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बड़ी मैडम की चुदाई देख छोटी को चोदा-4

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नमस्कार, मैं अनिल एक बार फिर से अपनी मस्त चाचियों की चुदाई की कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ. पिछले भाग में मैंने बताया था कि कैसे मैंने छोटी मैडम की चूत को चोदा था तथा दूसरी बार की चुदाई में उनकी गांड का बजा बजाने का खेल करने वाला था. छोटी मैडम तथा मैं नंगे सोए हुए थे. मैडम पेट के बल सोई हुई थीं तथा मैं उनकी विशाल गांड को मसल मसल कर बार बार चूतड़ों पर थपकी लगा रहा था. मैडम की गोरी तथा बड़ी गांड ने फिर से मेरा लंड खड़ा कर दिया. मैं- मैडम क्या इरादा है … शुरू करें क्या? मैडम- नेकी तथा पूछ पूछ. मैडम की गांड के दरार में उंगली फेरते हुए मैंने उनकी चुम्मी ली- अबकी बार तो मैडम, आपकी गांड चोदने की बारी है. मैडम- मतलब तू मेरी गांड मार कर ही रहेगा. मैं- हाँ मैडम बहुत दिनों से आपकी इस गांड को मारने के लिए तड़प रहा हूँ. मैं जोर जोर से मैडम की गांड को मसलने लगा तथा अपने लंड को मैडम की जांघ पर रगड़ने लगा. मैडम- एक बात मानेगा मेरा. मैं- एक क्या सौ बात मानूंगा. मैडम- पहले एक बार तथा चूत को चोदो … जब मैं झड़ जाऊंगी, तब जितना मर्जी हो, मेरी गांड मार लेना. मैं- ठीक है मैडम लंड के निशाने पर आ जाओ. मैडम ने मेरी तरफ करवट ली तथा अपनी मोटी जांघ मेरे कमर से लपेट दी. मैडम की फूली हुई झांटों से भरी मोटी चूत मेरे लंड को छू गई. लंड पे चूत का स्पर्श पाते ही मेरे लंड में सुरसुरी पैदा हो गया. मैं भी अपना लंड मैडम की चूत पर रगड़ने लगा. मैडम की नगाड़े जैसे चूतड़ों को मसलते हुए उनकी एक चुची को मुँह भर भर के चूसने लगा. मैडम भी गर्म हो गईं. वो अपने चूतड़ों को सिकोड़ सिकोड़ कर अपनी चूत को मेरे लंड से रगड़ने लगीं. तभी मैंने मैडम को चित लिटाया तथा उनकी चूत पर हाथ फेरने लगा. उनकी चुची के निप्पल को जोर जोर से चूसने लगा. मैंने मैडम की चुची चुसते हुए उनकी चूत में एक उंगली पेल दी. मैडम कसमसा उठीं तथा उन्होंने अपनी टांगें फैला दीं. मैंने मैडम की चूत में उंगली चलाना शुरू कर दिया. इससे मैडम अपनी गांड को बार बार उठाने लगीं. तभी मैं मैडम के बदन को चाटते हुए उनकी नाभि तक आया तथा जैसे ही मैंने अपनी जीभ को मैडम की नाभि में घुसाया, मैडम जोर से सिसकारने लगीं. मैं दोनों हाथों से मैडम की दोनों चुची मसलते हुए उनकी नाभि में जीभ को ठेलने लगा. मैडम गनगना गईं. मैं अपना मुँह को नीचे सरकाता हुआ जैसे ही मैडम की चूत पर अपनी जीभ को रखा, मैडम एक बार फिर जोर से सीत्कार भरते हुए मेरे सर को पकड़ कर अपने चूत पर दबाने लगीं. मैंने