एक अनसुनी दास्तान: सविता आंटी का बकरा-9
सोनम को चोदने के बाद मैं निढाल होकर लेट गया। आपको बता दूं कि, हम दोनों एक दूसरे की बाहों में सिमट गए और सो गए। सोकर जब हम लोग उठे तब 5 बज़ रहे थे आंटी को लाने का समय हो गया था। हम दोनों आंटी को लेने चले गए। 7 बजे आंटी को लेकर हम घर आ गए, हमें छोड़कर सोनम सब्जी लेने चली गई। अन्दर आकर आंटी ने शीशे के सामने जाकर अंगड़ाई ली और बोली- सुबह से इन कपड़ों को पहने पहने मैं थक गई!
और उन्होंने अपनी सलवार कुरता और ब्रा उतार दी अब वो सिर्फ एक पतली सी पैंटी में थीं, शीशे में उनकी दूधिया चूचियाँ देखकर मैं लौड़ा सहलाने लगा। शीशे में से मुझे फ्लाइंग किस देकर सविता आंटी बोलीं- चूतियों की तरह इतनी दूर क्यों खड़े हो, एक पप्पी तो दे दो। मैंने आगे बढ़कर पीछे से आंटी के दोनों उरोज अपने हाथों में पकड़े और गोलाई में मलते हुए गालों की एक लम्बी पप्पी ली और कान में बोला- सोनम की चूत आज दो बार चोदी…
आंटी ने मेरी तरफ मुड़कर मेरे होंटों की पप्पी ली और बोली- वाह, मज़ा आ गया… कुतिया चुद गई, मुझको बहुत रंडी रंडी बोल रही थी। आओ चलो इस प्रसन्नता में साथ साथ नहाते हैं!
मैं और आंटी बाथरूम में घुस गए, आंटी ने पैंटी और मैंने अंडआर्यनयर पहना था, शावर खोलकर हम एक दूसरे से चिपक गए और शावर की फुहारों का मज़ा लेने लगे। मेरे मोटे लोड़े को अपनी चूत पर महसूस करते हुए आंटी बोलीं- दिन में 3-3 बार चूत में डाल चुके हो फिर भी लौड़ा मस्त टनटना रहा है, यह गोली का कमाल है। आपको बता दूं कि, इसे अन्दर कैद करके क्यों रखा हुआ है? बाहर निकालो ना… पूरे भोंदू ही हो तुम। मैंने अपना अंडआर्यनयर और उन्होंने अपनी पैंटी उतार दी। दोबारा हम गर्म पानी के शावर के नीचे चिपक गए। नंगा लौड़ा बार बार आंटी की चूत को छूने की कोशिश कर रहा था। मेरे पैरों पर चढ़ते हुए आंटी लौड़ा अपनी चूत के मुँह पर लगाने की कोशिश करने लगीं, मेरा भी मन घुसाने का कर रहा था दोनों की चाहत से लौड़ा चूत के द्वार पर ठक ठक करने लगा। मस्ती में आह भर कर मुझे भींचते हुए आंटी बोलीं- आह अब नहाने में मज़ा आ रहा है। उन्होंने अपने पंजे ऊपर उठा लिए, वो लौड़ा को चूत के अन्दर लेना चाह रही थीं। सच कहूं तो, तभी हमारा संतुलन बिगड़ा और हम गिरते गिरते बचे। हँसते हुए आंटी बोली- बाल बाल बचे… अभी चोट लग जाती। उन्होंने मेरे चूतड़ पर हाथ मारते हुए कहा- थोड़ा साबुन मल दो !
