एक अनसुनी दास्तान: लुधियाना में पति के सामने पत्नी की ग्रुप सेक्स की ख्वाहिश पूरी हुई
नमस्कार दोस्तो, आप मेरी कहानियाँ पढ़ कर मुझे तथा कहानियाँ लिखने के लिए उत्साहित कर रहे हो, उसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ तथा अन्तर्वासना की पूरी टीम का धन्यवाद करता हूँ, जिनकी वजह से मेरी कहानियाँ आप लोगों तक पहुँच पा रही हैं। दोस्तों, मेरी कहानी पढ़ कर मुझे ईमेल करना मत भूलियेगा, क्योंकि इस से मुझे आप लोगों की राय पता चलती है। अब मैं आता हूँ कहानी पर!
यह कहानी है मेरे मित्र अमन, उसकी पत्नी प्रिया, संजय तथा गीत की। आपको बता दूं कि, जो मित्र मेरी कहानियाँ रेगुलर पढ़ते हैं, वे तो गीत तथा संजय के बारे में जानते ही होंगे। अब थोड़ा प्रिय तथा अमन के बारे में भी बता देता हूँ, अमन तथा प्रिया हमारे नए जान पहचान वाले कपल हैं, जिनकी अभी अभी शादी हुई है, इनकी लव मैरिज है इसलिए ये पहले से बहुत खुले हुए हैं। ध्यान देने वाली बात है कि, कुछ समय से प्रिया तथा अमन मुझसे वटसएप तथा फ़ोन पे बातें करते थे तथा सेक्स चैट भी, फिर मैंने इनकी बात संजय तथा गीत से भी करवाई तो हम सभी ने आपस में मिल कर चुदाई करने तथा आनंद लेने का प्रोग्राम बनाया। हमने मिलने का समय तथा स्थान लुधियाना में एक जगह का चुना। नियत समय पर हम सभी मिले, संजय तथा गीत मेरे पास पहले पहुंच गए थे तथा हम सभी मेरी कार में अमन तथा प्रिया को स्टेशन से लेने पहुंचे, उनको हमने स्टेशन से लिया तथा वापिस आ गए। कुछ देर नार्मल बातें हुई तथा फिर हमने मिल कर चाय नाश्ता किया, सभी फ्रेश हुए तथा अब हम सभी रूम में बैठे हुए बातें कर रहे थे कि मैंने अमन को कहा- हाँ अमन, ये देख लो, हम आपके सामने हैं, कैसा लगा हमसे मिल कर?
प्रिया बोली- मस्त लगा हमें आपको मिल कर जीजू!
वो मुझे जीजू कहती है। आपको बता दूं कि, मैंने जवाब दिया- अरे वाह साली, बहुत खुली लगती है?
तब अमन बोला- अभी कहाँ लगती है, कुछ देर रुको फिर पता चलेगा कितना खुली हुई है। तभी गीत बोली- सही कहा अमन जी, असली पता तो तभी चलेगा!
संजय बोला- तभी कब, अभी पता लगा लेते हैं, चल साली अपना टॉप उतार!
प्रिया बोली- आप मेहमानों से ऐसा बिहेव करते हो, अभी आये हैं तथा आते ही कपड़े उतरवाने पे हो गए? आप उतारो पहले!
गीत ने भी हामी भरी- हाँ संजय डियर, यह काम आप सभी मर्दों का है। अब सभी माहौल को गर्म करने के लिए उतावले थे परंतु पहल करने से झिझक रहे थे, तो इस काम की शुरुआत मैंने ही करना सही समझा, मैंने पहले गीत को किस किया, उसके लिप्स को अपने मुंह में लेकर चूसा। मुझे देख कर प्रिया तथा अमन भी आपस में किस करने लगे, मैंने संजय को इशारा किया तो संजय ने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया तथा हम दोनों मर्द मिल कर गीत को धीरे धीरे गर्म कर रहे थे तथा उसकी गालों तथा लिप्स पर किस करते हुए उसके ऊपर के कपड़े उतार रहे थे। आपको बता दूं कि, तभी मैंने गीत की कमीज़ उतार दी तथा उसके बाद गीत की लेगीज़ को संजय ने उतार कर उसको सिर्फ अंदर के कपड़ों में कर दिया। उधर मैंने देखा कि प्रिया का टॉप अमन उतार चुका था तथा प्रिया की चुची के ऊपरी हिस्से पे किस कर रहा था तथा चूस रहा था। मैंने गीत को संजय के हवाले किया तथा प्रिया को पकड़ लिया। मेरी इस शुरुआत से सभी गर्म हो चुके थे, मैंने प्रिया को किस की तो वह एकदम तथा उत्तेजित हो गई। मैंने जैसे ही प्रिया जीन्स उतार कर उसकी पेंटी को हाथ लगाया तो महसूस किया कि उसकी पेंटी एकदम गीली थी जैसे अभी अभी पानी छोड़ चुकी हो। मैंने कहा- अरे वाह, साली तो पहले ही धार छोड़ चुकी है!
