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प्रेम भरी वासना में लिपटा पति पत्नी का रिश्ता- 4

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बिकिनी गर्ल हॉट कहानी में जब पत्नी ने देखा कि उसका पति किसी अन्य युवती पर मोहित है तो उसने अपने पति को मजा दिलाने का फैसला किया. दोस्तो, मैं रमित की बीवी यामिनी आपकी उत्तेजना को शिखर पर ले जाने को पुनः आ गई हूँ. कहानी के तीसरे भाग हॉट हस्बैंड को हॉट युवती से मिलाने की कोशिश में अब तक आपने पढ़ा था कि मैं रमित को उस रात वाली सुंदरी के हुस्न को दिखाने स्विमिंग पूल वाले एरिया में ले आई थी. उधर मुझे वह युवती दिख गई, जो रमित को उत्तेजित करने के लिए काफी थी. अब आगे बिकिनी गर्ल हॉट कहानी: मैंने देखा कि उस युवती ने पीले रंग की टू पीस बिकनी पहनी हुई थी. उसके गोल गोल बड़े से चूतड़ काफी सेक्सी लग रहे थे. आंखों पर सनग्लासेस लगाए हुई वह बड़ी मस्ती से लेटी हुई थी. मैंने ध्यान दिया कि उसके बाएं चूतड़ पर एक तिल था. यह देख कर मैं मन ही मन मुस्करायी कि अब रमित को उकसाना तथा भी आसान होगा. एक तो उसे बड़े चूतड़ पसंद हैं, उस पर ये काला तिल! एक बार तो मुझे उससे जलन सी महसूस हुई. फिर उससे जान पहचान बढ़ाने के लिए मैंने उससे हैलो बोला. मैंने उससे अपना परिचय करवाया- हाय, मैं यामिनी! वह भी मुस्करायी तथा हाथ बढ़ाती हुई बोली- मैं जाह्नवी. हम दोनों में बातचीत शुरू हुई. मैंने उसकी खूबसूरती की तारीफ करते हुए कहा जाह्नवी सच में तुम काफी हॉट हो! वह मुस्कुरा दी. मैंने उसे आंख मारते हुए कहा- तुम्हारे हस्बैंड तो तुम्हें छोड़ते ही नहीं होंगे … सारा रोज बेडरूम में ही हुए रहते होंगे तुम्हें लेकर … यह सुन कर वह ज़ोर से खिलखिलाई तथा बोली- यामिनी, ऐसी कोई बात नहीं, इनफैक्ट तुम मुझसे ज्यादा सुंदर हो … मुझसे ज्यादा सेक्सी एंड हॉट हो. देखो इस बैंगनी रंग की बिकनी में तुम काफी सेक्सी लग रही हो … यहां पर सारे मर्दों की नजरें तुम पर हैं! मैं भी हंसने लगी तथा मन में सोचने लगी कि जाह्नवी सबकी नजरें मुझ पर हैं, पर मेरे पति की नजरें तुम पर हैं. तुम ही यहां इकलौती ऐसी युवती हो … जिस पर रमित की नजरें टिकी हैं. नहीं तो वह मेरे सिवाए किसी तथा की तरफ आंख उठा कर भी नहीं देखता. जाह्नवी बोली- हेय … कहां खो गयी! रात पार्टी में भी मैंने देखा था … तुम उस ड्रेस में कितनी हॉट लग रही थीं. पार्टी के सब मर्द तुम्हें ललचायी नजरों से देख रहे थे … जब तुम तथा तुम्हारे हस्बैंड डांस कर रहे थे. तुम दोनों ऐसे लग रहे थे जैसे एक दूसरे के लिए ही बने हो. अब मैं उसे क्या बोलती कि रमित को तुम्हारी साड़ी तथा ब्लाउज में इंट्रेस्ट आ रहा था. पर मैं बस मुस्करा कर रह गयी. हम आपस में काफी खुल चुकी थीं. यहां तक कि हमने तो साथ घूमने जाने का प्लान भी बना