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आज की कहानी: सेवा का मौका

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मेरा नाम राज है मेरी उम्र 23 साल हो गई है। मैं बॉडी-बिल्डर कम कॉल-बॉय ज्यादा हूँ क्यूंकि मुझे सेक्स करना काफी अच्छा लगता है। किसी भी औरत का पूरा जीवन सेक्स से संतुष्ट होने में गुज़र जाता है, वो या तो रात को अकेली सेज पर करवटे लेती है या साथी के पास होने पर भी असंतुष्ट ही रह जाती है। आपको बता दूं कि, मैं उनसे सिर्फ यह कहना चाहता हूँ कि सेक्स वो अनमोल आनन्द है जो एक औरत की जीने की चाहत को दोगुना कर देता है। सेक्स करो तथा खुल कर जियो ! मैंने पहले भी एक कहानी नीचे की चीज़ लिखी थी जो एक सच्ची कहानी थी। मैं आज भी एक सच्ची कहानी लिखने जा रहा हूँ जिससे मेरे काल बॉय बनने की शुरुआत हुई। उस कहानी को लिखने के बाद मुझे कई मेल आये, उनमें से एक मेल पटियाला की शादीशुदा युवती का था। उसका नाम जिया अफरीन खान था उसका पति हमेशा व्यापारिक यात्रा पर रहता था। उसने मेल पर मुझसे यौन-सम्बन्ध बनाने की इच्छा जाहिर की। मैंने उसे अपना नम्बर दे दिया। ध्यान देने वाली बात है कि, थोड़ी देर बाद उसकी कॉल आई तथा उसने कहा- तुम शनिवार को तीन बजे पटियाला बस-स्टैंड पर पहुँच कर मुझे कॉल करना, मैं तुम्हें लेने आऊँगी। मैंने ऐसा ही किया। फ़ोन पर उसने मुझे एक कोड दिया तथा कहा- तुम लोगन कार के पास आ जाओ ! जब मैं वहाँ गया तो एक औरत बुर्के में थी। उसने मेरा नाम पूछा तथा कहा- राज कोड बताओ ! मैंने कोड बताया तथा हम गाड़ी में बैठ कर उसके घर की ओर चल पड़े। रास्ते में उसने कोई बात नहीं की तथा मुझे भी चुप रहने को कहा। हम उसके घर पर पहुँच चुके थे, उसने दरवाजा खोला तथा कहा- तुम इन्तज़ार करो, मैं अभी आती हूँ। सच कहूं तो, जब वो आई तो उसने गुलाबी नाइटी पहनी हुई थी तथा एक पर्दा सा किया हुआ था। ध्यान देने वाली बात है कि, मैंने कहा- अब यह कैसा पर्दा हमसे? तो उसने कहा- खुद यह पर्दा हटा लो ! जब मैंने पर्दा हटाया तो मेरे होश ही उड़ गए- जैसे कोई हुस्नपरी आ गई हो मेरे सामने ! मैंने बिना समय गंवाए उसे चूमना चालू कर दिया। वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। फिर हम काफी देर तक एक दूसरे को चूमते-चाटते रहे तथा मैंने उसके होंठों को अपने मुँह में भींच लिया। धीरे-धीरे मैं उसकी पीठ पर हाथ फेरता रहा तथा वो भी मुझे सहलाती रही। आपको बता दूं कि, फिर मैंने उसकी नाइटी उतार फेंकी तथा उसने भी मुझे सिर्फ अंडआर्यनयर में कर दिया। सच कहूं तो, अब वो सिर्फ ब्रा-पेंटी में थी तथा मैं अंडआर्यनयर में। हम दोनों ऐसे ही रजाई के अंदर एक दूसरे से लिपट कर लेट गए तथा बदन गर्म करने लगे। जब गर्माहट बदन में फैल गई तो मैंने अपना अंडआर्यनयर तथा उसकी ब्रा-पेंटी उतार फेंकी। सच कहूं तो, फिर हम दोनों 69 पोजिशन में एक दूसरे के अंगों को चूसने लगे। मुझे उसकी चिकनी चूत चाटने में मजा आ रहा था। असल में, मैंने पहली बार किसी की चूत में मुँह लगाया था। जब वो लंड चूस रही थी तो मुझे शरारत सूझी तथा मैंने जोर से अपने लंड को उसके मुँह में घुसेड़ दिया जो सीधा उसके तालू में जा टकराया तथा वो बेड पर ही उछल गई। जब हमारे चुसाई कार्यक्रम को काफी देर हो गई तो जिया ने मुझे एक गोली दी तथा कहा- इससे तुम जल्दी नही झड़ोगे ! मैंने वो गोली खा ली। उसके बाद हमारा चॉकलेट-सेक्स शुरू हो गया। आपको बता दूं कि, जिया ने अलमारी से लिक्विड चॉकलेट निकाली तथा मेरे लिंग पर डाल कर चूसने लगी। मैंने भी काफ़ी सारी चॉकलेट उसके बदन पर लगा दी तथा उसे चाटना शुरु कर दिया। जब मैंने चॉकलेट लगी हुई चूत चूसी तो वो पागलों की तरह उछलने लगी तथा मेरा सिर अपनी चूत में जोर से दबाने लगी। उसी समय मैं उसके मम्मों को दबाने लगा तथा वो धीरे-धीरे सिसकारियाँ मारने लगी। उसके मम्मे भी काफी कड़क थे जो अब तो दब-दब कर लाल तथा सख्त हो गए थे। सच कहूं तो, मम्मों को दबाते-दबाते मैं उन्हें चूसने लगा तथा उसके गले पर भी