी, जब दरवाज़े पर एक मदहोश कर देने वाली दस्तक हुई। उसने पसीना पोंछते हुए दरवाज़ा खोला और सामने खड़े अर्जुन को देख कर एक पल के लिए साँस लेना भूल गई। अर्जुन, मोहल्ले का नया लड़का, बिजली का बिल देने आया था। उसकी…

  • अधूरी शादीशुदा जिंदगी की चाहत: वासना की दहलीज पार

    पति के जाते ही प्रिया की अतृप्त देह ने एक अजीब सी बेचैनी महसूस की। दोपहर की सुस्त धूप घर के रोशनदानों से होकर आ रही थी, और कमरे में एक अजीब सी खामोशी पसरी थी। इस खामोशी में प्रिया को अपनी **अधूरी शादीशुदा जिंदगी की चाहत** की गूँज साफ सुनाई दे रही थी। पति…

  • अधूरी शादीशुदा जिंदगी की चाहत: देह की अनकही पुकार

    आज दोपहर की गर्मी ने प्रिया के भीतर एक अजीब सी बेचैनी जगा दी थी, जो सिर्फ बदन की नहीं, बल्कि रूह की थी। पति महेश ऑफिस गए थे और घर बिलकुल खाली था। इस सन्नाटे में प्रिया की आत्मा का कोना-कोना चीख रहा था, एक ऐसी प्यास लिए हुए जिसे कभी बुझाया ही नहीं…

  • अधूरी शादीशुदा जिंदगी की चाहत: बेबाक बदन की रात

    कमरे में फैली मंद रौशनी और इत्र की मादक खुशबू ने ऋतु के भीतर की सुलगती आग को और भड़का दिया था। उसकी आँखें विक्रम की आँखों में मिलीं, जहाँ एक गहरा, आदिम निमंत्रण साफ झलक रहा था। ऋतु ने अपनी साड़ी का पल्लू सरकाया, उसकी उंगलियां जानबूझकर धीमे पड़ गईं, जैसे वह इस पल…