लिया था. यही मैं चाहती थी कि जाह्नवी सारा रोज हमारे साथ रहे तथा रमित उसे देख देख कर गर्म होता रहे. फिर वह रात को जाह्नवी को सोच कर मुझे हचक कर चोदे तथा मेरा अंग अंग ढीला कर दे! मैंने रमित को बुलाया. जैसे ही रमित मेरे पास आया तो उसकी नज़र जाह्नवी पर पड़ी. मैंने देखा कि वह जाह्नवी के बदन का आंखों से ही नाप ले रहा था. तब मैंने दोनों का परिचय करवाया. मैंने देखा जाह्नवी भी रमित को चाहत भरी नजरों से देख रही थी. मेरे लिए ये कोई ख़ास बात नहीं थी. अक्सर रमित की पर्सनालिटी देख कर लड़कियां उसकी तरफ अट्रैक्ट हो जाती हैं … पर रमित किसी को नहीं भाव नहीं देता. पर जाह्नवी के लिए वह कुछ बदला बदला नज़र आया. मैंने देखा रमित चोर नजरों से जाह्नवी के चूतड़ देख रहा था तथा उस पर तिल … शायद उसको देखने के लिए मरा जा रहा था. मैंने देखा कि जाह्नवी रमित के गठीले बदन को निहार रही थी. उसकी नजरें उसके फ़्रेंची के अगले भाग पर फिर रही थीं. तभी जाह्नवी का हस्बैंड ईवान भी आ गया. हमारा आपसे में परिचय हुआ. मैंने देखा उसके आते ही जाह्नवी ने अपनी कमर के गिर्द एक पारदर्शी सी चुन्नी बांध ली थी. फिर हम सबने चेंजिंग रूम में चेंज किया तथा ब्रेकफास्ट के लिए बुफे में आ गए. हम चारों ने साथ में ब्रेकफास्ट किया तथा घूमने का प्लान करने लगे. अब तक हम सभी में अच्छी दोस्ती हो चुकी थी. मैंने तथा जाह्नवी ने सलाह दी कि दो पहिया वाहन रेंट पर ले लेंगे … तथा गोवा घूमेंगे, रात को क्रूज पार्टी का आनन्द भी लेंगे. सब कुछ तय करके हम चारों अपने अपने कमरे की ओर तैयार होने चल दिए. कमरे में जा कर मैंने शॉवर लिया तथा पहनने के लिए सफ़ेद रंग की छोटी सी निक्कर निकाली. मैंने सफ़ेद रंग की निक्कर के साथ ब्लू रंग का डीप नैक का टॉप पहना, जिसमें से मेरे बूब्स बाहर आने को बेकरार हो रहे थे. रमित ने भी शॉर्ट तथा टी-शर्ट पहनी. फिर हम हाथों में हाथ डाले नीचे रिसेप्शन पर आ कर जाह्नवी तथा उसके पति का इंतजार करने लगे. जैसे जाह्नवी नीचे आयी, मैंने अपने होंठों को गोल करके सीटी बजायी तथा बोली- लगता है आज गोवा में काफी से मर्द बेहोश आने वाले हैं! वह बोली- वह क्यों? मैंने कहा- मैडम, जब आप जैसी हॉट माल को देखेंगे तो बेहोश हो ही जाएंगे! वह बोली- यार तुमसे ज्यादा हॉट तो नहीं लग रही! मैंने कहा- ओके ओके … लगता है हम दोनों की हॉटनेस से गोवा का मौसम काफी गर्म होने वाला है. हम दोनों खिलखिला कर हंसने लगीं. जाह्नवी ने आसमानी रंग की छोटी सी निक्कर पहनी हुई थी, जिसमें से उसकी मांसल जांघें बेहद सेक्सी लग रही थीं तथा पीछे से उसकी शॉर्ट बमुश्किल ही उसके चूतड़ ढांप पा रही थी. उस पर झीना सा सफ़ेद रंग का ढीला सा टॉप, जिसका गला बेहद डीप था तथा जाह्नवी के बूब्स के ऊपरी भाग को दिखा रहा था. इस टॉप के अन्दर उसने डार्क ब्लू रंग