पड़ोसन की चूत के चक्कर में गांड मरवायी- 2
बॉय बॉय सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैंने पड़ोसन को फांसने के चक्कर में उसके बेटे से यारी गांठी. मगर वो इतना चालू निकला कि उसने मेरी गांड मार ली. हैलो फ्रेंड्स, मैं कबीर अग्रवाल, एक बार फिर से आप सभी का अपनी चुदाई कहानी में स्वागत करता हूँ. बॉय बॉय सेक्स कहानी कहानी के पहले भाग पड़ोसन के बेटे का लंड चूसना पड़ा में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं पड़ोस में रहने वाली ममता आंटी की चूत चुदाई के चक्कर में था और उनसे निकटता बढ़ाने के चक्कर में मैंने उनके जवान लौंडे को अपने साथ सैट कर लिया था. वो भोसड़ी का गांडू किस्म का लौंडा था, जिसकी वजह से मुझे उसका लंड चूसना पड़ा था. बाद में जब उसका लंड पिचकारी मारने को हो गया तो मैं उसे बाथरूम में ले गया. मैं बाथरूम में किशन के लंड का माल निकालने के बाद उसके साथ कमरे में आ गया था और हम दोनों नंगे ही बैठ कर बातें करने लगे थे. अब आगे बॉय बॉय सेक्स: किशन- साहिल आपको कैसा लगा? मैं- अच्छा लगा, लेकिन ये किसी को मत बताना. मैंने पहली बार किसी लड़के के साथ ऐसा किया हे. किशन- अरे आप चिंता मत करो साहिल … मैं किसी को नहीं बताऊंगा. वैसे आपने कैसी कैसी लड़की के साथ सेक्स किया है? मैं- मैंने सभी तरह की लड़कियां चोदी हैं. पतली, मोटी, सांवली, गोरी, आंटी और आंटी वगैरह सभी के साथ आनंद लिया है और उनको काफी बार चोदा भी है. किशन- तो आपको ज़्यादा आनंद किसमें आता है, लड़की या शादीशुदा आंटी में? मैंने सोचा कि इसे अपने प्लान में लेने का यही बढ़िया मौका है. मैं बोला- मुझे शादीशुदा आंटी में काफी आनंद आता है. वो भी 35 साल से अधिक उम्र वाली आंटी के साथ चुदाई में मुझे ज्यादा आनंद आता है. किशन- तो आपने सूरत में कितनी भाभियों को अपने लंड के नीचे लिया? मैं- कहां यार, यहां तो एक भी नहीं मिली. ऑफिस में सिर्फ़ लड़की है, वो भी शादीशुदा आंटी नहीं है … और हमारे यहां बिल्डिंग में भी कहां कोई ऐसी आंटी है, जो मुझे आनंद दे सके. हमारे फ्लोर पर तो बस एक आंटी है, वो तो 50 से ज़्यादा की है. बस अब तो सिर्फ़ तुम्हारी मम्मी ही हैं. उनके बारे में मैं ऐसा में नहीं सोचता. किशन- हां साहिल, हमारी बिल्डिंग में मम्मी के सिवाए कोई ढंग की औरत नहीं है. मैं- हां, तुम्हारी मम्मी काफी ब्यूटिफुल हैं. लेकिन उनके बारे में मैं कभी ग़लत नहीं सोचता हूँ. किशन- थैंक्यू साहिल. आज आपने मुझे काफी मजे करवाए. अब हम ये रोज करेंगे. मैं- ओके, लेकिन मौका मिले तब ही. आजकल तो मेरे साथ रहने वाले गांव गए हैं इसलिए तुम्हारे साथ ये सब कर लिया. जब वो आ जाएंगे, तो दिक्कत होगी. वो बोला- तब की तब से देखी जाएगी साहिल. फिर हम दोनों सो गए. शाम को किशन की मम्मी ने डोरबेल बजाई तो हम दोनों ने फटाफट वस्त्र पहने और दरवाजा खोला. ममता आंटी अन्दर