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चाचा की साली चुद गई

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सच कहूं तो, दोस्तो, मैं अपनी पहली कहानी लिखने जा रहा हूँ, आशा करता हूं कि आपको पसंद आयेगी, अपनी प्रतिक्रिया जरूर मुझे भेजियेगा. तो बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं के इम्तिहान देने के लिए रायपुर गया था, वहाँ मेरी मैडम तथा उसकी बहन रोशनी तथा मेरे चाचा रहते थे। उनकी बहन देखने में तो बड़ी सुंदर थी परंतु मुझे साहिल कह कह कर उठे लंड पर जल डाल देती थी। मेरा पहला पेपर था तथा मुझे डर भी काफी लग रहा था क्योंकि मेरी तैयारी पूरी नहीं थी, फिर मैं अपनी तरफ से दोपहर में तैयारी कर रहा था। पहला पेपर मेरा गणित का था तथा कुछ सवाल मुझे सूझ नहीं रहे थे। शाम को जब चाचा आये तो उन्होंने मुझे गणित समझाने में मदद की, वे गणित के प्रोप्रेसर थे तथा उनकी साली मतलब मैडम की बहन कोई अनपढ़ नहीं थी, उसने भी साथ में बैठकर अनेक सवालों के जवाब दिये। उससे मैंने पूछा- आप क्या करती हैं? तो सुन कर मैं दंग रह गया, वो गणित में एम.एस.सी थी। असल में, अब तो मुझे लगा कि मेरी मुँह मांगी मुराद मिल गई, मैंने सोचा कि उसकी चूचियों को देखते हुये निशा भर गणित की पढ़ाई करूँगा उसके साथ! खाने के बाद चाचा ने मुझे आवाज लगाई- बेटा विक्की, सुनो, तुम बैठक में बैठकर पढ़ाई करो तथा मदद चाहिए तो रोशनी से मदद ले लेना! मेरे मन में लड्डू फ़ूटने लगे तथा सभी काम निपटाकर सभी जब सोने चले गये तो मैडम का छोटा बेटा रोहण मेरे साथ बैठकर मुझे पढ़ता हुए देखने लगा। मैं अभी अकेले ही पढ़ रहा था। कुछ देर बाद रोहण वहीं सोफ़े पर सो गया तो मैं उसे उठाकर चाचा के कमरे में ले जाने लगा। ध्यान देने वाली बात है कि, अचानक पीछे से आवाज आई, वह आवाज रोशनी की थी- रूको विक्की, अंदर मत जाओ! एक बार मैं सदमे में आ गया, फिर पूछा- क्यों भला? अंदर तुम्हारे चाचा गहरी नींद में सोये है। यकीन मानिए, तथा तुम जाकर उनको डिस्टबर्ड कर दोगे। मैं रूक गया। फिर रोशनी रोहण को लेकर अपने कमरे में चली गई तथा मैं पढ़ने लग गया। कुछ देर बाद मुझे रोशनी के कमरे से कुछ आवाज सुनाई देने लगी। मैं उठा तथा उसके कमरे की तरफ जाने लगा तो मैंने अंदर का नजारा देखा तो दंग रह गया, रोशनी सोई हुई थी तथा चाचाजी उसके उरोजों को दबा रहे थे। मैं पूरा माजरा समझ गया कि चाचाजी चुपके से रोशनी के कमरे में जाते थे तथा उसके साथ अश्लील हरकतें करते थे। अचानक रोशनी उठी तथा बोली- अरे जीजाजी, आप सोये थे तो मैंने रोहण को अपने साथ सुला लिया था, रूकिये मैं रोहण को तनीषा के पास छोड़ देती हूँ। फिर अचानक चाचाजी ने उसको दोनों हाथों से जकड़ लिया तथा बोले- रोशनी, प्लीज एक बार अपने यौवन में मुझे डुबा लो! भगवान कसम! मना मत करना! “अरे जीजाजी, यह आप क्या कह रहे हैं? छोड़िये मुझे, मैं तनीषा को अभी बता कर आती हूँ, इसी कारण आप मुझे यहाँ लाने की जिद कर रहे थे! तनीषा की तबीयत खराब नहीं थी, मुझे ही अक्ल नहीं थी कि मैं आपको पिता समान समझ कर यहाँ आ गई। ” चाचाजी एक बार तो सदमे में आ गये तथा हंस कर बोले- अरे पगली, मैं तो मजाक कर रहा था! और रोहण को लकर अपने कमरे में चले गये, पर इसका काफी बुरा प्रभाव मेरे दिमाग पर हुआ, जो लण्ड रोशनी को देखकर खड़ा हो रहा था वो अब हिल भी नहीं रहा था। खैर कुछ देर बाद मैं शांत मन से पढ़ाई करने लगा। निशा के करीब 2 से 2.30 बजे रहे होंगे, अचानक नाइटी पहने रोशनी मेरे बगल में आकर बैठ गई तथा बोली- तुम्हारी कुछ मदद कर दूँ क्या? अंदर से मैं बोला- चोदने दोगी क्या? यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं। अचानक वास्तविकता में आते ही मैंने बोला- हाँ बड़ी देर से आपके