चूमता रहा तथा वो सिसकारती रही…!! फिर धीरे से मैंने अपने तना हुआ लंड उसकी चूत के मुँह पर लगाया तथा अंदर डालने लगा। पर जैसे ही डालने को हुआ, वो मेरा साथ अपनी टांगों से पीछे से जोर लगाने लगी तथा उसके मुँह से आः ह्ह…… निकलने लगी। मैंने उसकी चूत पर अपना थूक लगा कर उसे गीला किया तथा फिर से उसके पैर उठा कर लंड अंदर डालने लगा पर वो फिर से आ आह्ह ह्ह्ह करने लगी तथा कहने लगी- जान ! आज काफी दर्द हो रहा है पर उससे दोगुना मज़ा आ रहा है ! मैं धीरे-धीरे लंड अंदर करने लगा तथा वो आ आह्ह्ह् ह्ह्ह्ह …. उम्म्मह्ह्ह ह्ह्ह्ह…. करने लगी। फिर मैंने लंड को चूत में अंदर-बाहर करना शुरु किया तथा उसे चूमता भी रहा ताकि उसे तथा भी मज़ा आए। और वो हल्की आवाज में ऊऊऊम्म्म्म…. आ आअह्ह्ह करने लगी….. और मैं उसकी खूब चुदाई करता रहा….. फिर लंड को अंदर ही डाले मैंने करवट बदल ली तथा वो मेरे ऊपर आ गई। फिर मैंने अपनी गांड उठा कर उसकी चुदाई चालू कर दी। अब वो मजे लेने लगी थी, कहने लगी थी- करते रहो जानू….. मैं उसे चोदता रहा ! आप सब यकीन नहीं मानेंगे- उस बार मैंने उसे पूरे 50 मिनट तक चोदा जो कि मेरे लिए भी आश्चर्यजनक था कि इतनी देर चुदाई करने पर भी मैं झड़ा नहीं। यह उस गोली का ही असर लग रहा था! जब काफी देर हो गई तो फिर से मैंने उसे अपने नीचे लिटा लिया तथा जोर से चोदने लगा तथा वो तो बस आःह्ह्ह…. ऊऊउह्ह्ह…. अम्मीईई ….. आ आआह्ह्ह….. मजा आ गया ! कहती रही। फिर मैंने अपनी स्पीड तेज कर दी तथा उसकी आवाज भी तेज होने लगी.. वो झड़ने लगी थी, इससे पहले भी वो दो बार झड़ चुकी थी। आपको बता दूं कि, मेरा भी छुटने वाला था, मैंने कहा- मेरा छुटने वाला है ! तो उसने कहा- मैं तुम्हारा तथा अपना जल मिला कर पीना चाहती हूँ ! मैंने सारा माल अंदर ही डाल दिया जो बाहर निकल रहा था। सच कहूं तो, जो उसने अपनी ऊँगली से लेकर चाटना शुरू कर दिया उसने मेरा लंड भी साफ़ कर दिया। रात के दस बज गए थे, मैंने उसके साथ नहाने की इच्छा की तो उसने कहा- हाँ क्यूँ नहीं ! हम दोनों नहाने लगे मैंने उसका सारा बदन जीभ से चाटा। असल में, मेरा लंड फिर खड़ा हो गया उसने मेरा लंड चूसना चालू कर दिया। मैंने कहा- इस बार मैं तुम्हारी गांड मारूँगा ! उसने कहा- मैंने पहले कभी ऐसा नहीं किया! तो मैंने कहा- मैंने भी कभी चूत को नही चूसा था ! पर आज किया ! क्या तुम मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकती? उसने कहा- काफी दर्द होगा ! मैंने कहा- तुम मेरी जान हो ! मैं तुम्हें जरा भी तकलीफ नहीं होने दूंगा ! वो मान गई। मैंने कहा- क्या तुम्हारे पास कोई चिकनी जेल है? तो उसने कहा- बेड की दराज़ में शायद क्रीम मिल जाये ! वहाँ पर एक कोल्ड क्रीम मिली जो मैंने उसकी गाण्ड तथा अपने लण्ड पर पूरी ख़त्म कर दी। मैंने अपना लंड उसकी गांड में दे दिया, आधा लंड उसकी गांड में चला गया। वो रोने लगी तथा कहने लगी- छोड़ दो ! निकाल दो बाहर ! दर्द हो रहा है ! मैंने कहा- बस थोड़ी देर दर्द होगा, फिर मजा आएगा। मैं रुक गया तथा उसकी चूचियाँ दबाने लगा। आपको बता दूं कि, उसको थोड़ा आराम मिला तो मैंने फिर धक्का दिया तथा उसकी गांड में अपना पूरा लंड डाल दिया। वो छटपटा रही थी। पर लण्ड निकालने में नाकामयाब रही। मैंने धक्के लगाने शुरु किये, वो आ आ ई ई की आवाजें निकाल रही थी। मैंने उसे 15 मिनट तक चोदा। फिर मैंने अपना लंड निकाला तो उसने कहा- निकाला क्यों लिया? तो मैंने कहा- मेरा झरने वाला है ! तो उसने कहा- गांड में ही झार दो। सच कहूं तो, मैं अभी दोबारा अन्दर डालने ही वाला था कि तब तक मेरा जल निकल गया तथा उसकी गांड के ऊपर ही गिर गया। वो जल्दी से पलटी तथा बाकी का सारा जल अपने मुँह में ले लिया तथा मेरा लंड साफ़ कर दिया। हम नंगे ही सेज पर सो गए रात को भी चुदाई का प्रोग्राम चलता रहा। यकीन मानिए, उसने मुझे सुबह आखिरी चुदाई के बाद 2100 रुपये दिए तथा फिर सेवा का मौका देने को कहा। असल में, [email protected] What did you think of this story