हम दोनों एक दूसरे के बदन पर साबुन लगाने लगे, मैंने आंटी की चूत पर साबुन लगाते हुए उंगली अन्दर डाल दी और पूसी दबाते हुए बोला- आपकी चूत तो पूरी रसीली हो रही है। आंटी बोलीं- उह आह… रसीली हो रही है तो निगोड़ी को चूसो ना… मैं तब तक तुम्हारी पीठ पर साबुन मल देती हूँ। यकीन मानिए, मैं झुककर उनकी चूत चूसने लगा और वो मेरी पीठ मलने लगीं। इसके बाद उन्होंने झुककर मेरा लौड़ा मुँह में लिया और मैंने उनकी पीठ और चूतड़ों पर साबुन मला। ऊपर से गिरती शावर की बौछारों ने सेक्स क्रीड़ा का मज़ा दुगना कर दिया था कुछ देर बाद हम एक दूसरे से चिपके शावर का मज़ा लेने लगे मेरा लौड़ा चूत में घुसने को पगला रहा था। आपको बता दूं कि, आंटी ने मुझे हटाते हुए कहा- चलो अब बदन पोंछ लेते हैं। बदन पोंछने के बाद आंटी ने मेरा खड़ा लौड़ा अपनी मुट्ठी में दबाया और बोली- इस घोड़े को अब निशा में चूत में डालना ! थोड़ा तड़पेगा तो निशा को मज़ा दुगना आएगा। आपको बता दूं कि, तभी घंटी बजी, मुस्कराते हुए हम लोग अलग हो गए, आंटी ने मैक्सी और मैंने टी शर्ट नेकर पहन लिया। मैंने जाकर दरवाज़ा खोल दिया, सोनम वापस आई थी। अन्दर आकर सोनम आंटी को देखकर मुस्कराई उसके बाद आंटी और सोनम खाना बनाने लगीं। खाने की मेज पर खाना खाने के बाद आंटी सोनम से मजाक करते हुए बोली- आज तो तूने मेरे देवर का माल पूरा चूस लिया। सोनम बोली- पूरा नहीं, आधा चूसा है, आधा निशा में चूसूँगी। आंटी ने अपनी मैक्सी के दो बटन खोलते हुए अपनी चूचियाँ बाहर निकालीं और उन्हें दबाते हुए बोली- निशा को मुझे अपने स्तनों की मालिश करवानी है, निशा की बात तो तू भूल जा। सोनम ने भी अपनी टी शर्ट उतार के दोनों चूचियाँ बाहर निकाल लीं और अंगड़ाई लेते हुए आंटी की तरफ देखकर बोली- रंडी, तू तो घर जाकर भी करवा लेगी, आज तो मैं मालिश करवाऊँगी। दोनों की 30 और 36 इंच की चूचियाँ देखकर और गर्म बातें सुनकर मेरे लौड़ा में तो आग लग गई। दोनों बातें करते हुए बोलीं- चल इस बात का फ़ैसला तो निशा में करेंगे, अभी पिक्चर देखकर आते हैं। यकीन मानिए, आंटी कोल्ड ड्रिंक पीते हुए सोनम की तरफ देखकर बोलीं- राजेश मैं तुम्हारी बीवी बनकर चलती हूँ… यह साली बन लेगी। क्यों कुतिया? ठीक है न?
सोनम बोली- तू 35 की हो रही है, इसकी अम्मा लगती है, मैं 22 की हूँ, मैं इसकी बीवी मैं बन जाती हूँ, तू बड़ी बहन बन जा। आंटी नकली गुस्सा दिखाते हुए बोली- कुतिया, तेरी चूत बहुत खुजिया रही है। सच कहूं तो, मैं अभी 25 की हूँ, तुझे अम्मा लगती हूँ? अपनी शकल जाकर देख, नींबू जैसी चूचियाँ हो रही हैं और बदन बकरी जैसा हो रहा है। आपको बता दूं कि, ज्यादा मत बोला कर, तेरा इतना मन है तो मूवी हाल में नकली बीवी बन जा परन्तु निशा को राजेश के साथ में ही सोऊँगी, तू यह केला रख ले, निशा को अपनी चूत में डाल लेना। आंटी ने टेबल पर रखा एक केला सोनम की तरफ बढ़ा दिया। सोनम बोली- मेरी मूत वाली कोल्ड ड्रिंक पीकर तेरी चूत बहूत उबल रही है, इतनी खुजिया रही है तो सो लियो। असल में, आंटी ये सुनकर कोल्ड ड्रिंक छोड़कर सोनम को मारने उठीं। सोनम अन्दर अपने कमरे में भागी। दस मिनट बाद आंटी ने मुझे आवाज़ दी, मैं कमरे में गया तो देखता ही रह गया। सोनम लाल साड़ी और हरे ब्लाउज में पूरी नई नवेली दुल्हन लग रही थी। आंटी बोली- सोनम तेरी बीवी बन गई है, ले इसके सिन्दूर और लगा दे पूरी देसी बीवी लगेगी। आंटी ने सामने रखी सिंदूर की शीशी मुझे दे दी, मैं थोड़ा हिचक रहा था। आंटी बोलीं- पिक्चर हाल में जब इसकी छातियाँ दबाएगा और चूत में उंगली करेगा तब लाज नहीं आएगी? यहाँ ऐसे शर्मा रहा है जैसे तेरे से शरीफ कोई नहीं है… और यहाँ कौन देख रहा है। मैंने सम्मोहित सी मुद्रा में आगे बढ़कर सोनम के सिन्दूर लगा दिया। आंटी ने सोनम की नज़र उतारते हुए कहा- हाय रे ! क्या माल लग रही है, राजेश जरा इसकी कमर में हाथ डालकर खड़े तो हो !
