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विधवा मां की चुदास बेटे के लंड से बुझी

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मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी में मेरे पिता की डेथ के बाद मम्मी अपनी चूत की प्यास से परशान थी. एक दिन मैंने उनको चूत में खीरा डालते देखा. तो मैंने उन्हें सेक्स का आनंद देने का फैसला किया. मैं कामेश, छत्तीसगढ़ के एक गांव से हूँ. मैं पहली बार कोई सेक्स कहानी लिख रहा हूँ, वह भी अपनी खुद की कहानी. इसकी कहां से शुरुआत करूँ … समझ नहीं आ रहा, फिर भी शुरू से ही पढ़ लीजिए. ये मेरी मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी है, जो अनजाने में हुई. बात ऐसी है कि 2019 में कोरोना आया तथा उससे मेरे पापा की जान चली गई. तब मैं 19 साल का था. घर वालों को समझ नहीं आ रहा था कि ये सब कैसे हो गया. फिर एक-दो साल बीत गए तथा अब सब अपनी ज़िंदगी पर ध्यान देने लगे. मेरे घर में मैं, मां, चाचा-मैडम, उनके दो बच्चे तथा दादाजी रहते हैं. मैं अपने मां बाप का इकलौता बेटा हूँ. दिन ऐसे ही बीत रहे थे. गांव में पैसे की कमी की वजह से घर छोटा ही बना था, जिसमें दो कमरे, एक किचन तथा एक हॉल था. मैं तथा मां एक कमरे में सोते थे, दादाजी हॉल में तथा चाचा-मैडम अपने कमरे में. मुझे अपनी मां के बारे में कामुक ख्याल तब आया जब एक दिन मां नहाकर कमरे में आईं. मैं वहीं मोबाइल चला रहा था. गांव में सब भोले-भाले तथा साफ़ दिल के होते हैं तो मां ने मेरे सामने ही अपने कपड़े बदले. मां को नहीं पता था कि मैं उन्हें देख रहा हूँ. वे बस कपड़े बदल रही थीं. वैसे तो मैंने कई बार उन्हें कपड़े पहनते देखा था, परन्तु आज उन्होंने नीचे चड्डी नहीं पहनी थी. उनके पेटीकोट के नाड़े वाले हिस्से से मुझे उनकी चूत दिख गई, जिसमें काले घने बाल थे. मां की चुत की झलक देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. फिर मैंने मन में सोचा कि ये सब गलत है तथा अपने मन को शांत किया. कुछ दिन बाद मैडम अपने मायके चली गई थीं तथा चाचा जी भी उन्हीं के साथ चले गए थे. उधर कोई दस बारह दिन का कार्यक्रम था जिस वजह से वे लोग उधर ही रहने वाले थे. अब घर में सिर्फ़ मैं, मां तथा दादाजी थे. दादाजी काफी कमज़ोर होने की वजह से ज़्यादा चलते-फिरते नहीं थे. अगले दिन निशा में मां बाथरूम गईं. मैंने सोचा कि वे शायद पेशाब करने गई होंगी. लेकिन जब काफी समय हो गया तो मैंने सोचा कि मां को इतना समय क्यों लग रहा है. तो मैं बाथरूम की तरफ गया. जब मैं बाथरूम के पास पहुंचा तो मां की चूड़ियों की आवाज़ आ रही थी. ऐसा लग रहा था जैसे वे कुछ घिस रही हों. मैंने खिड़की से झांककर देखा तो देखता ही रह गया. मां एक खीरे को ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत में डाल रही थीं. मैं डर के मारे कांप रहा था. लेकिन मां की चूत देखकर मेरा लौड़ा खड़ा हो गया. मैंने उन्हें देखकर मुठ मारना शुरू कर दिया. सिर्फ 5 मिनट में मेरा वीर्य निकल गया. लेकिन मेरी मां अभी भी संतुष्ट नहीं हुई थीं. कुछ देर बाद