अम्मी की चुदाई दोस्त के ताऊ जी के साथ-2
आपको बता दूं कि, पिछला भाग पढ़े:- अम्मी की चुदाई मित्र के ताऊ जी के साथ हैलो दोस्तों, मैं फैजल आपका स्वागत करता हूं एक नई चुदाई की कहानी में। यह कहानी मेरी अम्मी की है। कैसे उन्हें मेरे मित्र के ताऊ जी ने चोदा, पढ़िये इस कहानी में। यह कहानी का दूसरा भाग है। आपने पहला भाग पढ़ा होगा। अब आगे- सुबह हो जाती है। असल में, मेरे दिमाग में निशा का ही ख्याल चल रहा था, जब अंकल की गोद में अम्मी बैठी थी तथा दोनों किस्स करते है। फिर अम्मी मेरे कमरे में आती है। वो तैयार हो चुकी थी। उन्होंने पीली रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें वो कुछ ज्यादा ही सेक्सी लग रही थी। आपको बता दूं कि, उनके बूब्स तथा गांड उभर कर दिख रहे थे। अम्मी: फैजल तैयार हो कर शादी वाले घर आ जाना। यकीन मानिए, मैं: हां बस आता हूं थोड़ी देर में। अम्मी: हां मैं वहीं जा रही हूं। विराट जी काल आया था। मैं: जी आप चलो, मैं आता हूं। सच कहूं तो, मैं तैयार हो कर शादी वाले घर पहुंच जाता हूं। आज निशा को बारात आने वाली थी। इसलिए सब अपने कम में लगे हुए थे। मैं राज को खोजने लगा, इतने में विराट अंकल दिख गए। यकीन मानिए, अंकल: क्या हुआ फैजल बेटा, कुछ चाहिए? मैं: नहीं अंकल, वो राज को देख रहा था। अंकल: वो तो बाजार गया है, आता ही होगा। विराट अंकल का अभी अलग रूप था। आपको बता दूं कि, पर निशा को अम्मी के सेज पर कुछ तथा ही था। मैं भी थोड़ा काफी काम करने लग गया। अम्मी बाहर आती है फोन पर बात करने, तथा सारे मर्दों की नज़र उनके बदन पर थी। वो पसीने में गीली थी। उनका जिस्म तथा ज्यादा हसीन लग रहा था। वो दूर से विराट अंकल को देखती है, तथा उनकी तरफ देख कर मुस्कुरा देती है, तथा फिर से अंदर चले जाती है। दोपहर हो जाती है। मैं तथा अम्मी खाना खा कर वापिस राज के घर चले जाते है थोड़ी देर आराम करने। अम्मी के पास फोन आता है तथा वो थोड़ी देर बाद कहीं जाने लगती है हल्का-फुल्का मेकअप करके। मैं: कहां जा रही है अम्मी? अम्मी: शादी वाले घर जा रही हूं। राज की मम्मी का काल आया था। मैं: ठीक, मैं भी चलता हूं। अम्मी: नहीं, तू आराम कर, काफी धूप है बाहर। मैं आती हूं थोड़ी देर में। अम्मी चली जाती है, पर उनकी बातों से लग रहा था वो झूठ बोल रही थी। उनका बर्ताव भी थोड़ा अलग था, तो मैं उनके पीछे-पीछे जाता हूं। पर वो शादी वाले घर पर नहीं थी। मैं वापिस घर जाने लगता हूं। इतने में मेरी नज़र विराट अंकल पर जाती है। वो खेतों की तरफ जा रहे थे। मैं उनका पीछे करने लगता हूं। वो उनके तबेले की तरफ जाते है। उनका तबेला काफी बड़ा है। मैं पहले भी देख चुका था। वो तबेले के अंदर घुसते है, तथा इधर-उधर देख कर अंदर चले जाते है। गर्मी की दोपहर थी, इस समय कोई बाहर नहीं निकलता अपने घर से। मैं धीरे से गेट खोल कर अंदर चला जाता हूं। अंदर एक कच्छ बना हुआ था। वो उसके अंदर घुस जाते है, तथा दरवाजा खुला रह जाता है। मैं अंदर देखता हूं अम्मी पहले से ही अंकल का इंतज़ार कर रही थी। वो साड़ी निकाल चुकी थी, बस ब्लाउस तथा पेटीकोट में थी। जमीन पर सेज बिछा हुआ था, तथा वो उस पे बैठी थी। अम्मी: इतनी देर कहां लग गई? मैं कब से बैठी हूं। अंकल: सब्र का फल मीठा होता है मेरी रज़िया। अम्मी: हां तो अब फल चखा दो ना, इंतजार नहीं हो रहा। आपको बता दूं कि, अंकल अम्मी के करीब जाते है तथा उनको पकड़ लेते है। अम्मी उनके हाथों को अपने कंधे पर रख लेती