अपनी जीभ को मैडम की चूत की दरार पर जैसे ही फिराया, मैडम अपने चूतड़ों को सिकोड़ते हुए मेरे सर को चूत की तरफ तथा जोर से दबाने लगीं. मैडम की चूत इतनी फूली हुई तथा गुंदाज थी कि मेरी नाक की नोक मैडम की चूत के दरार में डूब गई. आह … उनकी चूत की एक मोहक खुशबू से मैं मदहोश हो गया. मैडम सी सी करने लगीं. मैं जोर जोर से मैडम की चूत को चाटने लगा. मैडम- ओह मेरे बुर-चटना भतीजे … बहुत आनंद आ रहा है … चूत चटवाने में … आह … चाटो इसी तरह मेरी चूत को! मैं- चाचा कभी चाटते हैं कि नहीं इस चूत को? मैडम- आज तक नहीं चाटा है तुम्हारे चाचा ने. मैं- आनंद आ रहा है न मैडम चूत को चटवाने में? मैडम- हां बहुत आनंद आता है रे … मुझे पहले से पता होता कि चूत चटवाने में इतना आनंद आता है … तुम्हारे चाचा से तो रोज चटवा लेती. तुम्हारे आगे तुम्हारा चाचा तो बिल्कुल अनाड़ी है. चोदना तो कोई तुमसे सीखे. एक औरत को असली आनंद तू ही दे सकता है. मैंने यूं ही जीभ से चाटते हुए मैडम की चूत को एक बार जोर से काटा, तो मैडम तिलमिला गईं- कितना जोर से काटते हो. मैं- जी तो चाहता है कि आपकी चूत को चबा जाऊं. आपकी चूत इतनी मासंल है कि क्या कहूँ. मैडम- मेरी चूत तुम को बहुत पसंद है? मैं- हाँ मैडम, आपकी चूत दुनिया भर की सबसे सुन्दर चूत है. बहुत फूली हुई है आपकी बुर … आपकी चूत की मोटी मोटी फांकें कितनी वासनात्मक हैं, एक नपुंसक मर्द भी ऐसी चूत देख कर मर्द बन जाएगा. मैडम- इतनी सुन्दर है मेरी चूत? तेरे चाचा ने भी आज तक मेरी इस चूत की इतनी तारीफ नहीं की है. तुमको क्यों इतनी पसंद है मेरी चूत? मैं- आप मोटी तगड़ी हो इसलिए, मोटी औरत की चूत बहुत बड़ी तथा बहुत फूली हुई होती है तथा मुझे ऐसी ही चूत पसंद आती है. मैडम- तो देर क्यों करते हो … आओ न लंड डाल कर मेरी चूत चोदो न. मैडम पूरे जोश में आ गयी थीं, वो अपने चूतड़ों को बार बार उछाल रही थीं. मैं- पहले मेरा लंड चूसो, फिर चोदूँगा. यह कहने के साथ ही मैं उठकर खड़ा हो गया. मैडम भी उठकर बैठ गईं तथा मेरा लंड पकड़ कर पहले कुछ देर तक मसलती रहीं, फिर उन्होंने जैसे ही अपने मुँह में मेरा सुपारा लिया, मैं एकदम से गनगना उठा. मैडम के मोटे तथा नर्म नर्म होंठ के स्पर्श ने मेरे पूरे बदन में सिहरन पैदा कर दी. मेरे मुँह से एक लम्बी सीत्कार निकल गई- आह … मैडम … बहुत आनंद आ रहा है … तथा अन्दर ले लो न प्लीज. मैडम ने गप से मेरा आधा लंड मुँह में ले लिया. मैडम के मुँह की गर्मी का आभास होते ही मेरे दिल में एक अजीब सी गुदगुदी पैदा हो गई. मैं अपने चूतड़ों को आगे पीछे करते हुए मैडम के मुँह को चोदने लगा. मैडम के मुँह से गुँ … गुँ की मस्त आवाज आने लगी. मैडम मेरा लंड पकड़ कर बड़े ही चाव