जीजू तनीषा को पति वाला सुख नहीं दे पाए- 1
ध्यान देने वाली बात है कि, मेरी हॉट सिस्टर की सेक्स कहानी में पढ़ें कि एक बार तनीषा कुछ रोज के लिए घर आयी तो उनकी हरकतों ने मेरी अन्तर्वासना जगा दी. मैंने उनको नंगी चूत में उंगली करते देखा.
डियर फ्रेंड्स, मेरा नाम सैम है. मैं अपनी फैमिली के साथ मुम्बई में रहता हूं. हम लोग दक्षिण मुम्बई में एक फ्लैट में रहते हैं.
मेरी फैमिली में मेरी मां (41), पिताजी (48) तथा मेरी दो बड़ी तनीषा रहते हैं. बड़ी वाली तनीषा का नाम पूनम है. उनसे छोटी तनीषा रोशनी है. अब उन दोनों की शादी हो चुकी है.
मेरे पिताजी एक सरकारी विभाग में अफसर हैं.
ये मेरी हॉट सिस्टर की सेक्स कहानी तब की है जब मैं 19 साल का था तथा मेरी दोनों बहनें क्रमश: 24 तथा 23 साल की थीं.
मैं तब कॉलेज के दूसरे साल में था तथा पत्राचार के माध्यम से पढ़ाई पूरी कर रहा था.
हमारी फैमिली शुरू से ही खुले विचारों की रही है. उस वक्त मेरी दोनों बहनों की शादी हो चुकी थी. रोशनी तनीषा अमेरिका में थी तथा पूनम तनीषा बैंगलोर में रहती थी.
दोनों की शादी के बाद घर एकदम खाली खाली हो गया था. शादी के पहले हम तीनों एक ही बेडरूम शेयर किया करते थे. अब उनके जाने के बाद वो बेडरूम मेरा हो गया था.
मैं उस बेडरूम में अब आराम से पोर्न मूवी देख सकता था. मैं अक्सर मनोहर कहानियां तथा काफी सारी अडल्ट मैगजीन लाकर अपने बेड के नीचे रखता था. फिर निशा में उनको पढ़ते हुए आराम से मुठ मारा करता था.
फिर मेरे पिता जी ने मुझे जॉब पर लगवा दिया. मैंने कॉमर्स से कोर्स कर रहा था तो अकाउंटेंट की जॉब आराम से मिल गयी थी. अब मैं ऑफिस जाने लगा था.
एक रोज जब मैं जॉब से लौटा तो मेरे मम्मी पापा सो रहे थे. मैं अपने रूम में गया तो बड़ी तनीषा वहां पर पहले से ही बैठी थी.
मैंने चौंक कर कहा- तनीषा, आप कब आईं?
तनीषा- आज सुबह ही आई थी. तू तब तक ऑफिस जा चुका था.
बड़ी तनीषा बैंगलोर से मुम्बई आई थी.
मेरी नजर तनीषा के बदन पर गयी. उसने एक पारदर्शी नाइटी पहनी हुई थी. उसमें से उसकी ब्रा तथा पैंटी साफ झलक रही थी.
जैसे ही मैं आगे बढ़ा तो तनीषा ने मुझे गले से लगा लिया. मैं भी उनके गले से लगा तो उनके चूचे मुझे मेरे सीने पर महसूस हुए.
आज मुझे तनीषा के चूचे टच होने से करंट सा लग रहा था.
फिर मैंने भी उनको कस कर बांहों में भर लिया तथा मेरा लंड उनकी चूत वाले एरिया पर उनकी पैंटी के ऊपर सटा दिया.
कुछ ही सेकेण्डस् के अंदर मेरा लौड़ा पूरा तन गया था.
फिर उसने गले से हटाया तथा बोली- क्या बात है … आज काफी लेट हो गया तू?
मैंने कहा- हां तनीषा, वो आज एक टैक्स रिटर्न फाइल करनी थी तो इसलिए लेट हो गया.