है। दोनों आमने-सामने बेठे थे। फार अंकल अम्मी के तथा करीब जाते है, तथा उनको किस्स करने लगते है। आपको बता दूं कि, अम्मी भी उनके होंठ चूसने लगती है। ध्यान देने वाली बात है कि, मैं दरवाजे कर पीछे से छुप कर सब देखता हूं। ब्लाउस के ऊपर से अंकल अम्मी के बूब्स मसलने लगते है। अम्मी पूरे मजे से अंकल के होंठ चूस्ती है। उनके कड़क हाथों के टच से मजे लेती है। यकीन मानिए, अंकल अम्मी के पूरे जिस्म पर हाथ फेरने लगते है। अम्मी को लिटा कर उनके ऊपर चढ़ जाते है, तथा उनके पूरे बदन को चूमने लगते है। अम्मी पूरी तरह से उत्तेजित हो जाती है। वो अंकल के ऊपर आ जाती है, तथा उनका कुर्ता निकाल फेंकती है। फिर वो उनके होंठों पर अपने होंठ रख कर चूसने लगती है। ध्यान देने वाली बात है कि, अंकल ब्लाउस की डोरी खोलते है, तथा पीठ सहलाने लगते है। अम्मी ब्लाउस के हुक खोल देती है, तथा अंकल ब्लाउस निकल कर फेंक देते है। अम्मी के बड़े बूब्स अंकल के सामने थे। वो दोनों हाथों से उनको दबाने मसलने लगते है। अम्मी की सिसकियां निकलने लगती है। सच कहूं तो, अम्मी की आवाज़ काफी कामुक थी, उनकी सिसकियों से अंकल में तथा जोश आ जाता है। अंकल पूरे बूब्स निचोड़ देते है। अम्मी को पूरा नंगा करने लगते है। वो पेटीकोट निकाल देते है। अम्मी अब पूरी नंगी मेरे सामने अंकल के जिस्म के साथ खेल रही थी। अंकल भी नंगे हो जाते है। उनका बड़ा काला लंड अम्मी के सामने था, जिसको देख अम्मी के मुंह में जल आने लगता है। आपको बता दूं कि, उनका वाकई में बड़ा, तगड़ा, तथा मोटा है। जभी अम्मी उनके साथ चुदती है। अम्मी उनका लंड हाथ में लेती है तथा आगे-पीछे लगती है। अम्मी: आज भी आपका लंड वैसा ही है, जैसा पहली बार देखा था। अंकल: हां मेरी रज़िया, तो पहले की तरह इसको चूस। अम्मी लंड के टोपे पर अपने होंठ रखती है, तथा जीभ से चाटने लगती है। देखने से लग रहा था कि अम्मी बड़े दिनों बाद बड़ा तगड़ा लंड चूस रही थी। धीरे-धीरे अम्मी पूरा लंड मुंह में ले लेती है। अंकल उनके बाल पकड़ के प्रेम से अम्मी का मुंह चोदने लगते है। अम्मी पूरे मजे से मुंह चुदाई का मजा लेती है। फिर अंकल थोड़ा रफ होते है, तथा जोर-जोर से करते है। अम्मी हांफने लगती है, तथा उनको रुकने का इशारा करती है। पर अंकल नहीं रुकते। उनके ऊपर हवस चड़ जाती है। फिर अम्मी एक-दम जोर से धक्का दे देती है। अम्मी उनके हाथ से छूट जाती है, तथा हांफने लगती है। अम्मी: अहह विराट जी, बड़े दिनों बाद लंड मिला है इतना बड़ा, आराम से करो। अंकल (अम्मी के बाल पकड़ के बोलते है): साली रांड, तू भी तो बड़े दिनों बाद मिली है। यकीन मानिए, अम्मी: बड़े दिनों बाद मिली हूं, तो अब चोद लो मेरी चूत की गर्मी शांत करो। ध्यान देने वाली बात है कि, अंकल अम्मी को नीचे लिटा कर उनके ऊपर चढ़ जाते है, तथा अम्मी की चूत पर लंड सेट कर देते है। ध्यान देने वाली बात है कि, वो अम्मी के दोनों हाथ जकड़ लेते है, तथा लंड अंदर डालने लगते है। अम्मी की चूत टाइट लग रही थी। असल में, अंकल का लंड अंदर जा नहीं रहा था। अंकल: कुतिया काफी टाइट हो गई तेरी चूत। तेरा शौहर चोदता नहीं तुझे? अंकल अम्मी को अपने हाथों से जकड़ लेते है, तथा एक जोर से धक्का देते है। अम्मी की चीख निकल जाती है। अंकल उनको किस्स करते है। उनकी आवाज अंदर ही दब जाती है। यकीन मानिए, अम्मी अंकल से छूटने की कोशिश करती है। अंकल थोड़ा रुकते है, तथा फिर से जोरदार धक्का देते है। अम्मी की आँखों से