आईं. उन्होंने मुझे कुछ नाश्ता दिया, जो वो बाजार से मेरे लिए लाई थीं. फिर वो मुझे थैंक्यू कह कर और किशन को लेकर अपने फ्लैट में चली गईं. मैं आंटी की गांड को देखता रहा. जाते समय आंटी कि गांड बड़ी दिलकश लग रही थी. अब मैं और किशन रोज, जब भी मौका मिलता, एक दूसरे का लंड चूसा करते. ये सब जल्दी जल्दी में होता था क्योंकि हमें उस दिन जैसा एकांत नहीं मिल रहा था. फिर एक दिन दुबारा से मौका मिला. उस दिन भी ममता आंटी और कीर्ति किसी रिलेटिव के घर गई थीं. किशन बहाना बना कर मेरे पास रह गया. उनके जाने के कुछ देर बाद हम दोनों 69 में आ गए और एक दूसरे का लंड चूस रहे थे. तभी किशन बोला- साहिल आज कुछ अलग करते हैं. मैं बोला- क्या करना है? तो किशन बोला- आज एक दूसरे की गांड में लंड पेलते हैं. मैं फिर से सोच में पड़ गया. मैं सोचने लगा ये भी एक सेक्स का प्रकार ही तो है, तो करने में क्या हर्ज है. मैं रेडी हो गया. किशन बोला कि वो पहले मेरी गांड में लंड डालेगा. मैं रेडी हो गया. मैंने वस्त्र पहने और बाहर से लॉक लगा कर मेडिकल स्टोर पर जाकर कंडोम ले आया. कमरे में आकर मैं वापिस नंगा हो गया और तेल लेकर किशन के पास आ गया. मैंने किशन से कहा कि ये तेल उंगली में लेकर मेरी गांड में अन्दर तक लगा दो. किशन उंगली से गांड में तेल लगाने लगा. जब मुझे लगा कि अब अच्छे से तेल लग गया है तो मैंने उसे कंडोम पहनाया और उसके लंड को तेल की कटोरी में डुबो दिया. फिर मैं पीठ के बल लेट गया और टांगें फैला कर अपने हाथों से अपनी गांड को थोड़ा फैला लिया. मैं किशन से बोला- अब धीरे धीरे डाल दे. इस पोज़िशन में लंड लेना सबसे आसान होता है. किशन ने धीरे से लंड को मेरी गांड में डाला. थोड़ा लंड अन्दर गया. तेल की वजह से … और उसका लंड पतला था तो कुछ ज़्यादा दर्द नहीं हुआ. लेकिन किशन का ये पहली बार था, तो उसने ज़रा ज़ोर से झटका दे दिया. तेल की चिकनाहट की वजह से पूरा लंड एक ही झटके में मेरी गांड में घुस गया. दर्द की वजह से मेरी चीख निकल गयी. मैंने किशन को डांटा- धीरे से डालना था. वो सॉरी बोला. हम थोड़ी देर ऐसे ही पड़े रहे. फिर मैंने उससे कहा- अब धीरे धीरे अन्दर बाहर करो. वो ऐसे ही करने लगा. मुझे दर्द हो रहा था लेकिन आनंद भी आ रहा था. कुछ देर ऐसे ही वो मेरी गांड चोदता रहा. मुझे लगा कि आज दर्द से गांड फट जाएगी लेकिन फिर मुझे दर्द से ज़्यादा आनंद आने लगा. मैं भी गांड उठा कर उसका साथ देने लगा. फिर हम दोनों ने पोजीशन चेंज की. अब मैं डॉगी स्टाइल में घुटनों के बल बैठ गया. वो पीछे से मेरी गांड मारे जा रहा था. मुझे उस वक्त अहसास हुआ कि लड़कियों को चुदाई में क्यों इतना आनंद आता है. मैं काफी सारी लड़कियों को चूत और गांड मार चुका था. आज खुद एक चूत पाने के लिए अपनी गांड मरवा रहा था. और अभी ये पता भी नहीं था कि मुझे वो चूत मिलेगी भी या नहीं. फिलहाल मैं इस गांड चुदाई का