वो बोली- ठीक है, तू नहा ले. मैं तेरे लिए तब तक खाना लगा देती हूं.
मैं उसके बाद फिर नहाने चला गया.
अब मेरे ख्यालों में तनीषा का वही सेक्सी बदन घूम रहा था जिसको मैंने कुछ देर पहले पारदर्शी नाइटी के अंदर ब्रा तथा पैंटी में देखा था.
अंदर जाकर मैं तनीषा को सोचकर मुठ मारने लगा.
मुझे अंदर गये हुए काफी टाइम हो गया तो तनीषा ने बाहर से पुकारा- क्या बात है सैम, तुझे इतना टाइम कब से लगने लग गया नहाने में?
मैं बोला- बस आ रहा हूं तनीषा.
मैंने मुठ पूरी भी नहीं मारी तथा माल निकाले बिना ही मैं नहाकर बाहर आ गया.
रात में शॉवर लेने के बाद मैं अंडआर्यनयर नहीं पहनता हूं. मेरी हमेशा से यही आदत रही है.
फिर मैं बाहर आया तथा मैंने कॉटन की एक ट्रैक पैंट पहन ली.
मेरी पैंट में मेरा लंड अभी भी तनाव में था. मेरा लंड मेरी ट्रैक पैंट में से भी साफ दिख रहा था.
मुझे लगा कि तनीषा लंड देख लेगी तो मैं जल्दी से आकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गया.
तनीषा पहले से ही वहां बैठी हुई मेरा इंतजार कर रही थी.
मगर मेरे बैठने से पहले ही तनीषा ने मेरे लंड के उभार को देख लिया था.
उसने कुछ रिएक्ट नहीं किया.
जब वो खाना परोसने लगी तो उसकी नाइटी के ऊपर वाले दो बटन मैंने खुले हुए देखे जिनमें से तनीषा की चूचियां झांक रही थीं.
उनके चूचों के बड़े बड़े उभार साफ नजर आ रहे थे.
तनीषा के चूचों को देखकर मेरा लंड फिर से मुख उठाने लगा.
मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था.
फिर वो मेरे सामने ही बैठ गयी.
कुछ देर बाद वो बोली- तुझे तथा कुछ चाहिए है क्या?
मैंने कहा- हां, मुझे एक गिलास जल दे दो तनीषा.
वो मेरे लिये जल का गिलास लेकर आई.
जब वो गिलास रखने लगी तो उसकी चूचियों का क्लीवेज मुझे साफ नजर आया.
उसने मेरी पैंट में उठे मेरे लंड को देख लिया.
मेरा एक हाथ मेरे लंड पर था तथा मेरी नजर तनीषा की चूचियों पर थी.
उसने देख लिया था कि मैं भी उसकी चूचियों को घूर रहा हूं.
फिर वो मेरे सामने जाकर बैठ गयी.
कुछ देर बाद उसने फिर से पूछा- तथा कुछ चाहिए?
मैं- नहीं तनीषा, बस!
तनीषा- क्या बात है, आजकल तू खाना भी कम ही खाने लगा है.
मैं- नहीं तनीषा, निशा में पढ़ना होता है इसलिए इस टाइम कम ही खाता हूं.
वो बोली- ठीक है, तो मैं तेरा बचा हुआ खाना फ्रिज में रख देती हूं.
वो उठी तथा बाकी बचा हुआ खाना फ्रिज में रख आई.
फिर वो हमारे रूम में चली गयी.
चूंकि घर में एक ही रूम था तथा मम्मी पापा हॉल में सोते थे. पहले हम तीनों भाई बहन इसी रूम में सोते थे.
बहनों की शादी के बाद मैं रूम में अकेला रहने लगा था.
मगर जब भी घर में कोई बाहर से आता या मेरी तनीषा लोग आते तो उसी रूम में सोया करते थे.
