ऑनलाइन मिली आंटी को उसके घर जाकर चोदा
सच कहूं तो, WwwXxx हॉट आंटी सेक्स कहानी में ऑनलाइन ऐप पर मेरी दोस्ती एक आंटी से हुई. वह मुझे अपने घर बुलाती थी पर मैं डरता था. लेकिन एक बार हिम्मत करके मैं चला ही गया. मेरा नाम प्रेम कुमार है, मैं बिहार का रहने वाला हूँ. दिखने में ज्यादा गोरा नहीं हूँ और ज्यादा सांवला भी नहीं … मध्यम हूँ. मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है और यह काफी मोटा है. ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, इसमें मुझसे कुछ गलती हो जाए तो प्लीज आप सब मुझे माफ कर देना. ये बिल्कुल सच्ची घटना पर आधारित WwwXxx हॉट आंटी सेक्स कहानी है, जो मेरे साथ हुई थी. ये बात मैंने आज तक किसी को नहीं बताई. मैं यहां हर रोज आप लोगों की मस्त-मस्त कहानियां पढ़कर काफी मज़ा लेता हूँ इसलिए मैंने सोचा कि मैं भी अपनी कहानी आप लोगों को बताऊं. आज तक मैं लड़कियों से काफी शर्माता था, लेकिन जब से मुझे एक आंटी से प्रेम हुआ, तब से मैं नहीं शर्माता. उस आंटी का नाम अपराजिता है, उसका घर झारखंड के राँची में है. वह काफी ही खूबसूरत और हेल्दी थी, मतलब मुझसे थोड़ी मोटी. मैं उससे एक सिंगिंग ऐप पर मिला था. मुझे वह काफी अच्छी लगती थी. हमारी बातें होने लगीं, रात में घंटों बात होने लगी और फिर सेक्स की बातें भी होने लगीं. मैंने अपनी ज़िंदगी में कभी सेक्स नहीं किया था. वैसे तो मैंने कई बार उससे फोन पर हॉट बातें की थीं लेकिन अभी तक कभी मुलाकात न हो सकी थी. एक रोज उसने मुझे मिलने के लिए अपने ससुराल बुलाया. मुझे काफी डर लग रहा था कि कहीं वह मुझे फंसा न दे. फिर आखिर हिम्मत करके मैं चला ही गया. उस समय नवंबर का आखिरी हफ्ता था और ठंड भी काफी थी. उस रोज उसने नीले रंग की साड़ी पहन रखी थी, वह देखने में मस्त लग रही थी. उसे देख कर मेरा मन तो किया कि वहीं पटक कर उस पर चढ़ जाऊं, लेकिन उसके बच्चे जागे हुए थे. कुछ समय बाद जब उसके बच्चे सो गए, तब हम दोनों किस करने लगे. किस से वह धीरे-धीरे गर्म होने लगी. ऐसा लग रहा था कि मुझसे ज्यादा उसे ही जल्दी है. अब मैंने धीरे से अपना एक हाथ नीचे ले जाकर उसके बूब्स पर रख दिया और हल्के हाथ से दबाने लगा. इससे वह और भी ज्यादा गर्म होने लगी. इधर हमारा किस भी चलता रहा और हम दोनों के कपड़े कब उतर गए, पता ही नहीं चला. वह मेरा लंड पकड़ कर आगे-पीछे करने लगी. मैंने उसे रोक दिया, मुझे लगा कि ऐसे तो मैं बिना चुदाई के झड़ जाऊंगा. मैं जल्दी झड़ना नहीं चाहता था. इसलिए पहले मैं उसके दूध को पीने लगा और दांत से काटने भी लगा. अब तो वह काफी ज्यादा तड़पने लगी और बोलने लगी- प्रेम, कुछ करो ना! मैं धीरे से अपने हाथ को उसकी चूत पर ले गया. उसकी चूत काफी ज्यादा गीली हो गई थी. हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए. वह मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसकी चूत चाटने लगा. उस समय ऐसा लग रहा था कि हम दोनों जन्नत में हैं. वह बोली- आज तक मेरे हसबैंड ने मेरी चूत नहीं चाटी … आह … ऊह … चाट लो प्रेम … आह आनंद आ रहा है. वह कामुक आवाजों में कराहती रही. उसकी मदभरी सिसकारियों से मुझे और जोश आ रहा था. मैं अपनी जीभ को उसकी चूत में पूरा घुसाकर चाटे जा रहा था. कुछ देर बाद उसका जल निकल गया तो मैंने उसकी चूत का रस चाट लिया. उसकी चूत का रस मस्त नमकीन और खट्टा था. यह मेरा पहली बार था जब मैंने किसी आंटी की चुत का रस चाटा था. इसलिए मुझे उसकी रबड़ी खूब टेस्टी लगी. मैं उसकी चूत को काफी देर तक चूसता रहा. उससे यह हुआ कि वह वापस चुदास से तड़पने लगी थी. उसे लंड के लिए यूं तड़पते हुए देखने में मुझे मज़ा आ रहा था. मैं अपने हाथों से उसके दोनों बूब्स को भी दबा रहा था. उसके बूब्स काफी ही सॉफ्ट थे, ऐसा लग रहा था जैसे मैं रुई के गोलों