से चूसने लगीं. मैं- मैडम लंड चूसने में कैसा लग रहा है? मैडम मुँह से लंड निकाल कर मेरे लंड को जोर जोर से हिलाते हुए बोलीं- जैसा तुमको मेरी चूत चाटने में आनंद आ रहा था, मुझे तेरा लंड चूसने में वैसा ही आनंद आ रहा है. मैं- चाचा का लंड कभी चूसा है आपने? मैडम- नहीं … लेकिन तनीषा को (बड़ी मैडम) जेठ जी का लंड चूसते देखा है. मैं- इसका मतलब आप बड़ी मैडम की चुदाई हमेशा देखा करती हो. मैडम- दो साल से देखती आ रही हूँ. जब से तेरे चाचा जेल गए हैं, तब से उन्हीं की चुदाई देख कर मैं अपनी चूत में उंगली डाल कर अपनी चूत का जल झाड़ लेती हूँ. मैं- बड़े चाचा बड़ी मैडम की गांड मारते हैं या नहीं? मैडम- कभी कभी … जेठ जी का लंड तुमसे भी बड़ा है. मैं- आप तो बड़ी छिनाल औरत हो मैडम. मैडम- तनीषा की चुदाई देख देख कर मैं छिनाल बन गयी हूँ. इसी तरह की बातें करते हुए मैडम मेरा लंड चूस रही थीं. मैं- मैडम मेरा एक काम कर दोगी? मैडम- कैसा काम? मैं- मुझे बड़ी मैडम को भी चोदना है … किसी तरह आप चुदवा दो न. मैडम- तू सिर्फ मुझे चोदेगा … तेरे लंड पर अब मेरा हक है. जब तुझे तनीषा की चूत चोदने को मिल जाएगी, तो तू मुझे कम चोदेगा. मैं- नहीं मैडम … आपकी चूत की कसम खा कर कहता हूँ … आपको चोदना नहीं छोडूंगा. आपको तो मैं रोज चोदूँगा … बस आप प्लीज आप बड़ी मैडम को मेरे लंड के लिए मना लो. मैडम- तनीषा कोई रंडी हैं, जो कहते ही अपनी चूत फैला कर तुमसे चुदवाने आ जाएंगी. मैं- आप रंडी हो क्या … जो मुझसे चुदवा रही हो? मैडम- मैं तो दो साल से प्यासी थी तथा तू तनीषा की चुदाई देखते हुए पकड़ा गया. इसीलिए मैं तुमसे चुदवा रही हूँ. मेरी चूत भी लंड के लिए तरस रही थी तथा तेरे लंड को भी चूत चाहिए थी. लेकिन तनीषा की चूत की चुदाई तो रोज ही होती है. जेठ जी का लंड तेरे से बड़ा भी है. तनीषा की चूत को रोज लंड मिल जाता है. फिर उनको किसी तथा का लंड का क्या जरूरत है. मैं- आप कोशिश तो करो मैडम … प्लीज मैडम. मैडम- ठीक है मैं कोशिश करूँगी. लेकिन चल आ जा, पहले जल्दी से मेरी चूत चोदने आ जा. इतना कह कर छोटी मैडम मेरा लंड चूसना छोड़कर चित लेट गईं तथा अपने दोनों पैरों को फैला कर आसमान की तरफ उठा लिए. ऐसा करने से मैडम की चूत की फांक थोड़ी सी खुल गयी. चूत की फांक के अन्दर गुलाबी रंगत देखते ही मैं सिहर उठा. मैं घुटने के बल बैठ कर अपना लंड अपने हाथों से पकड़ कर अपने सुपारे को मैडम की चूत की फांकों में रगड़ने लगा. मैडम लंड का स्पर्श पाते ही जोर जोर से सिसकारी भरने लगीं. तभी मैं मैडम की दोनों जांघ के मांस को मुठ्ठी भर पकड़ कर अपने लंड को मैडम की चूत की फांक में पेलते हुए रगड़ने लगा. मैडम की चूत की फांकें इतनी गहरी थीं कि मेरा