इसलिए तनीषा को भी आज उसी रूम में सोना था क्योंकि वो कमरा हम तीनों का ही था.
फिर मैंने अपना खाना खत्म किया तथा हाथ धोकर अपनी किताब उठा ली.
मैं किचन में ही बैठकर पढ़ने लगा क्योंकि रूम में तनीषा पहले से जाकर लेट गयी थी.
रात के 12 बजे तक मैं किचन में ही बैठकर पढ़ता रहा.
जब मुझे काफी नींद आने लगी तो मैं किचन की लाइट बंद करके रूम में चला गया.
मैं बिना आवाज किये रूम के पास पहुंचा तथा धीरे से दरवाजा खोला क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि तनीषा जाग जाये.
जब मैंने दरवाजा खोलकर अंदर झांका तो मेरी नैन फटी की फटी रह गयी.
तनीषा की नाइटी उनके चेहरे पर पड़ी हुई थी तथा वो अपनी चूत में दो उंगलियां डालकर अंदर बाहर कर रही थी.
तनीषा की 36 की साइज की चूची जो बिल्कुल गोरी थी, मुझे साफ साफ दिखाई दे रही थी.
इस हाल में तनीषा को देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया.
मैं अपनी नैन फाड़कर तनीषा की चूत की तरफ देख रहा था.
चूंकि तनीषा की नैन उनकी नाइटी के नीचे ढकी हुई थी तो वो मुझे देख नहीं सकती थी.
वो अपनी उंगलियों से अपनी चूत को चोदे जा रही थी.
मैं वहीं पर खड़ा होकर अपने लंड को मसलने लगा.
मेरा मन कर रहा था कि मैं ही अपना लंड तनीषा की चूत में डाल दूं तथा उसकी चूत की प्यास मिटा दूं.
मगर मैं हिम्मत नहीं कर पाया तथा वहीं पर खड़ा रहकर अपने लंड को मसलने लगा.
कुछ देर तक तनीषा तेजी से अपनी चूत में उंगली चलाती रही तथा अपनी चूत के दाने को जोर जोर से रगड़ती रही.
फिर एकदम से उसकी चूत से जल निकला तथा एक लम्बी आह्ह … के साथ तनीषा शांत होती चली गयी.
जब उसने नैन खोलीं तो मुझे सामने देखकर वो हैरान हो गयी.
वो लाज से उठी तथा चुपचाप बाथरूम में जाने लगी.
मगर उसकी नजर मेरे तने हुए लंड पर थी जिसको वो घूरते हुए जा रही थी.
फिर वो बाथरूम में घुस गयी.
मैं बेड पर लेट गया.
मगर मेरे अंदर हवस भरी हुई थी; मेरा लंड खड़ा ही रहा.
आज जो नजारा मैंने देख लिया था उसके बाद तो मुझे चैन नहीं आने वाला था.
बीस मिनट हो गये. तनीषा अभी तक बाहर नहीं आई थी.
मैं बेड पर लेटा हुआ तनीषा के बाहर आने का इंतजार कर रहा था.
मेरी नजर बाथरूम के दरवाजे पर ही लगी हुई थी.
वो कुछ देर के बाद बाहर निकली तो मैं जाग रहा था.
तनीषा- तू अभी तक सोया नहीं है क्या?
मैं- नींद नहीं आ रही थी.
तनीषा- कल ऑफिस नहीं जाना है क्या?
मैं- नहीं, कल मेरी छुट्टी है.
तनीषा- तो क्या पढ़ रहा था अभी तक?
मैं- इकोनॉमिक्स की किताब पढ़ रहा था. आपसे एक बात पूछूं?
तनीषा- हां पूछो.
मैं- अभी जो आप कर रही थी वो क्या था?
तनीषा- वो मैं तुझे बाद में बताऊंगी.
मैं- अभी क्यों नहीं बता सकती?