उनका जल निकला तब वे शांत हो गईं. मैं जाकर कंबल ओढ़कर सो गया. कुछ मिनट बाद मां आईं तथा सो गईं. मैं सोच रहा था कि बेचारी मां को अपना पूरा जीवन क्या इसी तरह गुज़ारना होगा. मां अब रोज़ अपनी चूत में खीरा डाल रही थीं. मोहल्ले में कई लोग मां को बुरी नज़र से देखते थे परन्तु मां बदनामी की वजह से इन सब से दूर रहती थीं. मां को ऐसा करते देख कर मुझे अच्छा नहीं लग रहा था. मैंने सोचा कि मैं मां को खुश रखूँगा तथा बस मैं अपनी मां को चोदने के बारे में सोचने लगा. मां जब नहाने जातीं तो मैं उन्हें छुपकर देखने लगा. उन्हें देखकर मुझसे रहा नहीं जा रहा था. फिर मैंने सोचा कि मुझे उन्हें ये अहसास दिलाना होगा कि उनका बेटा उनकी मदद करना चाहता है. एक दिन मैंने आधे डर तथा आधे जोश में उनकी चड्डी में मुठ मारकर छोड़ दिया. मां ने इस पर ध्यान नहीं दिया. फिर मैंने उनके नहाने के बाद उनकी चड्डी में ताज़ा माल डाल दिया. मां के आने के बाद मैं बाहर चला गया तथा खिड़की से झांकने लगा. मां ने जब चड्डी को छुआ, तो उन्हें गीला महसूस हुआ. उन्होंने देखा कि ये गीलापन कहां से आया तो उन्हें मेरा गाढ़ा सफेद वीर्य दिखा. वे वीर्य को सूँघ रही थीं. उनकी सांसें गहरी हो गई थीं. उन्होंने वीर्य को जीभ से चाटकर देखा तथा लंबी सांस लेकर उसे सूँघने लगीं. शाम को जब मैं घूमकर वापस आया तो मैं मां से आंखें नहीं मिला पा रहा था. मैं अपने में ग्लानि भरी सोच से अपराधभाव से शर्मिंदा हो रहा था कि वे क्या सोच रही होंगी. मैंने उनसे बात नहीं की. उन्होंने कहा- खाना लगा दूँ? मैंने कहा- हां. खाना खाकर हम दोनों सोने चले गए. जब मैं कमरे में गया तो देखा कि चड्डी वहीं रखी हुई थी. मैं समझ गया कि मां ने चड्डी नहीं पहनी है. मां ने मुझसे अच्छे से बात की. तो मुझे लगने लगा कि उन्हें मेरे उस काम से बुरा नहीं लगा. मैंने आज उन्हें चोदने का सोच लिया. मुझे नींद नहीं आ रही थी. डर भी लग रहा था कि आगे क्या होगा. रात के दो बजे मैं उनके बेड की तरफ गया. मां सोई हुई थीं. डर की वजह से मेरी तो गांड फट रही थी, फिर भी हिम्मत करके मैं आगे बढ़ा. मैंने अपना लंड निकाला तथा हिलाने लगा. मैंने मां की साड़ी को धीरे-धीरे उठाना शुरू किया. जब साड़ी उनकी जांघ तक पहुंची तो मैंने तथा ऊपर उठाकर उनकी चूत देखना चाहा. तभी मां जरा सी हिलीं. उनकी इस हरकत से मेरी तो गांड फट गई. फिर भी जोश में मैं नहीं रुका तथा उनकी चूत पर अपनी उंगली रखी. वहां काफी बाल थे. मेरी सांसें तेज़ होने लगीं तथा मेरा लौड़ा भी कड़क हो गया. मैं मां के चेहरे के पास गया तथा अपना लौड़ा उनके चेहरे पर रगड़ने लगा. वे अभी तक जगी नहीं थीं, शायद घर के काम से थक गई थीं. मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा था. मैं उनके बगल में जाकर लेट गया तथा उनके पेट पर हाथ फेरने लगा. फिर मैंने अपना लौड़ा उनकी गांड पर रगड़ना शुरू किया. अचानक मां ने हलचल की तथा मेरी तरफ देखा. मैं क्या करूँ, कुछ समझ नहीं आ रहा था. मैं बिल्कुल चुप था. मां ने नीचे देखा तो मेरा लौड़ा तना हुआ था. मां भी कुछ नहीं बोल रही थीं. मैंने