आंसू आने लगते है। उनको देख लगता है पहली बार लंड ले रही थी। अंकल जोरदार धक्के देते है, तथा अम्मी की हालत खराब होने लगती है। फार अंकल थोड़ा रुकते है, तथा किसिंग तोड़ते है। अम्मी: अहह विराट जी, उम्र के साथ तथा जानवर बन गए आप तो। इतने रोज बाद लंड लिया तो हालत खराब कर दी। अंकल: अभी तो शुरुवात है। अंकल अब धीरे-धीरे चोदने लगते है। अम्मी का दर्द अभी भी खतम नहीं हुआ था। अंकल बूब्स मसलते किस्स करते, तथा अम्मी को भी मजा आता है। अम्मी की चीखें नहीं रुकती है। अंकल भी पूरे मजे से अम्मी को चोदते है। अंकल जोर-जोर से चोदने लगते है, अम्मी की चीखे सुन कर उनको तथा जोश आता है। उनकी चीखे सुन कर लगता है अम्मी कितने दिनों से प्यासी थी, तथा आज उनकी प्यास मिटने वाली थी। अम्मी: उफ्फ़ विराट जी ऐसे चोदते रहो। रुको मत, जान निकाल दो मेरी। अंकल: हां मेरी छिनाल। अम्मी की बातों से अंकल में तथा जोश आ जाता है। असल में, अंकल अपने पूरे जोश में चोदते है बिना रुके पूरा कच्छ फ़च-फ़च की आवाज़ से गूंजता है। अम्मी को दर्द के साथ मजे आ रहे थे। ऐसे ही वो मिशनरी में अम्मी को चोदते है। फार अंकल थोड़ा रुकते है, तथा अम्मी की साड़ी से पसीना साफ करते है। ऐसी गर्मी में दोनों पसीने में पूरे भीग चुके थे, पर दोनों की गर्मी अभी शांत नहीं हुई थी। अंकल अम्मी को अपने लंड पर बैठा लेते है। अम्मी भी अंकल के साथ रंडी बन जाती है, तथा उनके बड़े खड़े लंड पे उछलने लगती है। उनके बड़े बूब्स हवा में झूलने लगते है। यह देख तथा अंकल में तथा जोश आ जाता है। सच कहूं तो, वो अम्मी के बूब्स पकड़ के दबाने लगते है। अम्मी किसी रंडी की उनके साथ चुद रही थी। उनके चेहरे पर इतनी खुशी कभी नहीं देखी थी, जितनी आज अंकल के लंड पर कूदने से हो रही थी। अंकल भी पूरे मजे से एक शादी-शुदा औरत को चोदने के मजे ले रहे थे। अम्मी कूदते-कूदते हांफने लगती है, उनकी हालत खराब हो जाती है, पर अंकल रुकते नहीं। वो नीचे से झटके देने लगते है। अम्मी की चूत जल निकाल चुकी थी। उनकी चूत तथा चिकनी हो गई थी। सच कहूं तो, आसानी से लंड उनकी उनकी चूत फाड़ रहा था, तथा मुझे यह सब देखने में मजा आ रहा था। मेरा लंड भी पूरा खड़ा हो जाता है। अंकल अपने पूरे जोश में अम्मी को चोदने लगते है। वो अब अपने चरम पर थे। अंकल ऐसे ही चोदते है, तथा अम्मी के अंदर ही झड़ जाते है। अम्मी उनके सीने पर सो जाती है। यकीन मानिए, अम्मी: विराट जी बड़े सालों बाद मेरी चूत की प्यास बुझी है। अंकल: हां साली कुतिया, मजा आ गया तुझे चोद कर। अम्मी: थका दिया आपने मुझे पहले से भी ज्यादा। अंकल: अच्छा मेरी जान। अम्मी: हां लगता है आपको भी कोई मिली नहीं, सारी हवस निकाल दे मेरे ऊपर। सच कहूं तो, अंकल: मिली तो बहुत, पर तेरे जैसी नहीं मिली मेरी रज़िया। यकीन मानिए, वो दोनों एक-दूसरे की बाहों में थे, तथा थक कर वहीं सो जाते है। मैं भी वहां से निकल जाता हूं। मैं जैसे ही घर से बाहर आता हूं, मुझे राज के भइया विराज वहीं दिखते है। ध्यान देने वाली बात है कि, शायद उन्होंने भी अंदर जो हुआ सब देख लिया था। आपको बता दूं कि, मैं बिना कुछ बोले वहां से निकल जाता हूं। आगे की सेक्स कहानी जानने के लिए बने रहे। धन्यवाद आप सब का कहानी पढ़ने के लिए। अपना अनुभव मेरे साथ जरूर सांझा करे। मेरी ईमेल आइडी [email protected] है। आपको बता दूं कि, प्यासी आंटी तथा आंटी मुझे जरूर मैसेज करे रियल मीट के लिए, तथा अपनी सेक्स कहानी शेयर करने के लिए।