तनीषा- तू भी तो जवान हो गया है. तेरी भी तो गर्लफ्रेंड होगी. तुझे भी तो पता होगा ये सब!
मैं- हां है मेरी गर्लफ्रेंड, लेकिन मैंने उसको कभी ऐसे करते नहीं देखा.
तनीषा- कितनी गर्लफ्रेंड हैं तेरी?
मैं- एक ही है। वो बोली- कभी उसके साथ कुछ किया है तूने?
मैं- उसके साथ तो कुछ नहीं किया है, हां मगर मेरे ऑफिस की एक कुलीग (सहकर्मी) है जिसके साथ मैंने ऑफिस में सेक्स किया है.
तनीषा- वाह … गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स किया नहीं तथा अपनी ऑफिस की लड़की से सेक्स कर लिया!
मैं- तनीषा, उसका पति मर्चेंट नेवी में है. वो उसको समय नहीं दे पाता है.
तनीषा- अच्छा। आपको बता दूं कि, मैं- तनीषा एक बात बोलूं?
तनीषा- हां बोल.
मैं- आपकी पुस्सी से बड़ी पुस्सी थी उस ऑफिस वाली लड़की की. आपकी पुस्सी में तो दो उंगली भी काफी मुश्किल से जा रही थी.
तनीषा- अच्छा … तो तूने मेरी पुस्सी का साइज भी देख लिया?
मैं- हां, तो आप भी तो दोनों टांगें खोलकर सामने ही उंगली कर रही थीं. सामने से सब कुछ दिख रहा था.
तनीषा- सच बता तूने कितनी लड़कियों के साथ सेक्स किया है?
मैं- बस एक के साथ ही.
वो बोली- कितनी बार सेक्स किया है उसके साथ?
मैं- 6 से 7 बार किया है तनीषा.
तनीषा- उसके घर में कौन कौन है?
मैं- वो तथा उसका पति ही हैं. वो मर्चेंट नेवी में है तथा 6 महीने में एक बार ही घर आता है.
तनीषा- हम्म … ठीक है। फिर मैं बोला- तनीषा, आपके बूब्स तो काफी प्यारे हैं.
तनीषा- तूने मेरे बूब्स कब देख लिये?
मैं- जब आप खाना परोस रही थी तो उस समय झुकते हुए मुझे आपकी चूची दिख गयी थी.
वो बोली- तू काफी बदमाश हो गया है.
मैं- आप भी तो काफी सुंदर हो गयी हो.
तनीषा- हां हां पता है. तू भी तो जवान हो गया है.
मैं- वो कैसे?
तनीषा- तेरी पैंट में बने टैंट से पता लग जाता है.
मैं- ओह्ह … तो आपने भी मेरा टैंट देख लिया है!
तनीषा- तेरे टैंट को देखकर मेरे जिस्म में आग लग गयी थी. मैं यहां बेड पर लेटी हुई उसी आग को शांत कर रही थी.
मैं- तथा जो आग मेरे अंदर लगी हुई है उसका क्या?
तनीषा- अपना हाथ जगन्नाथ! बाथरूम में जाकर हिलाकर आ जा!
मैं- तनीषा, आप ही अपने हाथ में लेकर हिला दो ना मेरे इस लंड को?
तनीषा- तेरा दिमाग खराब हो गया है.
मैं- क्यूं तनीषा, लंड देखकर आप अपनी चूत में उंगली कर सकते हो लेकिन उसी लंड को अपने हाथ में लेकर नहीं हिला सकते?
तनीषा- अगर किसी ने गलती से भी देख लिया तो काफी बदनामी होगी. हम भाई बहन हैं, न कि पति-पत्नी!
मैं- मगर पति के साथ भी तो आप करती होगी. मेरे साथ करने में क्या दिक्कत है. वैसे भी यहां कौन देखने वाला है, हम लोग अपने ही घर में हैं. अपने ही रूम के अंदर हैं. हम कुछ भी कर सकते हैं. आओ ना तनीषा … प्लीज। आपको बता दूं कि, ये कहते हुए मैंने तनीषा का हाथ पकड़ लिया तथा अपनी ट्रैक पैंट पर रखवा दिया.