बिना कुछ बोले उनकी साड़ी को फिर से ऊपर उठाया, परन्तु मां ने उसे नीचे कर दिया. मां ने धीमी आवाज़ में कहा- पगला गया है क्या? मैंने अपने लौड़े की ओर इशारा किया तथा कहा- देखो न मां! मां शायद समझ गईं कि मेरी उम्र जवान हो गई है तथा मैं सेक्स करने का सोच रहा हूँ. मां ने मेरे लौड़े की तरफ देखा, उनकी सांसें तेज़ होने लगी थीं. मैंने फिर अपना हाथ उनकी चूत की ओर बढ़ाया. मां ने मेरा हाथ पकड़ लिया तथा बोलीं- ये सब सही नहीं है, बेटा! मैंने मां से कहा- मैंने आपको बाथरूम में खीरा अपनी चूत में डालते देखा है. मैं बस आपकी मदद करना चाहता हूँ! मां ने कहा- छी: तू कितना बिगड़ गया है. मुझे छुप छुप कर देखता है! मैंने कहा- मां, मैं बस आपकी मदद करना चाहता हूँ. मां नहीं मानीं तथा गुस्से में मुझे सोने को कहा. मैं चुपचाप अपनी बेड पर लेट गया. मेरा लौड़ा खड़ा था तो मैं अपने बेड पर ही मुठ मारने लगा. मां ने गुस्से में मुझे मुठ मारते हुए देखा तथा बोलीं- चुपचाप सो जा! मैंने कहा- मां, इसमें कुछ गलत नहीं है बाहर के मां-बेटे ऐसा करते हैं! मां बोलीं- तू दीवाना हो गया है! मैंने मां को मां-बेटे वाला सेक्स वीडियो दिखाना चाहा तो उन्होंने मुझे एक थप्पड़ मार दिया. अब मैं कुछ नहीं बोला तथा सो गया. सुबह जब मैं उठा, तो मां खाना बना रही थीं. मैं उनके पास गया तो उन्होंने कहा- कल निशा की बात को भूल जा! रात में जब हम सोने गए तो मैंने फिर से वही करने का सोचा परन्तु थप्पड़ याद आया तो मैंने कुछ नहीं किया. कुछ दिन बाद मां कुछ बदली-सी लग रही थीं. वे मेरे सामने कपड़े पहनते समय अपने दूध को पूरी तरह खुला रखती थीं … तथा चड्डी भी मेरे सामने ही पहनती थीं. मैं डर की वजह से उनकी तरफ नहीं देखता था तो मां कुछ न कुछ बात करने लगती थीं … ताकि मैं उनकी ओर देखूँ. एक निशा जब मैं सोया हुआ था तो मां की तरफ से उनकी चूड़ियों की ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ आई. मैंने देखा, तो कंबल ऊपर-नीचे हो रहा था. मुझे समझ नहीं आया कि मां क्या कर रही हैं. मेरा लौड़ा खड़ा हो गया, फिर भी मैंने कुछ नहीं किया. सुबह जब मैंने देखा तो मां के बेड पर खीरा रखा हुआ था. मुझे लगने लगा कि शायद अब उन्हें चुदवाने का मन हो रहा है इसीलिए वे मुझे दिखाती हुई ऐसी हरकतें कर रही हैं. मैंने निशा को फिर से चोदने के बारे में सोचा. इस बार मुझे ज़्यादा डर नहीं लग रहा था. मैं सोच रहा था कि ज़्यादा से ज़्यादा तो थप्पड़ ही मारेंगी. रात को मां के सोने के बाद मैं उनके बेड पर गया तथा उनके बगल में लेट गया. मैंने धीरे से उनकी कमर पर हाथ रखा तथा सहलाने लगा. मां ने कोई हरकत नहीं की तो मैंने उनके दूध पर हाथ रखा तथा धीरे से दबाया. उन्होंने कुछ नहीं किया, परन्तु उनकी सांसें तेज़ हो रही थीं. मैं समझ गया कि मां सोने का नाटक कर रही हैं. मुझसे अब रुका नहीं गया. मैंने उनकी साड़ी उठाई तथा उनकी जांघ को सहलाने लगा. मैंने अपनी उंगली उनकी चूत में डाली तो उनकी चूत गीली हो चुकी थी. मैंने उंगली अन्दर डाली, तो मां थोड़ा आगे सरक गईं परन्तु अगले ही पल वापस सरक आईं. शायद