की ब्रा पहनी हुई थी जिसकी पट्टियों पर लाल रंग की किनारी थी. .. उसके पारदर्शी से टॉप में से साफ़ दिखाई दे रही थी. जाह्नवी आगे चली गयी. मैंने देखा कि रमित उसके मटकते हुए चूतड़ों को घूर रहा था. उसकी आंखों में वासना के डोरे थे. शायद उसमें जाह्नवी को पाने की ख्वाहिश जाग रही थी. मैं उसे धकेलती हुई बाहर ले आयी. फिर हमने दो बाइक्स लीं तथा घूमने के लिए निकल पड़े. मैं तथा जाह्नवी काफी मस्ती कर रही थीं. मैंने एक बात देखी कि जाह्नवी का पति अक्सर फ़ोन पर बात करता हुआ थोड़ा दूर चला जाता था तथा जाह्नवी के पूछने पर बोलता कि ऑफिस से कॉल था. मुझको यह देख कर यह समझ आया कि जाह्नवी तथा उसके पति के बीच ज्यादा अच्छी केमिस्ट्री नहीं है. मतलब वैसी … जैसी मेरे तथा रमित के बीच थी. कभी कभी जाह्नवी भी उसके साथ असहज सी लगती थी. मेरे दिमाग में जो खिचड़ी पक रही थी, उसके लिए ये अच्छा ही था. शाम को हम बीच पर सन सैट का मज़ा ले रहे थे, मैं, रमित तथा जाह्नवी समुन्दर की लहरों में अठखेलियां कर रहे थे. जाह्नवी का पति बियर का मज़ा लेते हुए किनारे पर ही बैठा था. मेरे तथा जाह्नवी के वस्त्र भीग चुके थे. हमारे टॉप गीले होकर बदन से चिपके हुए थे. जाह्नवी का टॉप तो सफ़ेद रंग का था, तो गीला होते ही उसके बदन का हर कटाव दिख रहा था. नीचे से उसकी ब्रा अब बिल्कुल साफ़ दिख रही थी. पर जाह्नवी को जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था, वह मस्ती में मुझ पर तथा रमित पर पानी उछाल रही थी. तभी रमित ने कहा- अभी बताता हूँ तुम्हें! जाह्नवी यह सुनकर आगे को भागने लगी तो रमित ने उसे पीछे पकड़ लिया तथा खुद भी उसे पकड़ कर पानी में गिर गया. वे दोनों हंसने लगे तथा मुझे भी खींच लिया. रमित तथा जाह्नवी में अच्छी दोस्ती हो चुकी थी. थोड़ी देर हम मस्ती करके बाहर आ गए. तभी जाह्नवी ने मुझे एक बड़े से पत्थर के पीछे चलने का इशारा किया. हम दोनों ने अपने हैंड बैग उठाए तथा वहां चल दीं. उस बड़ी चट्टान के पीछे देखा तो वहां कोई नहीं था. जाह्नवी बोली- यार, गीला टॉप पहन कर नहीं जाया जाएगा, अभी हम सन सैट का मज़ा लेंगे … पर इतनी देर तक गीले टॉप में नहीं रहा जाएगा. मैंने एक टॉप हैंडबैग में रख लिया था. तुम देखो कोई न आए … मैं झट से चेंज कर लेती हूँ! मैंने हां कहा तथा मैं उसके आगे खड़ी हो गयी. अब मैं ध्यान रखने लगी कि वहां कोई न आए. इतने में जाह्नवी ने अपना टॉप उतार दिया तथा पीछे से ब्रा की हुक खोल दिया. जैसे ही उसने हुक खोला, उसमें कैद उसके कबूतर उछल पड़े. वाकयी में उसके बूब्स काफी सुन्दर थे तथा उन पर किसमिश जैसे निप्पलों तो तथा ज्यादा कहर ढा रहे थे. मर्द तो मर्द मेरा भी मन उसके दूध छूने के लिए मचलने लगा. फिर मैंने खुद को कण्ट्रोल किया कि कहीं जाह्नवी मेरे बारे में कोई गलत विचार न बना