मैं सोनम की चिकनी कमर में हाथ डालकर खड़ा हो गया और उसका पेट सहलाने लगा। यकीन मानिए, आंटी के उकसाने पर मैंने इस सोनम के स्तनों पर अपना हाथ रखा और उन्हें दबाते हुए सोनम का लिप किस करने लगा। आंटी ने इस बीच मेरी और सोनम की कई फोटो मोबाइल से खींच लीं। असल में, मैंने विरोध किया तो आंटी बोलीं- पिक्चर से लौटें, तब मिटा देना। इसके बाद आंटी ने सलवार कुरता पहना और हम लोग पिक्चर देखने निकल गए। मूवी हाल में सारे समय सोनम मेरे और आंटी के बीच बैठी और शाल डालकर उसने पूरा ब्लाउज खोलकर रखा। आपको बता दूं कि, मैंने हर कोण से उसकी चूचियाँ मसलीं और बीच बीच में उसकी चूत मैं नाभि के रास्ते से हाथ डालकर उंगली भी की। इंटरवेल में बाहर आकर आंटी ने मुझे अपने मोबाइल से खींची फोटो दिखाई, उसमें उन्होंने सिंदूर लगाने, चूची दबाने, होंट पर किस करने वाली 6-7 फोटो खींच रखी थीं। आंटी मेरा हाथ दबाते हुए बोली- कुतिया फोटो में तेरी मस्त बीवी लग रही है, असली बनाना हो तो बता देना। मैंने आंटी के हाथों से मोबाइल लेकर फोटो डिलीट कर दीं। मुस्कराते हुए आंटी बोली- स्मार्ट हो। इसके बाद हम अन्दर आ गए, मूवी दुबारा शुरू हो गई थी। सोनम दुबारा हमारे बीच बैठी थी, उसने मुझे भी शाल से ढक लिया और मेरा लौड़ा निकाल कर उससे खेलने लगी। बारह बजे मूवी ख़त्म हुई, हम सब लोग एक बजे वापस आ गए। आंटी और मैं कमरे में आ गए और सोनम दूसरे कमरे में चली गई। आंटी ने अपने कपड़े उतार कर साइड में डाल दिए और मुझे भी नंगा कर दिया। पलंग पर लेट कर उन्होंने चुदने के लिए टांगें छोड़ी कर दीं और मुझे खींचकर अपने ऊपर लेटा लिया। मैं भी ऊपर चढ़कर उनको चोदने लगा। उन्होंने अपनी टांगें मेरी पीठ पर बाँध लीं और नीचे से पूरा लौड़ा अन्दर तक घुसवा कर गाण्ड हिला हिला कर चुदने का आनन्द लेने लगीं। कुछ देर बाद मेरे वीर्य ने उनकी चूत की गगरी भर दी उसके बाद हम दोनों चिपक कर सो गए। कहानी जारी रहेगी। [email protected]
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