आनन्द ले रहा था. करीब दस मिनट की पीछे से गांड चुदाई के बाद किशन मेरी गांड में ही झड़ गया. कंडोम की वजह से पानी मेरी गांड की बजाए उसके कंडोम में रह गया. उसका पानी काफी गर्म था. थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही लेटे रहे. फिर उठ कर उसने कंडोम निकाल कर डस्टबिन में फेंक दिया और लंड साफ़ करके लेट गया. मेरी हालत खराब थी; पहली चुदाई की वजह से गांड में काफी दर्द हो रहा था. तभी किशन बोला- साहिल चुदाई में तो काफी आनंद आया है. जब लड़के को चोदने में इतना आनंद आता है, तो लड़की में कितना आनंद आएगा. उसकी बात सुनकर मैं बोला- हां उसमें काफी आनंद आएगा. फिलहाल तो मेरी गांड दर्द कर रही है. तूने काफी जम कर मारी है. मुझे ऐसा आनंद लड़की चोदने में भी कभी नहीं आया, जितना आज गांड मरवाने में आया है. किशन ने मुझे किस करके थैंक्यू कहा और बोला- आपके लिए मुझे जो भी करना पड़ेगा, मैं करूंगा. उसकी बात सुन कर मैं खुश हो गया. तभी किशन बोला- अब आपकी बारी. मैं बोला- तेरा पतला लंड मुझे दर्द दे गया, तो तू मेरा मोटा लंड सह पाएगा? किशन- साहिल आपके लिए कितना भी दर्द होगा, मैं सह लूँगा. आप भले ही आज मेरी गांड फाड़ दो. मैं- सोच ले, ये इतना आसान नहीं है. काफी दर्द होगा! किशन- दर्द गया भाड़ में … आप बस मेरी गांड में लंड डालो. वैसे मैं अपनी गांड में मोमबत्ती डालता रहता हूँ, तो मेरी गांड खुली हुई है. उसकी बात सुन कर मैं अचंभित हो गया और मैंने उससे पूछा- तुम गे तो नहीं हो ना! तो किशन बोला- नहीं साहिल, मैं गे नहीं हूँ … लेकिन ब्लूफिल्म देख देख कर ये सब सीख गया हूँ. मुझे भी लड़की चोदनी है. लेकिन लड़के से गांड मारने का भी मन है. अब आप जल्दी करो. मैंने भी अब देर करना बेवकूफी समझी. जब लड़का खुद गांड मरवाने की कह रहा है, तो क्यों मना करूं. मैंने तेल लेकर उसकी गांड में अच्छे से मल दिया. उसकी गांड सच में खुली हुई थी. तेल लगाने के बाद मैं कंडोम पहनने लगा तो किशन बोला- बिना कंडोम के ही डालो. मैंने अपने लंड पर अच्छे से तेल लगाया, फिर उसी पोज़िशन में उसे लिटाया जिसमें मैंने लंड लिया था. मैंने किशन की गांड में लंड डाला तो लंड अन्दर नहीं जा रहा था. मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया तो आधा लंड किशन की गांड में घुस गया. किशन चीख पड़ा और रोने जैसा हो गया. मैंने पूछा- बाहर निकालूं क्या? वो बोला- नहीं, रहने दो अन्दर. फिर थोड़ी देर बाद मैं लौड़ा आगे पीछे करने लगा. उसे काफी दर्द हो रहा था लेकिन वो पूरा साथ दे रहा था. तभी मैंने एक ज़ोर का झटका लगाया तो मेरा लंड एकदम फ़च्च से उसकी गांड में पूरा घुस गया. उसकी आंखों से पानी निकलने लगा. मैंने एक बार फिर से कहा- बाहर निकालूं क्या? उसने कराहते हुए बोला- अब तो डाल ही दिया है, तो बाहर क्यों निकालना. अब तो आप मुझे चोद ही दो. मुझे भी जोश आ गया, मैं अपना लंड