ले. उसने ब्रा के बिना ही ऊपर से दूसरा टॉप पहन लिया तथा बोली- तुम भी इधर आकर चेंज कर लो अगर तुम्हारे पास टॉप है! मैं वहां खड़ी हो जाती हूँ. मेरे पास भी एक एक्स्ट्रा टॉप था, तो मैंने भी चेंज करने के लिए टॉप उतारा तथा दूसरा पहनने लगी. तो जाह्नवी बोली- यार ये गीली ब्रा भी उतार दो, नहीं तो वहां खुजली होने लगेगी. एक तो गीली है ऊपर से हम समुन्दर के खारे पानी में नहा कर आए हैं. ऐसे ही बिना ब्रा के टॉप पहन लो. थोड़ी देर में तो हम लोग होटल पहुंच ही जाएंगे. उसकी बात सुनकर मैंने भी अपनी ब्रा उतार दी तथा दूसरा टॉप पहन लिया. हम दोनों ने अपने गीले टॉप हैंड बैग में ही डाल लिए तथा उस चट्टान के पीछे से बाहर आ गए. रमित भी अपने वस्त्र पहन चुका था. इतने में सूरज छिपने लगा, उसकी लालिमा समुन्दर के पानी में फ़ैल रही थी. उस वक़्त वह नज़ारा काफी ही सुंदर लग रहा था. दूर तक सागर की लहरों में सूरज का लाल रंग फैला था … ऐसे लग रहा था जैसे सूरज खुद समुन्दर में उतर गया है … तथा लहरों संग मस्ती कर रहा है. जाह्नवी मेरे बगल में ही खड़ी थी, उसके बाल हवा में उड़ कर बार बार उसके चेहरे पर आ रहे थे. वह एक हाथ से उन्हें पीछे करती हुई सच में काफी सुंदर लग रही थी. मैंने कहा- जाह्नवी देखो ये लहरें भी अपना किनारा तलाशती किनारे तक आती हैं तथा किनारे को छू भर के वापिस फिर सागर में लौट जाती हैं. जाह्नवी बोली- हां, ये भी मेरी तरह किनारे तलाशने किनारे तक आती हैं तथा किनारे पर आकर भी जब इन्हें किनारा नहीं मिल पाता, तो ये वापिस लौट जाती हैं … मेरी तरह वहां इंतज़ार में नहीं रहती हैं! मैंने देखा कि यह कहते वक्त जाह्नवी की आंखों में एक अजीब सी उदासी थी. मैंने उससे इस उदासी की वजह जाननी चाही. पर फिर सोचा कि अभी जाह्नवी मेरी वह वाली दोस्त नहीं बनी है, जो अपनी उदासी तथा अपनी गमी मुझे बता सके. इसलिए मैंने चुप रहना ही बेहतर समझा. अब हम सब अपने होटल की तरफ वापिस चल दिए. फिर से हमारे बीच हंसी मज़ाक शुरू हो गया. मैंने देखा कि रमित चोरी से कभी कभी जाह्नवी की तरफ देख लेता. उसकी नज़रें उसके कुर्ते में से उभर आए निप्पलों पर ठहर जातीं. यह देख कर मैं अन्दर ही अन्दर मुस्करायी तथा आज की हसीं रात की कल्पना करने लगी. अभी तो हमें क्रूज़ पार्टी में जाना था, हम अपने होटल पहुंच गए थे. शाम 8.30 पर रिसेप्शन पर मिलने का बोल कर हम अपने अपने कमरों में चले गए. रूम में आते ही मैं वाशरूम में भाग गयी तथा शॉवर खोल कर उसके नीचे खड़ी हो गयी. इतने में रमित भी अन्दर आ गया. अन्दर आते ही उसने अपनी शॉर्ट तथा टी-शर्ट उतार दी, फिर मेरा टॉप भी उतार दिया तथा मेरे बूब्स मसलने लगा. मैंने मना किया- नहीं रमित, अभी नहीं … रात को पार्टी से आने के बाद! वह मेरे निप्पलों को चूसना चाहता था. मैंने उसे रोक दिया. वह बोला- मेरे