उन्हें दर्द हुआ होगा. मैंने धीरे-धीरे उंगली डालना शुरू किया. मां ने अपने पैरों को आगे-पीछे कर लिया. मैं समझ गया कि मां भी यही चाहती हैं. अब मैंने अपना लौड़ा उनकी चूत में डालने की कोशिश की परन्तु लंड अन्दर नहीं जा रहा था. शायद दो-तीन साल से न चुदने की वजह से उनकी चूत चिपक गई थी. मैंने अपने लौड़े पर थूक लगाया तथा एक हाथ से उनकी चूत को खोला, फिर दूसरे हाथ से लौड़ा अन्दर डालने की कोशिश की. थोड़ा-सा अन्दर गया तो मां फिर से आगे सरक गईं. मैं भी आगे गया तथा फिर अन्दर डाला. मां फिर आगे को चली गईं. अब मैंने बगल से सरसों का तेल लिया, अपने लौड़े पर तथा मां की चूत में लगाया. मैं धीरे-धीरे अन्दर डालने लगा. आधा लौड़ा अन्दर जाने के बाद मां ने मेरे लंड को अपनी गांड से दबा लिया. मैं थोड़ी देर रुका. मैंने एक हाथ से मां के मुँह को बंद किया ताकि उनकी आवाज़ बाहर न जाए तथा ज़ोर से धक्का दे मारा. मां को दर्द हुआ तथा वह चीखीं, परन्तु आवाज़ बाहर नहीं गई. मेरा लौड़ा पूरा अन्दर जाने के बाद मैं थोड़ा रुका. फिर धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा. कुछ देर में मेरा वीर्य उनकी चूत में निकल गया तथा मैं उनके ऊपर ही सो गया. सुबह जब मैं उठा, तो मैंने पूरा लोअर पहना हुआ था. मां कितनी देर से जगी थीं, मुझे पता नहीं चला. मैं किचन में गया, तो मां खाना बना रही थीं. मैंने उनका हाथ उनकी गांड पर फेरा, परन्तु मां ने मेरा हाथ झट से हटा दिया तथा किचन से बाहर चली गईं. मैं बाहर दोस्तों के साथ घूमने चला गया. शाम को जब मैं घर आया तो मां मुझे देखकर हंस रही थीं. मैं कुछ नहीं बोला. खाना खाकर मैं कमरे में चला गया. मां काम खत्म करके कमरे में आईं. मैं कुछ नहीं बोला. मां बेड पर लेट गईं. मैंने उनके पैरों को छुआ, वे कुछ नहीं बोलीं. मैं उनके बेड पर चला गया तथा उनके बगल में लेट गया. मैंने कहा- मां! मां ने कोई जवाब नहीं दिया. मैंने उन्हें कसकर पकड़ लिया तथा उनकी गांड मसलने लगा. मां कुछ नहीं बोल रही थीं. मैंने मां को सीधा किया तो वह हंस पड़ीं. मैंने पूछा- कुछ बोलो ना! मां बोलीं- क्या बोलूँ? मैंने कहा- कुछ भी. मां बोलीं- कुछ भी क्या? मैंने पूछा- कल मज़ा आया? मां बोलीं- हां. मैंने कहा- सच में? तो वे मुस्कुरा कर बोलीं- सच में. मैंने पूछा- आपने चूत के बाल साफ़ क्यों नहीं किए? वे बोलीं- क्या करूँगी साफ़ करके … तेरे पापा तो अब रहे नहीं … जो इसे चाटते थे! मैंने कहा- मैं हूँ ना! वे बोलीं- कल साफ़ कर लूँगी. मैंने कहा- रहने दो मां, मुझे तो अच्छा लगता है. फिर मैंने मां के होठों को ज़ोर से चूमा. मां भी साथ देने लगीं. मैंने कहा- कल मेरा वीर्य जल्दी निकल गया ना! मां बोलीं- कोई बात नहीं, पहली बार ऐसा ही होता है. आधे घंटे तक चुम्मा-चाटी के बाद मैंने मां के पैरों को फैलाया तथा उनकी चूत चाटने लगा. मां दीवाना हो रही थीं उन्होंने मेरा सिर ज़ोर से पकड़ लिया तथा अन्दर दबाने लगीं. मां की चूत से खट्टा तथा नमकीन जल निकल रहा था, जिसे मैंने पी लिया. फिर मैंने मां से कहा- मेरा लौड़ा चूसो! मां ने झट से मेरा लौड़ा पकड़ लिया