मेरी इस बात से प्रिया शरमा गई तथा उसने अपना मुंह नीचे कर लिया। तभी अमन ने गीत के होंठों पे अपने होंठ रख दिए तथा इधर मैंने प्रिया के होंठों को अपने होंठों में ले लिया। फ़िर मैं प्रिया की चुची को जीभ से चाटने लगा तथा अब धीरे धीरे अपने दांतों से उसकी ब्रा को उतार रहा था, आखिर मैंने प्रिया की ब्रा को खोल ही दिया!
वाह, क्या चुची पाई थी प्रिया ने!
मैं मस्त चुची को होंठों तथा दाँतों में लेकर चूसने लगा तथा दूसरे हाथ से उसकी चुची को मसल भी रहा था। साथ ही गीत की दोनों चुची अमन तथा संजय के होंठों में थी तथा गीत उन दोनों के नीचे पड़ी सिसक रही थी, उसके जिस्म पर सिर्फ पेंटी ही थी। अमन गीत की एक चुची होंठों में लेकर दूसरा हाथ उसकी पेंटी के अंदर डाले हुए था तथा संजय ने गीत की दूसरी चुची मुंह में ली हुई थी तथा अपना एक हाथ गीत के चूतड़ों पर फेर रहा था जिससे गीत पूरी गर्म हो चुकी थी। यकीन मानिए, तभी मैंने गीत का यह सीन प्रिया को दिखाया तो प्रिया तथा उत्तेजित हो गई। मैंने प्रिया के कान में कहा- क्यों साली, आनंद आ रहा है न? बोल आज बहन चोद दू तेरी कुतिया!
तो वो भी मेरे कान के नजदीक मुंह करके फुसफ़ुसाई- उई जीजू पहले मुझे चोद दो, बहन बाद में चोद लेना!
हम दोनों हंसने लगे। तभी हमने एक बार फिर उधर देखा, वो तीनों बिल्कुल बेखबर आपस में चुसाई में मस्त थे, गीत की पेंटी उतर चुकी थी तथा अमन गीत की चूत को मुंह में लेकर चूस रहा था तथा क्लिट को जीभ से चाट रहा था। मैंने प्रिया के होंठों पर किस की तथा उसकी जीभ से लेकर उसके कानों तथा कन्धों को चाटते हुए नीचे को उसकी चुची पे जीभ लगाईं तथा उन्हें काफी देर तक चाटा। आपको बता दूं कि, ऐसा करने से प्रिया तथा उत्तेजित हो गई थी। मैंने महसूस किया कि अब प्रिया मुझे जोर जोर से पकड़ रही है तो मैंने प्रिया के जिस्म से उसकी पेंटी केले के छिलके की तरह अपने दांतों में लेकर उतार दी। असल में, उफ़.. अब उसकी नंगी गोरी टांगें तथा जवान चुद चुकी चूत मेरी आँखों के सामने थी, चूत की फांकों को मानो देखता ही रहूँ… क्या कयामत ढा रही थी। देखते ही लंड ने झटका मारा, मैंने धीरे धीरे अपनी जीभ से उसकी फांकों पे पहले गर्म साँसें छोड़ी जिसे महसूस करके प्रिया एकदम मचल गई, बोली- उन्ह उई जीजू उम्म्ह… अहह… हय… याह… सी सी आह प्लीज़ बस!