जगने का इंतजार कर रहा था! यह मैथ्स का सवाल मुझे नहीं हो रहा है, क्या आप बतायेंगी? रोशनी बोली- जरूर, क्यों नहीं, लाओ दिखाओ। फिर उसने समझाना शुरू किया परन्तु मेरा पूरा ध्यान तो उसके गोल गोल बड़े-बड़े दुद्दूओं में अटका था, बार बार उसका निप्पल फ़ूलता तथा पिचकता था, मुझे बड़ा आनन्द आ रहा था। अचानक उसकी नजर मेरे नजर की ओर गई, बोली- क्यों उस्ताद क्या मैं गणित का सवाल मेरे दुद्दुओं में समझा रही हूँ जो तुम उसे देखे जा रहे हो? अचानक मैं हड़बड़ा सा गया तथा अपने आप को सम्हालते हुये बोला- नहीं तो ऐसी बात नहीं है। फिर वो बोली- चलो आओ, तुम्हे एक चीज दिखाती हूँ। वह सीधे चाचा के कमरे की ओर ले गई तथा अंदर झांकने के लिए बोली। अंदर का दृश्य देखकर मैं दंग रह गया, चाचा मैडम को बड़े मजे से चोद रहे थे। सब देखने के बाद वो बोली- तुम्हारे चाचा निशा में मेरी तनीषा को कम से कम 3 बार चोदते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि, तथा ये सब देख कर मैं भी किसी तुम जैसे का इंतजार कर रही थी। तुम्हारे चाचा तो मुझे रोज निशा में चोदने के लिए निशा में आते है। परन्तु मुझे मालूम था कि तुम हमें देख रहे हो तो मैंने चाचा को डाँटने का नाटक किया था। क्या तुम मुझे चोदना चाहते हो? मैंने कहा- नेकी तथा पूछ पूछ? “तो शुरू किया जाए?” रोशनी बोली- क्या तुमने पहले किसी लड़की को चोदा है? मैंने झूठ कहा- नहीं, तो आज तक नहीं! “चलो, मैं तुम्हें सिखाती हूँ!” कहकर अपने कमरे में ले गई तथा पहले उसने अपनी नाइटी उतारी तथा ब्रा तथा अंडआर्यनयर को पहने रखा। मेरी तो हालत पतली होती जा रही थी, फिर धीरे से मेरे हाथ को अपने सीने के ऊपर रख दिया। अब तो मेरे पूरे शरीर में करंट दौड़ गया तथा मैं उसकी इजाजत के बिना उसकी चूचियों को जोर जोर से मसलने लगा। आपको बता दूं कि, उसने मुझे टोका, बोली- क्या रे, कभी किसी के दुद्दू भी नहीं दबाए क्या? जरा धीरे धीरे आराम से! फिर धीरे से अपनी ब्रा को बदन से अलग किया तथा जो नजारा था वो क्या बताऊँ दोस्तो, गोल सफेद एकदम ठोस! शायद ही मैंने जिंदगी में ऐसे दुद्दू देखे हों! अब तो मेरा लौड़ा पूरी तरह से खड़ा हो गया था तथा मस्ती में नाचने लगा था, मैंने रोशनी से कहा- तनीषा, क्या अब चोदने की क्रिया चालू करें? रोशनी बोली- अबे गांडू, क्या मुझे मां बनाने का इरादा है? कंडोम लगा तथा फिर चोद! मैंने कहा- तनीषा, परन्तु इंग्लिश फिल्म में क्या चूसते चाटते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि, वो बोली- अबे गांडू, वो सब छोड़, जल्दी से अपना कच्छा उतार तथा चोद मुझे! मैंने उसके कहे अनुसार अपना अंडआर्यनयर उतारा तथा चोदना चालू किया, बड़ी मुश्किल से उसकी बुर में मैं लंड डाल पाया। यह क्या? उसकी बुर में दर्द होना चालू हो गया। मुझे समझ नहीं आया कि यह क्या हो रहा है। मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो देखा कि मेरा लंड खून से सना हुआ था। मैंने रोशनी से पूछा- यह क्या हुआ? वो बोली- मैं सच बताऊँ, आज तक मुझे किसी ने मुझे चोदा नहीं है। तथा मैं आज तक कुआंरी थी, परन्तु तुम्हारे चाचा की रोज निशा को कामक्रिया देख कर मुझे चुदवाने का जुनून था तथा मैं उसी से चुदवाना चाहती थी जिसने आज तक किस को ना चोदा हो! तुम मुझे सच्चे लगे तथा आनंद भी खूब आया, अभी जब तक तुम रहोगे, मुझे रोज चोदना! और वहाँ रहते हुए रोज निशा को मैंने उसको भरपूर चोदा तथा फिर वापस चला आया। बाद में पता चला कि उसकी अगले महीने शादी होने वाली है तो मैं पूरा माजरा समझ गया। सच कहूं तो, वह शादी से पहले सेक्स का आनन्द लेना चाहती थी। असल में, तो दोस्तो, मेरा यह अनुभव आपको कैसा लगा, मुझे ईमेल पर बतायें। [email protected] What did you think of this story