अन्दर आग लगी है यार … कैसे बुझाऊं! मैंने कहा- तुम्हारी आग शांत कर देती हूँ … सब्र रखो! मैं उसके कड़े हुए निप्पलों को अपने नाखूनों से छेड़ने लगी, इससे वह तथा सिसकारियां भरने लगा. मैं जानती थी कि इस वक़्त रमित को डिस्चार्ज करना काफी जरूरी है तथा वह जल्दी हो भी जाएगा. मैं नीचे बैठी तथा उसकी फ्रेंची उतार दी. उसका लंड उछल कर बाहर आ गया. मैंने उसे अपने हाथ में पकड़ा तथा उसको आगे पीछे किया. फिर अपने मुँह में ले लिया तथा चूसने लगी. कभी कभी अपनी जीभ उसके छेद पर फेर देती, तो रमित तथा ज़ोर से आह भरता. मैं उसे पूरी तरह चूसने लगी. आज मैं भी अपनी सारी लाज लिहाज छोड़ना चाहती थी. .. इसलिए मैं एक पोर्न स्टार की तरह उसका लंड चूस रही थी. तभी रमित की कराह निकली- ओह यामिनी, आह … काफी मजा आ रहा है यार … अब मुझसे नहीं रुका जाता. उसने अपना लंड मेरे मुँह से निकाला तथा अपने हाथ से आगे पीछे करने लगा. इस वक़्त उसकी नैन बंद थीं तथा वह बस आहें भर रहा था. तभी उसके लंड से वीर्य का फव्वारा छूटा तथा वह लम्बी आह भरता हुआ दीवार के साथ पीठ टिका खड़ा हो गया. मैंने धीरे से उसके लंड को पकड़ा तथा पानी से धो कर उसे साफ़ कर दिया. फिर रमित से लिपट कर मैं उसे किस करने लगी. हम दोनों फ्रेश होकर बाहर आ गए. मैंने कॉफ़ी का आर्डर दिया. कॉफ़ी पीकर हमने थोड़ा रिलैक्स किया … फिर क्रूज़ पार्टी के लिए रेडी होने लगे. मैंने लाल रंग की घुटनों से थोड़ी नीची ड्रेस पहनी. इस ड्रेस में मेरे बदन का हर एक कटाव उभर कर दिख रहा था. इससे आगे आप रमित की ज़ुबानी मजा लें. दोस्तो, मैं रमित … अब आगे की सेक्स कहानी में मैं बताऊंगा कि कैसे मेरा हनीमून को यामिनी ने यादगार बना दिया था. इस लाल रंग की घुटनों तक टाइट ड्रेस में यामिनी काफी ज्यादा सेक्सी लग रही थी. उसके बाद उसने डार्क रेड कलर की लिपस्टिक लगायी तथा हाई हील में तो वह मानो बिजलियां गिरा रही थी. मैंने भी डार्क ब्लू रंग का सूट वाइट शर्ट के साथ पहना था. यामिनी मेरे करीब आयी तथा बोली कि आज किस पर बिजलियां गिराने का इरादा है डार्लिंग! मैंने कहा- मेरे ऊपर तो तुमने पहले ही बिजली गिरा दी है. वह हंस दी. फिर यामिनी मेरे साथ सेल्फी लेती हुई बोली- रमित, हम परफेक्ट कपल लग रहे हैं. मैं उसकी गर्दन पर होंठ से चूमने लगा. फिर हम दोनों एक दूसरे की बांहों में बांहें डाले नीचे आ गए तथा जाह्नवी के आने का वेट करने लगे. दोस्तो, इधर से आपको मेरी सेक्स कहानी में एक ट्विस्ट नजर आने लगेगा. बिकिनी गर्ल हॉट कहानी में मैं कोशिश करूंगा कि सेक्स का मजा भी आपको अच्छे अच्छे कमेंट्स लिखने के लिए प्रेरित करता रहे … जल्दी ही मिलते हैं. [email protected] बिकिनी गर्ल हॉट कहानी का अगला भाग: प्रेम भरी वासना में लिपटा पति पत्नी का रिश्ता- 5 What did you think of this story