मैंने कहा- अरे स्वीट साली, अभी तो मैंने टच भी नहीं किया तेरी अभी बस हो गई? बातें तो साली बहुत बड़ी बड़ी करती थी?
मेरी इस बात से प्रिया का बहेव एकदम बदल गया तथा वो एकदम मेरे नीचे से उठी तथा मेरे मुंह के सामने खड़ी होकर अपनी चूत को मेरे मुंह के साथ लगाकर बोली- ये ले साले चूस इसे! अब दिखाती हूँ अपना जलवा… अब देखते हैं कौन राख होता है पहले, ले चूस… कुत्ते, तेरी कुतिया पिलाएगी अब अपनी जवानी का रस तुझे चूत से, ले पी… तुझे पेशाब तक पिला दूँ साले ले चाट इसे!
कहते हुए उसने अपनी चूत को मेरे होंठों में दे दी। मैं भी जोश में आ चुका था, मैं प्रिया की चूत की फांकों को चूसने लगा, फिर उसकी चूत में अपनी जीभ डालकर जोर जोर से आगे पीछे करने लगा, प्रिया भी जोर जोर से सिसकारियाँ ले रही थी। साथ ही गीत को दोनों मर्द चूस चाट चुके थे, अमन गीत की चूत में लंड डाल रहा था तथा संजय पीछे से गीत को पकड़ कर उसकी हेल्प कर रहा था। कुछ ही देर में गीत की चूत में अमन का लौड़ा जा चुका था तथा अमन गीत की चूत में जोर जोर से झटके लगा रहा था। मैंने संजय को इशारा किया तो संजय गीत को छोड़ कर मेरे पास आया तथा प्रिया के होंठ चूसने लगा तथा मैं प्रिया की गांड पे जोर जोर से चपत लगाते हुए उसकी चूत को चूस तथा चाट रहा था, बोल रहा था- ‘चुदवा साली चुसवा कुतिया… मादरचोद ला पिला अपनी जवानी का रस… बहन की लौड़ी देखूँ तेरी जवानी!
संजय ने प्रिया की चुची चूसना शुरू कर दिया तथा प्रिया ने मेरे सर को अपनी चूत पे दबा लिया तथा अपनी चूत का रस मेरे मुंह में छोड़ने लगी, सिसकारती हुई बोली- उह आह उई साले चूस चूस पी ले! मेरी चूत का रस पी… साले कुत्ते चूस अपनी कुतिया की जवानी आह उई उई आह उई उफ़ साले पी पी आह आह!कहते हुए प्रिया ने अपनी जवानी की पहली धार मेरे मुंह में छोड़ दी। कुछ देर मैं ऐसे ही उसे चूसता रहा तथा फिर मैंने उसको नीचे बैड पे लेटने का इशारा किया। प्रिया के बैड पे लेटते ही मैंने उसको उल्टा करके उसकी गांड पे एक चपत लगाईं तथा बोला- ले मादरचोद अब देखता हूँ साली का जलवा!प्रिया बोली- उई आह जीजू साले यहाँ क्या कर रहे हो?
मैंने बेबाक होकर कहा- तेरी गांड मारने की तेरी कर रहा हूँ कुतिया!
प्रिया ने एकदम उठ कर कहा- ओह नो जीजू!
तभी गीत तथा अमन का ध्यान हम पर गया, तो हमने देखा कि गीत की चुची अमन के मुंह में थीं तथा उसका लौड़ा पूरा का पूरा गीत की चूत में था। आपको बता दूं कि, अमन देख कर बोला- ओये, क्या हो गया?
मैंने कहा- तेरी रांड साली भाग गई मेरा लौड़ा देख कर!
प्रिया ने हँसते हुए कहा- अरे साले भागी नहीं, मैं तो कच्चा लौड़ा कहा जाऊँ, लेकिन ये पीछे जा रहे थे!
गीत सब समझ गई तथा देखकर बोली- मरवा ले प्रिया, आर्यन जी गांड बहुत बढ़िया मारते हैं, आनंद आएगा, साथ हम भी देख लेंगे गांडू बनी प्रिया को!’
और साथ ही आँख मार दी उसे!