तनीषा मेरी ट्रैक पैंट के ऊपर से ही मेरे लंड को सहलाने लगी.
उसने एक दो बार सहलाया तथा फिर से हाथ हटा लिया.
मैं बोला- अब क्या हुआ?
तनीषा- मुझे लाज आ रही है कुत्ते. काफी बेशर्म हो गया है तू!
मैं- लंड को देखते हुए तो आपको लाज नहीं आ रही थी. वही तो लंड है ये.
अब मैंने एक बार फिर से तनीषा का हाथ पकड़ा तथा अपने लंड पर रखवा दिया.
अबकी बार उसने हाथ नहीं हटाया तथा मेरे लंड को मेरी ट्रैक पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगी.
तनीषा के कोमल हाथ का स्पर्श पाते ही मेरा लंड एकदम से टाइट हो गया.
मेरे लंड की गर्मी तनीषा मेरी ट्रैक पैंट के ऊपर से ही महसूस कर रही थी.
कुछ देर वो मेरे लंड को सहलाती रही.
मेरा लंड ऐसा सख्त हो गया था जैसे वो हड्डी का बना हुआ हो. काफी ज्यादा कठोर हो गया था.
फिर तनीषा ने मेरी ट्रैक पैंट के अंदर हाथ डाल दिया.
अब मेरा लंड तनीषा के हाथ में था.
वो उस समय काफी मस्ती में लग रही थी.
मैंने देखा कि अब तनीषा की नैन बंद हो गयी थीं.
वो मेरे लंड को पकड़ने का पूरा आनंद ले रही थी.
मैंने अपना एक हाथ तनीषा के दायें बूब्स पर रख दिया तथा हल्के से दबा दिया.
तनीषा के मुख से आह्ह … की आवाज निकली जिसने मुझे तथा गर्म कर दिया.
मैंने अपना दूसरा हाथ भी तनीषा के बूब्स पर रख दिया तथा दबाने लगा.
अब हम दोनों एक साथ ही एक दूसरे को गर्म कर रहे थे.
कुछ देर के बाद मैंने तनीषा की नाइटी उसके सिर पर से निकाल दी.
अब तनीषा के बदन पर ब्रा तथा पैंटी थी.
मैंने उन दोनों को भी निकलवा दिया तथा उसको पूरी की पूरी नंगी कर दिया.
वो मेरे सामने नंगी लेट गयी तथा मुझे मेरी ट्रैक पैंट की ओर इशारा किया.
मैंने भी अपनी लोअर निकाली तथा पूरा नंगा होकर तनीषा के पास चला गया.
तनीषा मेरे बेड पर पूरी नंगी पड़ी हुई थी तथा उसका गोरा नंगा बदन बल्ब की रोशनी में काफी ही आकर्षक लग रहा था.
मेरे लंड में जोर जोर से झटके लग रहे थे.
मैं चाहता था कि मैं तनीषा के मुख में लंड देकर चुसवाऊं.
अपनी ऑफिस की लड़की की चुदाई करते हुए भी मैं उससे काफी समय तक अपना लंड मुख में देकर ही चुसवाया करता था.
मुझे लंड को मुख में देकर चोदने में काफी आनंद आता था.
फिर मैंने अपने लंड को तनीषा के मुख के पास कर दिया तो तनीषा मना करने लगी.
उसने मेरे लंड को चूसने से मना कर दिया.
मगर मैंने रिक्वेस्ट की तथा फिर लंड को उसके होंठों पर टच करने लगा.
उसको थोड़ा अच्छा लगा.
अब तनीषा ने अपना मुख खोल दिया तथा मैंने अपना लंड तनीषा के मुख में दे दिया.
तनीषा मेरे लंड को मस्त होकर चूसने लगी.