लंड उनकी चूत की फांक में झट से समा गया. अब मैं जोर जोर से चूत की फांकों के बीच में अपना लंड रगड़ने लगा. मैडम अपना चेहरा बिगाड़ बिगाड़ कर फांक में रगड़ मारते हुए लंड को देखने लगीं- क्या लंड है तेरा रे … कितना तगड़ा तथा गर्म लंड है तेरा. मेरी चूत को अजीब सा आनंद दे रहा है रे … आह … चोद न मेरी चूत को. मैडम मेरे लंड को अपनी हाथों से चूत पर दबाने लगीं तथा मैं जोर जोर से चूत की फांक में अपना लंड रगड़ने लगा. मैडम- अब पेल भी दे न चूत में अपना लौड़ा … साले को मस्ती सूझ रही है … इधर चूत में आग लगी पड़ी है. मैं- पेल दूँ? मैडम मेरे लंड को अपनी चूत के छेद पर टिका कर बोलीं- हां जल्दी से पेल दे, एक ही धक्के में पूरा पेल देना. मैडम की बात खत्म भी न हुई थी कि मैंने जोर से धक्का दे मारा. मेरा लंड सरसराता हुआ पूरा का पूरा मैडम की चूत में जड़ तक समा गया. मैडम- इहिही … क्या लंड है तेरा रे … एक ही धक्के में स्वर्ग दिखा दिया. अब चोद जोर जोर से! मैं- कैसा लगा मैडम? मैडम- तेरे लंड का जवाब नहीं है … क्या लंड पाया है तूने. बहुत आनंद आ रहा है रे … चोद न जोर जोर से! मैंने मैडम की जांघ के गुंदाज मांस को मुठ्ठी भर कर पकड़ा तथा मैडम को जोर जोर से चोदने लगा. मैडम की चूत में मेरा लंड बड़ी तेजी से घुस तथा निकल रहा था. मैडम अपने सर को उठा कर चूत को चोदते हुए लंड को देख रही थीं तथा मैं जोर जोर से अपना लंड मैडम की चूत में पेलने में लगा था. मैडम अपनी चेहरा बिगाड़ बिगाड़ कर सीत्कार भरती हुई चूत में धंसते हुए लंड को देखे जा रही थीं- आह क्या मस्त चोदता है रे तू … साले तूने तो मुझे जिन्दा स्वर्ग में पहुंचा दिया … आह … चुदाई का असली आनंद दे रहा है तू. आह …तेज तेज चोद … चोद … चोद अपनी मैडम को. मैं मैडम को चोदे जा रहा था तथा मैडम ‘चोद … चोद …’ बोले जा रही थीं. तभी मेरी नजर खिड़की पर पड़ी. खिड़की के उस पार एक साया दिखाई दिया … वो साया मुझे किसी औरत के जैसा लगा. मैं समझ गया कि बड़ी मैडम हम दोनों की चुदाई देख रही हैं. बड़ी मैडम को इस तरह हमारी चुदाई देखते हुए देख कर मेरा जोश तथा बढ़ गया. मैं तथा जोर जोर से छोटी मैडम को चोदने लगा. मैं यह सोच कर अन्दर ही अन्दर खुश हो गया था कि बड़ी मैडम चुदाई देख कर शायद मेरी ओर आकर्षित हो जाएं. मैं उनको अनदेखा करते हुए मौके में चौका मारने लगा. मैं बड़ी मैडम के बारे में बोल बोल कर छोटी मैडम को चोदने लगा- काश … आपकी तरह मुझे बड़ी मैडम की चूत चोदने का सौभाग्य प्राप्त हो जाता. मैडम- तू कितना उतावला है रे … तनीषा को चोदने के लिए … साले तू चोद मुझे रहा है तथा तेरा ध्यान तनीषा की चूत पर है. मैं- क्या करूँ मैडम … बड़ी मैडम भी आप ही की तरह मादक