तो मैंने प्रिया को कहा- डियर, धीरे करूँगा, अगर आनंद न आया तो बता देना, नहीं करूँगा!
प्रिया मान गई, मैंने उसे कुतिया बना लिया तथा गांड पर पहले तेल लगया तथा फिर उसमें धीरे धीरे लंड घुसाना शुरू किया, नीचे संजय प्रिया की चूत को चाट रहा था, ताकि उसे आनंद आता रहे। अब मैंने धीरे धीरे झटके लगाने शुरू किये तो आधे से ज्यादा लंड प्रिया की गांड में जा चुका था। फिर मैंने एक झटका लगाया तो मेरा लौड़ा प्रिया की गांड में जाकर फिट हो गया तथा प्रिया के मुंह से एक जोर से सिसकी निकली- उई आह सी सी सी मर गई!
मैंने अपने लंड को पहले धीरे धीरे फिर तेज तेज आगे पीछे करना शुरू किया। मैंने अब प्रिया को अपने ऊपर ले लिया, तथा प्रिया की चूत बिल्कुल सामने ऊपर को थी, ऊपर की तरफ से संजय ने अपना लंड प्रिया की चूत पे सेट किया तो प्रिया जैसे पानी पानी हो गई तथा बोली- उई आः आआह जीजू… आनंद आ रहा है… मर गई उई… मेरे प्यारे जीजू आह आह आह सी सी सी..
प्रिया की चूत पूरी गीली थी तथा संजय ने उस गीली चूत में अपना लौड़ा डाल दिया, मैंने नीचे से प्रिया के पीछे गांड में झटका लगाया। अब मैं तथा संजय एक लय में प्रिया को चोद रहे थे तथा प्रिया जोर जोर से सिसकारियाँ लेती हुई चुद रही थी, उसको बहुत आनंद आ रहा था, उसका कामरस बह रहा था। तभी मैंने संजय को इशारा किया तो हम दोनों रुक गए तो प्रिया बोली- उई आह… रुक क्यों गये? आह चोदो अब जीजू आह!
मैंने तथा संजय ने अपनी पोजिशन बदल ली, मैंने प्रिया की चूत में लंड डाला तथा संजय ने उसकी गांड की सवारी की। अब मैंने कहा- साली रुके नहीं, अब तेरी माँ चोदेंगे! कुतिया अब लगायेंगे तेरी नईया पार कुतिया साली!
मैं हर झटके के साथ उसे गाली निकाल कर आनंद दे रहा था, गीत की तरह ही प्रिया को भी चुदते वक्त गालियाँ सुनकर आनंद आता है। मैं प्रिया की चूत चोद रहा था तो संजय उसकी गांड में अपना लंड आगे पीछे कर रहा था। तभी प्रिया कांपती हुई अकड़ गई, उसे पूर्ण आनन्द की प्राप्ति हुई। असल में, मैंने देखा उधर गीत का भी यही हाल था। अमन ने संजय को इशारा किया तो संजय प्रिया की गांड से लंड निकाल कर गीत के पास चला गया तथा अपना लौड़ा गीत की गांड में डाल दिया, तथा गीत को दोनों चोदने लगे। कुछ देर बाद संजय तथा अमन ने गीत की चूत, गांड से लौड़ा निकाला तथा अदल बदल कर ली, अब गीत की चूत में संजय का लौड़ा था तथा अमन गीत की गांड में लौड़ा डाल कर उसे आगे पीछे कर रहा था। गीत बैड पर पड़ी चिल्ला रही थी- उन्ह उफ़ मादरचोदों सालों, कुतो कमीनो मेरी गांड की बहन चोद रहे हो, अमन चोद आज मेरी गांड की माँ चोद! साले तेरी गांड में लौड़ा डलवा दूंगी नहीं तो… कुत्ते उन्ह उफ़ उफ़ हु उई साले मादरचोद संजय चोद मुझे… उन्ह आह आह उन्ह..