जिस तरह से तनीषा मेरे लंड को चूस रही थी उसको देखकर लग रहा था कि उसको लंड चूसना काफी अच्छा लगता है.
मुझे पता था कि तनीषा मेरे जीजू का लंड भी काफी आनंद लेकर चूसती होगी.
मेरा हाथ अब तनीषा की चूत पर पहुंच गया.
ऊपर की ओर तनीषा मेरे लंड को मुख में लेकर चूस रही थी तथा नीचे मैं उसकी चूत को अपने हाथ से सहला रहा था.
तनीषा की चूत पर एक भी बाल नहीं था तथा चूत बिल्कुल ही साफ थी.
फिर मैं तनीषा के मुख में लंड दिये हुए उसके बगल में ही लेट गया.
मैंने अपने हाथों की उंगलियों से तनीषा की चूत की दोनों फांकों को फैला दिया तथा मैं उसमें जीभ डालकर चाटने लगा.
जब मैंने जीभ तनीषा की चूत में दी तो पता लगा कि तनीषा की चूत पहले से ही अंदर से गीली हुई पड़ी थी.
मैं तनीषा की चूत के रस को चाटने लगा.
जैसे जैसे मैं चूत को चाटकर साफ करता था वैसे ही तनीषा की चूत तथा ज्यादा रस छोड़ देती थी.
मैं बार बार चाट रहा था तथा फिर से रस निकल आ रहा था.
मुझे ऐसा करते हुए काफी आनंद आ रहा था.
तनीषा अब जोश में आती जा रही थी.
उसकी चूत में मेरी जीभ खलबली मचा रही थी.
वो मेरे लंड को अब तथा जोर जोर से चूसने लगी थी.
कुछ ही देर में तनीषा अपनी चूत को मेरे मुख पर धकेलने लगी थी.
एक हाथ से उसने मेरे लंड को पकड़ कर मुख में लिया हुआ था तथा दूसरे हाथ से वो अब मेरे सिर को पकड़ कर चूत की ओर धकेलते हुए अपनी चूत पर दबा रही थी जिससे मेरी जीभ तनीषा की चूत के अंदर तथा अंदर तक घुस जाती थी.
मैं भी जैसे तनीषा की चूत को खा जाना चाहता था.
तनीषा मेरे लंड को काफी तेजी से चूस रही थी तथा मुझसे अब कंट्रोल नहीं हो पा रहा था.
कुछ देर के बाद तनीषा ने मेरे लंड को मुख से निकाल दिया तथा बोली- मैं झड़ने वाली हूं सैम!
मैंने भी हांफते हुए कहा- मेरे मुख में ही झड़ जाओ तनीषा.
फिर तनीषा ने दोबारा से मेरे लंड को मुख में भर लिया तथा तेजी से चूसने लगी.
मैं भी तनीषा की चूत को दोगुनी तेजी के साथ चाटने लगा.
कुछ पल के बाद ही तनीषा ने मेरे सिर को अपनी चूत पर जोर से धकेला तथा उसकी चूत से जल छूटने लगा.
तनीषा की चूत का जल मेरे मुख में जाने लगा.
मैं तनीषा की चूत का गर्म गर्म रस पीकर तथा ज्यादा कामुक हो गया.
पूनम तनीषा के बदन में झटके लग रहे थे.
उसने काफी सारा जल छोड़ा तथा मैंने उसकी चूत का सारा रस चाट चाटकर साफ कर दिया.
मेरे लंड को चूसने की स्पीड अब तनीषा ने कम कर दी तथा उसका पूरा बदन पसीने में हो गया.
फिर मैं उठा तथा जोर जोर से तनीषा के मुख को चोदने लगा.
अब मेरा भी निकलने वाला था तो मैंने तनीषा से पूछा- कहां पर निकालना है?
तो तनीषा ने भी लंड को मुख से निकाल कर कहा- मेरे मुख में ही गिरा दो.