बदन वाली माल जैसी औरत हैं. उनकी चूत गांड तथा उनकी चूचियों ने मुझे दीवाना बना दिया है. मैडम- पहले मेरी चूत की आग तो बुझा रे! मैं- आपको तो चोद ही रहा हूँ. बस बड़ी मैडम की चूत चोदने का मौका मिल जाए तो … मैं धन्य हो जाउंगा. मैडम- किस किस को चोदेगा रे तू … अपनी बीवी को चोदता है, मुझे चोदता है तथा तनीषा को चोदने के लिए दीवाना हो गया है. कितनों की चूत चोदेगा तू? मैं- बस एक बड़ी मैडम की चूत मिल जाए! इसी तरह मैं बड़ी मैडम के बारे में बातें करते हुए छोटी मैडम को ताबड़तोड़ चोद रहा था. तभी मैडम की सीत्कार गहरा गईं तथा उनका स्वर तेज होता चला गया. मैडम ने अपने पैरों को तथा ऊपर उठा कर पूरी टांगें खोल दीं. मैडम नीचे से गांड उछालते हुए बोलने लगीं- चोद जोर जोर से मैं अब झड़ने वाली हूँ. मेरी चूत में गुदगुदी तेज हो रहा है. पूरी ताकत से चोदो. मैं अपनी पूरी ताकत लगा कर मैडम को चोदने लगा. मैडम लम्बी लम्बी सीत्कार भरने लगीं साथ ही वे बोले जा रही थीं- हाँ … हाँ ऐसे ही … ऐसे ही हचक कर चोद दे … सच्ची बहुत आनंद आ रहा है … उफ्फ … उफ्फ … ओह … आह … चोदो जल्दी जल्दी … मैं बस झड़ने वाली हूँ … आह … आह! मैडम की चूत में तेज सुरसुरी होने लगी तथा मैडम ने मुझे जोर से जकड़ कर पकड़ लिया. मैडम ने अपने चूतड़ों की उछाल की गति को बढ़ा दिया. मैंने भी अपनी स्पीड को बढ़ा दिया. मैडम- आह … आह … कट गई … मैं गई! मैं- ओह मैडम … मुझे भी आनंद आ रहा है. मैडम- आह … आह … चोदो … तथा जोर से … पेल दे … आह …चोद दे … मैं झड़ने वाली हूँ … औह्ह … तथा तेज चोदो … मेरी चूत … आह … झड़ सी रही है … आह … आह … ओह … ओह … हो! तभी मैडम कचकचा कर मुझसे लिपटी हुई बोलीं- आह … मैं झड़ रही हूँ … आह! मैडम की सीत्कारें लम्बी हो गईं. अगले ही पल मैडम की चूत ने ढेर सारा जल उगल दिया. मैडम अपनी पूरी ताकत से मुझसे लिपट गईं. उनकी चूत लगातार जल छोड़ रही थी. मैडम माल छोड़ने के साथ ही चिल्लाए जा रही थीं- ठेल ठेल कर चोद … आह … साले … मार दिया! मैं अपना लंड मैडम की जल छोड़ती हुई चूत में जोर जोर से ठेलने लगा. कुछ देर के लिए मैडम अपनी सांसें रोक कर अपने बदन को ऐंठते हुए कचकचा कर मुझसे लिपट गईं. अब वे अपनी चूत को सिकोड़ने लगीं. उनकी चूत का कसाब मेरे लंड को कसे जा रहा था. मैं अभी झड़ा नहीं था. मेरा लंड मैडम की चूत में उसी के जल में डूब गया. मैं अभी भी लंड को चूत में ठेले जा रहा था. मैडम चूत को सिकोड़ सिकोड़ कर मेरे लंड को मानो निचोड़ रही थीं. धीरे धीरे मैडम की चूत का कसाब मेरे बदन पर ढीला पड़ता गया. मैडम हांफती हुई निढाल हो गईं. लेकिन मेरा जोश अभी भी भरा हुआ था. मैं मैडम के ऊपर से हटा तो मेरा फुंफकार मारता हुआ लंड बाहर