मेरी पड़ोसन चालू लड़की
नमस्कार मेरे पाठक दोस्तो,
मैं पंजाब से आयुष हूँ। मैंने यह कहानी लिखी है क्योंकि मैं आप सभी को अपनी एक सत्य घटना बताना चाहता हूँ। सच कहूं तो, मैं अपनी थ्री ईयर आर्ट्स की पढ़ाई पूरी कर चुका हूँ तथा मै अभी आगे भी पढने की सोच रहा हूँ। परन्तु हमारा कॉलेज घर से काफी दूर था। तो मैं अपने चाचा के घर रहने लगा था। उनका घर कॉलेज के नजदीक था। मेरे अंकल का लड़का विदेश गया हुआ था। मैं तो प्रातः कॉलेज जाता तथा संध्या को पांच बजे तक कॉलेज से वापस आ जाता था। सच कहूं तो, मेरे अंकल के पड़ोस में एक परिवार किराये पर रहता था। उनकी तीन लड़कियाँ थी मीना, अकांक्षा तथा रिया। सबसे बड़ी लड़की मीना को देख कर मेरा मन उस पर लट्टू होने लगा था। वो थी ही इतनी सुन्दर। उसकी छोटी बहन रिया कभी कभी अंकल के घर आया करती थी। आपको बता दूं कि, मैंने उसके जरिये मीना से बात करने का इरादा बनाया। परन्तु डर रहता था कि वो मेरी मदद नहीं करे या किसी को बता दिया तो क्या होगा। मैंने हिम्मत करके एक पत्र लिख कर उसकी बहन को दे दिया कि वो पत्र मीना को दे देना। मैं उसे जितना बच्चा या नासमझ सोचता था वो उतनी नहीं थी। वो समझ गई तथा बोली- आप खुद ही क्यों नहीं दे देते?
पर मैंने जैसे तैसे उसे मना लिया। अगले रोज मैं उसके जवाब का इन्तज़ार करने लगा। वो सात बजे हमारे घर आई तथा आंटी से बात करने लगी। मैं छत पर चला गया तो वो भी बहाना बना कर छत पर चली आई। मैंने उससे धीरे से पत्र के बारे में पूछा तो उसने पत्र का जवाब दिखा कर अपनी ब्रा में रख लिया तथा बोली खुद ही ले लो। सच कहूं तो, मैं उसकी बात सुन कर हैरान रह गया। अरे यह तो काफी ही चालू लड़की है। मैंने उसकी कमीज में हाथ डाल दिया तथा पत्र निकालने के बहाने उसकी चूचियाँ दबाने लगा। तो वह बोली- क्या बात है रात रंगीन करने का इरादा है?
मैं उसकी बात सुन कर फिर से सुन्न सा रह गया कि अभी इसकी उम्र तो छोटी सी है तथा यह तो चुदने को भी राजी है। मैंने हाँ कर दी तो बोली- चलते हैं किसी होटल में। मैंने अपनी बाईक ले ली तथा होटल की तरफ़ चल दिया। वहाँ हम सारी रात एक दूसरे के साथ सेक्स करते रहे। यकीन मानिए, उसने बताया कि उसने मेरे साथ पहली बार ही सेक्स किया है। आपको बता दूं कि, वो काफी खुश थी, कहती थी कि काफी आनंद आया। बाद में जब मैंने पत्र मांगा तो उसने मुझे दे दिया, परन्तु एक शर्त थी कि मैं उसे ऐसा आनंद फिर से दूँ। मैंने उसे वहीं लिटा लिया। उसने अभी अन्डआर्यनयर नहीं पहना था। मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में गाड़ दिया तथा काफी अन्दर गहराई तक पेल दिया। वो सिसक रही थी ऊऊओह्हह् हह्हह हीईईईई तथा अंदर ह्हह हह्हह्ह ह्हह फ़ाड़ डालो। अहहह हह्हह। लगभग आधे घण्टे बाद हम एक दूसरे से अलग हुए। उसने अपने कपड़े पहने तथा मैंने भी अपने कपड़े पहन लिये। सच कहूं तो, उसके बाद मैंने वह पत्र पढ़ा तो मुझे हैरानी हुई कि उसकी बहन भी मुझ पर मरती है। यकीन मानिए, फिर उसने मुझे रात को अपने घर पर बुलाया। यकीन मानिए, रिया ने बताया कि आज रात को उसके घर में कोई नहीं होगा, तुम रात को आ जाओ। मैं उस रोज कॉलेज नहीं गया। रात को मैं उसके घर गया तथा कॉल बेल बजाई। रिया ने मुस्करा कर दरवाजा खोला। फिर हम उसकी बहन के कमरे में चले आये तथा कहा कि मेरा इन्तज़ार करो। उसकी बहन रिया ने हम सभी के लिये खाना बनाया। आपको बता दूं कि, भोजन के उपरान्त हम सभी ने ग्रुप सेक्स किया। ध्यान देने वाली बात है कि, मैं उस रात को काफी खुश था फिर मैं वापस चला आया। अब तो जब भी हमें मौका मिलता है, हम सेक्स करते हैं। मैं आगे की कहानी अगली बार लिखूंगा। [email protected]
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