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आज की कहानी: ननद आंटी की लेस्बीयन सेक्स स्टोरी

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मेरा नाम प्रिया तिवारी है, मेरी उम्र 29 साल है, मेरी शादी हो चुकी है। ध्यान देने वाली बात है कि, मैं ज्यादा सुंदर तो नहीं मगर दिखने में काफी सेक्सी हूँ। मेरी फिगर 34-28-34 है। यह मेरी पहली कहानी है। मेरे ससुराल में मेरी सास ननद ससुर तथा मेरे पति है। मेरा ससुराल बिहार के गया डिस्ट्रिक्ट में है। मेरे पति का नाम विनोद है, वो एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। मेरी ननद अंजलि कॉलेज में मेडिकल की तैयारी कर रही है। मेरी ननद भी काफी सेक्सी है उसकी उम्र सिर्फ 22 साल है। हम चारों काफी खुश रहते हैं। और मेरी ननद अंजलि मुझसे खुल कर बात करने लगी थी। अंजलि ने ही मुझे अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज पढ़ने का चस्का लगाया था, हम दोनों का यह रोज़ का काम हो गया था। कॉलेज में उसका एक बॉयफ्रेंड भी था मगर उसने अभी तक सेक्स नहीं किया था। मुझे अन्तर्वासना पर हिन्दी सेक्स कहानी पढ़ने का काफी शौक चढ़ चुका था, मैं रोज़ नई नई कहानी पढ़ती तथा अपनी चूत में उंगली करती। लेकिन यह बात उन दिनों की है जब मेरी शादी के 2 महीने ही हुए थे, मेरे पति आफिस के काम से 20 दिनों के लिए बाहर चले गए, तब मैं बिल्कुल अकेली हो गई। आपको बता दूं कि, कुछ दिन तो मैंने उंगली से काम चला लिया मगर एक दिन अंजलि ने मुझे उदास देख कर मुझसे पूछ लिया- आंटी, क्या हो गया? मैंने कहा- कुछ नहीं, तुम्हारे साहिल की याद आ रही है। अंजलि ने कहा- मैं हूँ न आंटी! ‘तुम नहीं समझोगी… जब तुम्हारी शादी होगी तब पता चलेगा। ’ उसने कहा- आज मैं आपके साथ सोऊंगी। रात को सब खाना खाकर सोने चले गए तो अंजलि ने मेरे कमरे में आकर दरवाजा बंद कर दिया। तब उसने पूछा- आंटी, आज आप मुझे बताओ कि आपकी सुहागरात को क्या क्या कैसे कैसे हुआ था? मैंने उसे सोने के लिए कहा तथा मैं उसकी तरफ पीठ करके सोने लगी। तभी अंजलि ने मेरी गांड पे एक तमाचा मारा। मुझे अपने पति की याद आ गई, मैं कुछ नहीं बोली तथा सोने लगी. तब मेरी ननद अपना पैर मेरे ऊपर रखा कर मेरे से चिपक गई। मैंने कहा- क्या कर रही हो? तब उसने कहा- आंटी मुझे सब पता है, साहिल आपको रोज़ निशा में चोदते थे, इसलिए बिना चुदाई के आपका मन नहीं लग रहा है। यकीन मानिए, इतनी गंदी बात सुन कर मुझे शर्म आ गई। ध्यान देने वाली बात है कि, अंजलि ने मुझसे कहा- आंटी, आज मैं साहिल की जगह लेती हू, आप ऐसे गुमसुम मत रहा करो। फिर क्या… वो उठी तथा अपने वस्त्र खोलने लगी, सिर्फ चड्डी तथा ब्रा में लेट गई, मुझे शर्म आ रही थी। ध्यान देने वाली बात है कि, तब वो उठी तथा मुझे किस करने लगी. मुझे अच्छा लग रहा था, मैं भी गर्म हो रही थी, उसने एक एक करके मेरे सारे वस्त्र उतार कर मुझे नंगी कर दिया, वो मेरी चुची चूसने लगी, मेरे मुंह हल्की सिसकारियां निकलने लगी। वो मेरी चूची चूमते हुए नीचे मेरी चूत पे आ गई, मुझे करंट जैसा लगा मगर उम्म्ह… अहह… हय… याह… मज़ा काफी आ रहा था। अचानक उसने मेरी चूत में उंगली डाल दी, मुझे दर्द नहीं हुआ. फिर उसने मेरी चूत में जब तीन उंगली डाल दी तो मुझे दर्द हुआ। वो अपनी उँगलियों से मेरी चूत चोदने लगी. दस मिनट बात मेरा जल गिर गया तथा वो मुझे किस करने लगी। फिर वो किचन में गई तथा एक खीरा ले आई. अब उसने अपनी ब्रा पेंटी भी उतार दी, हम दोनों ननद आंटी बिल्कुल नंगे हो गई. अंजलि की चुची बड़ी बड़ी थी. अंजलि मेरी चूत में खीरा डाल कर अंदर बाहर करने लगी. कुछ मिनट बाड मैं फिर झर गई. अब अंजलि की बारी थी, मैंने उसकी चुची चूसी तथा उसकी चुत में खीरा डाल कर अंदर बाहर किया, वो 5 मिनट में ही झर गई। हमें ऐसा करते हुए निशा के 2 बज गए थे, हम दोनों नंगी ही सो गई एक दूसरी के साथ 69 की पोजीशन में! जब तक मेरे पति वापस नहीं आये, तब तक मैं तथा अंजलि हर निशा ऐसे करती रही, जब मेरे पति आये तब उन्होंने मेरी ऐसी चुदाई की जैसे वो कई साल से भूखे हों! बस यही है मेरी कहानी… अगर कोई गलती हो तो मुझे माफ़ करना क्योंकि मैं ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं हूँ, थोड़ा काफी अंजलि ने ही मुझे बता कर यह कहानी लिखवाई है। आपको मेरी ननद आंटी की लेस्बीयन सेक्स स्टोरी अच्छी लगी या नहीं, अगर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं तो प्लीज [email protected] पर मेल कीजिए! What did you think of this story