इधर मैंने प्रिया की चूत में लंड डाला हुआ था। प्रिया अपनी गांड उठा उठा कर मुझसे चुद रही थी तथा बोल रही थी- ऊम्ह उई आह आह सी सी सी जीजू चोदो मुझे… मेरी जवानी को खा जाओ! उई आह आह कुत्ते चोद दे न मुझे जीजू…
मैंने कुछ देर प्रिया को चोदा तथा संजय का इशारा पाकर प्रिया की गांड से लंड बाहर निकाला तथा गीत की गांड में अपना लंड डाल दिया, मेरी जगह संजय ने ले ली, अब संजय का लंड प्रिया की गांड चोद रहा था तथा मैं गीत की गांड को कमांड सम्भाले हुए था। गीत की चूत की पहले से ही अमन ताबड़तोड़ चुदाई कर रहा था। ध्यान देने वाली बात है कि, जैसे ही मेरा लंड गीत की गांड में घुसा तो गीत ने अपनी गांड उठा कर मेरे लौड़े का अपनी गांड में स्वागत किया तथा साथ ही कहा- उन्ह आह आर्यन चोद ले आज अपनी गीत को! साले तरस रही थी ये जवानी तेरे लौड़े को… उन्ह उफ़ सी सी सी आई उफ़… धीरे अमन आह आह उई… आनंद आ रहा है, धीरे धीरे चोदो मुझे!
मज़ा संजय भी गीत को गालियाँ निकाल कर चोद रहा था- उफ़ आई उई उई सी सी चुद साली चुद.. चुदवा माँ की लौड़ी साली… तेरी भसोड़ी की चूत अब फटेगी हम दो लौडों से कुतिया ये ले आह… उफ़ ये ले तथा शॉट साली.. आर्यन इसकी गांड को अंदर तक चोद साली की…
मैंने देखा संजय प्रिया की गांड जोर जोर से चोदने में मस्त था, मैंने धीरे से अपना लौड़ा गीत की गांड से निकाला तथा साथ ही संजय के लंड से गांड चुदवा रही प्रिया की चूत में डाल दिया। प्रिया ने चीख निकाली- ‘उई आहई बस!
तभी मैंने दो तीन लगातार झटके लगा दिए- उई आह ये ले साली चुद चुद चुद तथा ले जीजू का लौड़ा साली!
प्रिया हम दोनों मर्दों के बीच सैंडविच बन कर गैंग बैंग चुदाई का मज़ा ले रही थी। उसे बहुत आनंद आ रहा था, वो दहाड़ें मार मार कर सिसकार रही थी- ऊफ्फ आह उई उई साले आह उफ़ सालों चोदो मुझे तथा चोदो कुत्तो! आह आह उई अमन तेरे दोस्तों ने चोद दिया मुझे आह आह मेरी गांड फाड़ दी आज आ! तथा चोदो जीजू आह आह उई उई! मैं जीजू से चुद गई… आज जन्नत का आनंद आ रहा है!
अमन ने गीत की गांड से अपना लौड़ा निकाल कर उसकी चूत में डाल दिया, कुछ देर ऐसे ही चोदने के बाद गीत की चूत ने पिचकारी छोड़ दी। अमन ने अपना लौड़ा गीत की चूत से निकाला तथा गीत की चूत को अपने मुंह में ले लिया। असल में, गीत की गीली चूत को कुछ देर चूसने के बाद उसने गीत को छोड़ दिया तथा हमारे पास आकर अपना लौड़ा प्रिया के मुंह में दे दिया, प्रिया ने आगे बढ़ कर अमन का लौड़ा अपने मुंह में ले लिया। सच कहूं तो, अब प्रिया की जवानी हम तीन मर्दों के बीच चुद रही थी। मेरा लंड प्रिया की चूत को चोद रहा था तथा संजय के लौड़े से प्रिया की गांड बज रही थी साथ ही अमन गीत की चूत से गीले लंड से प्रिया का मुंह चोद रहा था। चरमोत्कर्ष से प्रिया ने अपना जिस्म अकड़ा लिया, यह देख कर अमन से रहा न गया, उसने प्रिया के मुंह में ही अपने लंड की धार छोड़ दी- उई आह अह ये ले साली कुतिया चुद चुद चुद गई तेरी माँ की चूत बहनचोद!