फिर मैं तेजी से तनीषा के मुख को लंड से चोदने लगा तथा मेरा माल भी तनीषा के मुख में गिरने लगा.
मैं भी झड़कर शांत हो गया.
उसके बाद हम दोनों ही ढीले पड़ गये तथा आराम से बेड पर लेट गये.
तनीषा मेरी लेफ्ट साइड पर लेटी हुई थी.
मैंने तनीषा के कान में धीरे से कहा- आप काफी गर्म हो तनीषा. आपकी चूत से काफी ही मस्त खुशबू आती है. जीजू तो काफी किस्मत वाले हैं जो उनको आपकी चूत रोज चाटने के लिए मिलती है. वो तो पूरी उम्र आपकी चूत के मजे ले सकते हैं.
वो मेरी तरफ देखकर बोली- तुम्हारे जीजू को मेरी चूत चाटने में कोई इंटरेस्ट नहीं है. उसने कभी भी मेरी चूत नहीं चाटी है. वो दस मिनट से ज्यादा कभी नहीं कर पाता है. आज तक वो अपना लंड पूरा का पूरा मेरी चूत में उतार भी नहीं पाया है.
ये सुनकर मैं तनीषा की ओर देखने लगा.
तनीषा ने मेरी तरफ देखा तथा फिर अपनी पलकें झपकाते हुए मेरे गाल पर किस कर दिया.
मुझे काफी अच्छा लगा तथा फिर मैंने तनीषा के गाल पर किस कर दिया.
उसके बाद मैंने तनीषा के होंठों पर अपने होंठ रख दिये.
कुछ देर तक हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे तथा फिर धीरे धीरे हम दोनों गर्म होने लगे.
मेरा हाथ तनीषा की चूत पर पहुंच गया.
तनीषा का हाथ भी मेरे लंड पर आ गया था, वो मेरे लंड को सहलाने लगी.
मैं अब तनीषा के बूब्स को छेड़ते हुए उसकी चूत को सहलाने लगा.
अब वो सिसकारने लगी थी.
फिर मैंने तनीषा की चूत में उंगली अंदर डाल दी तथा चूत में चलाने लगा.
एकदम से तनीषा के मुख से निकला- आह्ह … सैम थोड़ा धीरे कर!
मैंने तनीषा की चूत में अपनी उंगलियां अंदर बाहर करना चालू रखा.
मुझे अब तनीषा की चूत में उंगलियों से चोदने में ज्यादा ही जोश चढ़ रहा था.
मैं तेजी से उसकी चूत में उंगलियों को अंदर बाहर करने लगा.
तनीषा के मुख से निकल रही दर्द भरी सिसकारियां सुनकर मैं तथा तेजी से तनीषा की चूत को कुरेदने लगा तथा वो देखते ही देखते काफी गर्म हो गयी.
तनीषा का हाथ अब मेरे लंड पर तेज तेज चल रहा था.
जब तनीषा से रहा न गया तो तनीषा बोली- आह्ह … सैम .. ऊईई … अब मेरी चूत में लंड डाल तथा मेरी चूत में लगी आग को शांत कर। मेरे पूरे बदन में सेक्स की आग लगी हुई है. मुझे चोदकर शांत कर दे सैम … मेरी चूत की आग को लंड के जल से बुझा दे.
मुझे भी तनीषा को ऐसी चुदासी हालत में देखकर आनंद आ रहा था तथा मैं उसकी चूत चोदने के लिए तैयार हो गया.
इसके बाद क्या हुआ? वो अगले भाग में!
मेरी हॉट सिस्टर की सेक्स कहानी पर कमेंट्स में अपनी राय देना न भूलें. पाठक मुझे ईमेल पर मैसेज भी कर सकते हैं
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हॉट सिस्टर की सेक्स कहानी का अगला भाग: जीजू तनीषा को पति वाला सुख नहीं दे पाए- 2
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