उसकी गांड में आगे पीछे करने लगा. थोड़ी देर बाद उसे भी काफी आनंद आने लगा. मैंने अब स्पीड बढ़ा दी, घपाघप उसकी गांड चोदने लगा. किशन भी गांड उठा उठा कर मेरा साथ दे रहा था. उसकी गांड मारते टाइम ठप ठप की ध्वनि आ रही थी जिससे मुझे काफी आनंद आ रहा था. काफी देर तक गांड चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था तो उसने बोला- गांड में ही रस डाल दो. मैंने उसकी गांड में ही पूरा पानी छोड़ दिया. मेरा लंड पूरा भीग गया था, उसकी गांड भी गीली हो गयी थी. हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे. फिर दस मिनट बाद मैंने उसकी गांड से लंड बाहर निकाला तो लंड के साथ वीर्य भी बाहर निकलने लगा और गांड से बाहर टपकने लगा. मेरी चादर खराब हो गयी. फिर हम दोनों साथ में नहा कर आए और चादर बदल कर बिस्तर पर लेट गए. किशन- साहिल, मेरी गांड में काफी दर्द हो रहा है लेकिन आपका लंड लेने में काफी आनंद आया. थैंक्यू साहिल. मैं- थैंक्यू टू. तुम्हारी वजह से मुझे भी आज गांड मारने में काफी आनंद आया. ये मुझे अपने जीवन में आज एक नया अनुभव मिला. किशन- हां साहिल, अब आगे भी ऐसा करते रहेंगे … जब भी मौका मिलेगा. मैं- ओके. लेकिन अब मुझे चूत की चाहत होने लगी है. बाजू वाली आंटी की उम्र कम होती तो मैं उसे ही चोद देता. किशन- हां … लेकिन क्या करें, अब वो तो बूढ़ी हैं. आप कोई और माल पटा लो. मैं- और किसे पटाऊं … तुम्हारी मम्मी को पटा लूं? और कोई है भी तो नहीं. किशन- हां वो तो है … और कोई है भी नहीं. अब आप बाहर ही कोई और ढूँढिए. मैं- वैसे किशन तू बिल्कुल तेरी मम्मी जैसा ही लगता है. गोरा लंबा चिकना खूबसूरत. किशन- क्या अंकल, आप तो मेरी मम्मी के पीछे ही पड़ गए. आपका इरादा ठीक नहीं लग रहा मुझे. आप कभी ऐसा मत सोचना. मैं- नहीं यार. लेकिन क्या करूं तुम्हारी मम्मी हैं ही इतनी खूबसूरत. बिल्कुल तुम्हारी तरह … तुम दोनों काफी सुंदर हो. बुरा मत मानना लेकिन तुम्हारी मम्मी मुझे सच में काफी अच्छी लगती हैं. किशन- थैंक्यू साहिल. लेकिन आप उनके बारे में ऐसा क्यों सोच रहे हैं? मैं- सच कहूँ तो उनके बारे में मैंने कभी ग़लत नहीं सोचा. लेकिन जब भी मैं उन्हें देखता हूँ, तो लगता है कि काश ममता आंटी जैसी कोई माल मेरी गर्लफ्रेंड होती. किशन- आह तो बात ऐसी है. चलो वैसे आप अगर उन्हें गर्लफ्रेंड बना सकते हो, तो बना लो, मुझे कोई दिक्कत नहीं है. बस आप मेरी गांड मारते रहना. मैं- क्या सच में … ओह किशन लव यू यार. इतना बोल कर मैंने उसे बांहों में ले लिया और किस करने लगा. मैं मन में सोचने लगा कि मैं ममता आंटी को ही किस कर रहा हूँ. अब आगे ममता आंटी को कैसे पटाया और चोदा, वो मैं अगली बार की चुदाई कहानी में लिखूंगा. आपको बॉय बॉय सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे मेल से बताएं. 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