मैं तथा संजय अब झड़ने के बहुत नजदीक थे, दो तीन झटके जोर से लगाए तथा लौड़ा प्रिया की चूत से निकाल कर उसकी चुची के ऊपर कर लिया। पास बैठी गीत देख रही थी, वो जल्दी से मेरे पास आई तथा मेरा लंड पकड कर उसे हाथ से आगे पीछे करने लगी तथा अपने मुँह में ले लिया, बोली- साले पिला आज अपनी रांड को अपनी जवानी का रस राजे…!
मेरे लंड ने पिचकारी छोड़ दी, साथ ही गीत लंड से निकल रही वीर्य की धार को पीने लगी, मैंने गीत के सर को पकड़ा तथा बोला- उन्ह आह सी सी उई गीत साली… आह आनंद आ गया मेरी जान! यह बोलता हुआ अपने लंड से गीत के मुंह में वीर्य की पिचकारियाँ छोड़ रहा था। उधर प्रिया ने अपनी गांड से संजय का लौड़ा निकाला तथा अपने मुंह में ले लिया तो संजय ने भी अपना रस छोड़ दिया जो सीधा प्रिया के मुंह में गिरा, प्रिया पहले से ही अमन के वीर्य से लथपथ थी तो वो संजय के लौड़े को पकड़ कर उसके वीर्य की घूंटें भरने लगी। अब हम अपना चुदाई का राउंड ख़त्म करने के बाद बिलकुल निढाल हो चुके थे, तो हम सभी दोनों औरतों को अपनी बाहों में लेकर सो गए। लगभग तीन घंटे के बाद हमने खाना खाया जो हमने बाहर से मंगवाया था। उसके बाद हम फिर अगले राउंड के लिए तैयार थे, अब किसी को झिझक नहीं थी, गीत बोली- कैसा लगा प्रिया आर्यन से चुद कर?
प्रिया बोली- ओह वाओ, आनंद आ गया जीजू से तो, मैं तो घबरा रही थी, परन्तु जीजू की प्लानिंग बहुत ग्रेट थी। सच कहूं तो, अमन बोला- अब मैं आर्यन के साथ मिल कर एक बार प्रिया को चोदना चाहूँगा। प्रिया के चेहरे पे मुस्कराहट आ गई तथा गीत ने ये बात नोट की तथा कहने लगी- प्रिया तो आर्यन के लौड़े से ही गांड फड़वाएगी साली, देखो कैसे हंस रही है खसम की बात से… आओ संजय हम अपना करते हैं। यह कहते हुए गीत ने संजय का हाथ पकड़ लिया तो मैंने गीत को पुचकारते हुए कहा- अरे रानी, वो हमारे मेहमान हैं, हम तो यही हैं, हम भी तो देखें कितना दम है साली प्रिया में, इस लिए तुम उठो तथा प्रिया का साथ दो!
यह कहते हुए मैंने गीत को उठाया तथा एक किस करते हुए उसके थोड़े से होंठ चूसे फिर मैंने अमन को कहा- ठीक है अमन, अब तुम पहले प्रिया को गर्म करो। अब मैंने तथा अमन ने मिल कर प्रिया को अलग अलग आसनों में उसकी गांड तथा चूत को चोदा तथा साथ ही गीत की चूत में भी अमन ने लंड डाल कर उसकी चुदाई की। उस रोज प्रिया ने अपनी चूत का पानी सभी को पिलाया तथा गीत ने भी प्रिया के बराबर चूत रखकर अपना पानी पिलाया, हम सभी को बहुत आनंद आया। गीत तथा प्रिया ने बहुत डर्टी वर्ड बोलते हुए चुदाई करवाई। दोस्तो, उस रोज हम ने करीब 5 बार पार्टनर बदल बदल कर चुदाई की। प्रिया उस चुदाई के बाद बहुत खुश नजर आ रही थी तथा बाद में उसने बताया कि उसका ग्रुप चुदाई का सपना पूरा हो गया तथा आनंद भी बहुत आया। उन्होंने मेरा थैंक्स किया तथा फिर ऐसे ही मस्त चुदाई करने का वादा किया। फिर हमने उन दोनों को अपनी तरफ से पहली बार मिलने के लिए एक गिफ्ट दिया तथा हम सभी उन्हें उनकी ट्रेन में बिठा कर आये। फिर मिलेंगे एक नई हिंदी सेक्स कहानी के साथ!
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