को दबा रहा हूँ. मैंने अब उसे और तड़पाने के लिए उसके एक दूध के निप्पल को अपने दांतों से दबाया और हल्का-हल्का सा काटना शुरू कर दिया. इससे उसे काफी ज्यादा मज़ा आ रहा था, तो वह बस ‘आह … ऊऊऊ …’ किए जा रही थी. तभी मुझे एक और मस्ती सूझी. मैंने ब्लू फिल्म में देखा था कि बर्फ का टुकड़ा यूज़ करते हैं. मैंने भी उसके किचन में जाकर फ्रिज से एक बर्फ का टुकड़ा लिया और उसके बूब्स के निप्पलों के चारों तरफ गोल-गोल घुमाने लगा. अब तो उसकी तड़प देखने लायक थी. गर्म औरत के बदन पर ठंडी बर्फ का टुकड़ा एकदम मस्त कर देने वाला अहसास था. उसके दोनों निप्पलों पर काफी देर तक बर्फ के टुकड़े को घुमाने के बाद मुझे एक और चीज़ याद आई कि मैं डेयरी मिल्क चॉकलेट भी उधर रखी देख कर आया हूँ. मैं गया तो देखा कि वह एकदम पिघली हुई चॉकलेट थी. मैंने जल्दी से चॉकलेट के रैपर को फाड़ा और उसे उसके बूब्स के निप्पलों के चारों ओर घुमा-घुमा कर लगाने लगा. वह मस्त निगाहों से मेरी हरकत को देख रही थी और मेरे लौड़े को सहला रही थी. मैंने बची हुई चॉकलेट उसे दे दी तो वह उसे मेरे लंड पर लगाने लगी. मैं उसके दोनों निप्पलों को अपनी जीभ से चाटने लगा. उसे चॉकलेट चुसवाने में इतना मज़ा आ रहा था कि वह बस ‘इस्स आ …’ कर रही थी. फिर मैं धीरे-धीरे नीचे आया और उसकी चूत पर वह चॉकलेट लगाने लगा और अपनी जीभ फेरने लगा. वह बोली- मुझे भी लंड चूसने दो. मैंने मना कर दिया. मुझे डर था कि लंड झड़ गया तो चुदाई में समय लगेगा. तब तक उसके बच्चे उठ गए तो रायता फैल जाएगा. वह बस ‘इस्श्स…’ करती जा रही थी. उससे बर्दाश्त नहीं हुआ तो वह बोली- अपना लंड या तो चूसने दो या इसे मेरी चूत में घुसा दो! मैं भी पहली बार चुदाई कर रहा था इसलिए उसकी बात मानते हुए मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और घुसाने की कोशिश करने लगा. पर लंड मोटा था तो उसकी चुत के अन्दर नहीं जा रहा था और मुझे हल्का-हल्का दर्द भी हो रहा था. उसकी चुत तो उसके हसबैंड से चुद चुकी थी तो उसे कोई खास दर्द नहीं होने वाला था. फिर जब मेरा लंड चुत में नहीं घुस सका तो मैंने उससे तेल मंगवाया और मेरे लंड पर लगाने को बोला. उसने लौड़े पर तेल लगाया और बिस्तर पर टांग फैला कर लेट गई. उसने अपने हाथ से अपनी चूत को फैला दिया और बोली- अब घुस जाएगा! मैंने फिर से उसकी चूत पर लंड रखा और घुसाने की कोशिश की. इस बार लंड सरकते हुए चूत के अन्दर घुस गया. मुझे ऐसा लगने लगा कि मैंने आग की भट्टी में अपना लंड घुसा दिया है. वह आह आह करके आनंद लेने लगी. मैं धीरे-धीरे उसे चोदने लगा. वह कामुक सिसकाकीर्तिं लेने लगी- आह … आह … ओह … और ज़ोर से चोदो और ज़ोर से! मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी. कम से कम 10 मिनट की चुदाई के बाद मुझे कुछ अजीब सा होने लगा था. शायद मैं झड़ने वाला था. मैंने उससे कहा- मैं झड़ने वाला हूँ, जल कहां निकालूँ? तो उसने कहा- चूत में ही निकाल दो, मैं काफी दिनों से प्यासी हूँ! मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. फिर हम दोनों ने थोड़ी देर आराम किया. वह मुझे चूमने लगी और उसका चुदाई का मूड फिर से बन गया. वह मेरे लंड को सहलाने लगी. इससे मेरा लंड फिर से तन गया. हम दोनों की चुदाई फिर से शुरू हो गई. उस रात हम दोनों ने 3 बार चुदाई की. फिर हम दोनों गहरी नींद में सो गए. इस तरह से उस आंटी ने मुझे घर बुलाकर चूत दी. मुझे सुबह जॉब पर जाना था. सुबह उठकर मैंने उससे अपना लंड चुसवाया, फिर मैं वहां से वापस अपनी जॉब पर आ गया. उसके बाद मैं जब तब उसे चोदने उसके घर जाता रहता हूँ. दोस्तो, यह मेरी रियल सेक्स कहानी है. आपको कैसी लगी WwwXxx हॉट आंटी सेक्स कहानी? प्लीज़ आप लोग कमेंट करके जरूर बताइएगा. 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