निकला. जोश में भरा हुआ लंड तमतमाया हुआ था. चूत के जल से नहाए हुए लंड को मैंने जानबूझ कर खिड़की की तरफ कर दिया ताकि बड़ी मैडम आराम से मेरा पूरा लंड देख सकें. मैंने नजरें बचाकर खिड़की की ओर देखा तो बड़ी मैडम अभी भी वहीं खड़ी थीं. मैं अपना लंड पकड़ कर हिलाते हुए छोटी मैडम से बोला- मैडम, अब गांड मारने दो. मैडम- कितना उतावला हो रहा है गांड मारने के लिए. मैं- जिन्दगी में पहली बार मुझे गांड मारने को मिल रही है. वो भी इतनी बड़ी गांड … वो भी अपनी मस्त मैडम की गांड … तुम जल्दी करो मैडम पेट के बल लेट जाओ, मेरा लंड फट रहा है. मैडम पलट कर पेट के बल हो गईं- टेबल पर तेल की बोतल है … तेल लगा लो पहले. मैं टेबल के पास गया तथा तेल के शीशी से तेल निकाल कर पहले अपने पूरे लंड पर तेल लगाया. मैं लंड पर तेल लागते समय अपने लंड को बड़ी मैडम की तरफ दिखा दिखा कर हिला रहा था ताकि बड़ी मैडम भी लंड को देखने का आनंद ले लें. फिर मैं लंड हिलाता हुआ छोटी मैडम की गांड की तरफ आया तथा बोला- मैडम अपनी गांड को फैलाओ. मैडम ने अपने दोनों हाथों से गांड को फैला दिया. मैंने ढेर सारा तेल मैडम की गांड में डाल दिया. फिर मैं मैडम की गांड पर चढ़ गया तथा अपना लंड मैडम के गांड के छेद पर भिड़ा कर बोला. मैं- मैडम मैं पेल रहा हूँ … बर्दाश्त करना. मैडम- हाँ पेलो! मैंने अपना लंड मैडम की गांड में ठेल दिया. तेल की चिकनाई की वजह से आधा लंड सट से अन्दर घुस गया. मैडम चिहुंक गईं. मैं- क्या हुआ मैडम … दर्द हो रहा है क्या? मैडम- आह … तुम दर्द की फिकर मत करो … पूरा लंड घुसाओ. मैंने एक बार तथा ठेल दिया. मैडम नीचे से गांड को उचका दी. मेरा पूरा लंड मैडम की गांड में समा गया. मैं- मैडम बहुत कसी हुई गांड है आपकी. मैडम- गांड कसी हुई ही होती है पगले. मैं- बहुत आनंद आ रहा है मैडम. मैडम- तो ले ले न अपनी मैडम की गांड का मजा. मैंने धक्के लगाना शुरू कर दिए. मैडम की गांड किसी गद्दे से कम नहीं थी. मैंने मैडम की गांड मारना शुरू कर दिया. चूतड़ों के गुंदाज मांस को मुठ्ठी में भर पकड़ कर धक्के लगाने शुरू कर दिए. मैडम की गद्दे जैसी गांड चोदने में बहुत आनंद आ रहा था. मैं- ओह … मैडम आपकी गांड बहुत आनंद दे रही है. आज जिन्दगी में पहली बार मुझे गांड मारने का सौभाग्य मिला है. आपकी चूत से अच्छी आपकी गांड है मैडम. मैडम- हां ले ले … जितना आनंद लेना है तुझे … आह तू मेरी गांड के आनंद ले ले. मैं- अब मैं रोज आपकी गांड मारूंगा. आपकी गांड की गहराई मेरे लंड को बहुत आनंद दे रहा है. आह … मैडम बहुत मस्त गांड है आपकी. मैं जोर जोर से मैडम की गांड में अपना लंड पेलने लगा. मैडम पूरा साथ दे रही थीं. वो अपनी भारी भरकम गांड को ऊपर की तरफ उठा उठा कर पूरा का पूरा लंड गांड में ले रही थीं. मैडम- आनंद आ रहा है न गांड मारने में? मैं- सच में मैडम आपकी गांड आपकी चूत से ज्यादा आनंद देती है. मैडम- तू अपनी सारी लालसा मिटा ले आज मेरी गांड मार मार के मस्त हो जा पर मेरी चूत में उंगली चलाता जा. मैंने मैडम की चूत के दाने को अपनी दो उंगलियों के बीच में दबा कर मींजना शुरू कर दिया. मैंने पूछा- चाचा आपकी गांड कितनी मारते थे? मैडम- जिस दिन तेरा चाचा दारू पी लेता था. उस दिन वो मेरी गांड जरूर मारते थे. मैं- चाचा बहुत भाग्यशाली हैं … जिसको आप जैसी बड़ी गांड वाली बीवी मिली है. मैडम- मेरी गांड की ज्यादा तारीफ मत कर … बस तू मजे ले. मैं- मुझे नहीं पता था मैडम कि आपकी चूत से ज्यादा आनंद आपकी गांड मारने में आएगा. यह बात मैं बड़ी मैडम को सुनाने के हिसाब से भी बार बार कर रहा था. मैडम- आह कितना दीवाना है रे तू … मेरी गांड मारने के लिए. मैं- मैडम पहली बार गांड मार रहा हूँ. अब मैं आपकी चूत से ज्यादा आपकी गांड मारूंगा. यदि मौका मिला तो बड़ी मैडम की गांड भी मार लूँगा. मैं पागलों की तरह मैडम की गांड में लंड पेले जा रहा था. तभी मेरे लंड में एक तेज गुदगुदी होना शुरू हो गया. मैं- मैडम अब मैं झड़ने वाला हूँ … जल्दी बोलो, क्या करूँ? मैडम- मेरी गांड के अन्दर ही रस झाड़ना. मैंने धक्के लगाने की स्पीड तेज कर दी थी. मैडम भी गांड को जोर जोर से उचकाने लगीं. तभी मेरा लंड गर्म गर्म वीर्य उगलने लगा. मैं कचकचा कर मैडम की गांड से चिपक गया. मेरा सारा वीर्य मैडम की गांड के अन्दर ही निकल गया. मैं हाँफते हुए मैडम के ऊपर निढाल हो गया. मैडम भी जोर जोर से हाँफने लगीं. मैं थोड़ी देर यूँ ही मैडम की गांड पर पड़ा रहा. फिर अपना लंड मैडम की गांड से बाहर निकाला. फुंफकार भरता हुआ लंड अभी भी तेज झटके मार रहा था. मैं खिड़की की तरफ घूम गया. बड़ी मैडम अभी भी खिड़की के पास खड़ी थीं. शायद वे मेरे तने हुए लंड को देख रही थीं. तभी छोटी मैडम उठ कर बैठ गईं तथा मेरा लंड पकड़ कर बोलीं- बाप रे कितना विकराल रूप धारण कर रखा है तेरे लंड ने … सच में क्या लंड पाया है तूने. आज तो आनंद आ गया रे. मैं तो आज से तेरे लंड की गुलाम बन गयी हूँ. मैंने मैडम को फिर से सेज पर चित लेटा कर अपना लंड उनकी चूत में घुसा कर मैडम के ऊपर छा गया. दस मिनट के बाद हम दोनों अलग हुए तथा वस्त्र पहन लिए. मैंने खिड़की की तरफ देखा … बड़ी मैडम जा चुकी थीं. मैं भी दबे पाँव अपने सेज पर जा कर सो गया. छोटी मैडम भी दरवाजा अन्दर से बंद करके सो गईं. मैडम की चूत तथा गांड चुदाई स्टोरी आपको कैसी लगीं. नीचे लिखे ईमेल पर अपनी राय जरूर दें. 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