तथा चूसने लगीं. पांच मिनट बाद मेरा माल उनके मुँह में निकल गया, जिसे उन्होंने पी लिया. फिर हम दोनों मां बेटे चुम्मा-चाटी करने लगे. कुछ देर बाद मैंने अपना लौड़ा मां की चूत में लगाया. मां ने अपना थूक मेरे लंड पर लगाया तथा अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पर सैट कर दिया. मैंने धीरे-धीरे अपना लौड़ा अन्दर डाला. मां को काफी दर्द हो रहा था. उन्होंने अपने दोनों पैरों से मेरी कमर को जकड़ लिया तथा हाथों से मुझे पकड़ लिया. मैंने अपनी मां को चोदना शुरू किया. मां सिसकारने लगीं. मैंने ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर दिया. मां ‘आह … आह … आह …’ करने लगीं. थोड़ी देर बाद मां ने मेरा लंड निकाला तथा मुझे नीचे आने को कहा. मैं नीचे आया. मां ने मेरा लंड हाथ में लिया, अपनी चूत में सैट किया तथा पूरा लंड अन्दर ले लिया. अब वे मेरे लौड़े पर ऊपर-नीचे होने लगीं. मैं उनके दूध को ज़ोर से दबा रहा था. मां को ऐसा सुकून कई साल बाद मिल रहा था. वे इस चुदाई को जल्दी खत्म नहीं करना चाहती थीं, इसलिए पोज़ीशन बदल रही थीं. कुछ देर बाद मां कुतिया बन गईं. मैंने उनके बाल पकड़ कर चोदना शुरू किया. वे धीरे-धीरे ‘आह … आह … आह … ओह’ कर रही थीं. मैंने पूछा- मां लंड का जल कहां निकालूँ? वे बोलीं- अन्दर ही छोड़ देना! पांच मिनट बाद मैंने उनकी चूत में अपना वीर्य छोड़ दिया तथा मां के ऊपर ही लेट गया. चुदाई के बाद मां साड़ी पहन रही थीं तो मैंने मना कर दिया. फिर हम दोनों नंगे ही सो गए. सुबह मां ने कहा- कमरे के बाहर मुझे मत छूना, कोई देख लेगा तो शक करेगा! मैंने कहा- ठीक है मां! मैं बाहर चला गया तथा मेडिकल से टैबलेट ले आया. रात को खाना खाने के बाद जब हम सोने आए तो मैंने मां को दवाई खिला दी तथा खुद भी खा ली. मैंने मां से कहा- आज निशा भर चोदूँगा, मां अब तू लंड के लिए नहीं तड़पेगी! मैंने मां को सेक्स वीडियो दिखाए तथा पोज़ीशन बताई कि आज हम ऐसा करेंगे. मैंने मां को मां-बेटे वाला वीडियो तथा गांड चोदने वाला वीडियो दिखाया. मां बोलीं- गांड को भी चोदते हैं क्या? मैंने कहा- हां मां, काफी मज़ा आता है. मुझे मां की गांड काफी पसंद थी इसलिए मैंने ये वीडियो दिखाया ताकि वह मना न करें. मैंने मां को नंगी किया तथा सांप की तरह उनसे लिपट गया. मेरा लौड़ा उनकी चूत में था. मैंने मां के पूरे बदन को चूमा तथा चाटा, फिर मैं उनके दूध पीने लगा. मां हंसने लगीं तथा बोलीं- बचपन में भी तू ऐसा ही करता था! मां ने मेरा लंड खड़ा किया तथा चूसने लगीं. मुझे काफी मज़ा आ रहा था मेरी खुद की मां मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं. फिर मैंने मां को दीवार पर चिपका कर उनका एक पैर ऊपर किया तथा चोदने लगा. मां मेरी कमर को हाथों से पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से लौड़े को अपनी चुत में अन्दर-बाहर करवाने लगीं. मैंने मां को घोड़ी बनाया तथा उनकी गांड के छेद को खोलने को कहा. मैंने अपने लंड तथा मां की गांड पर सरसों का तेल लगाया तथा धीरे-धीरे अन्दर घुसाने लगा. पांच मिनट बाद लंड पूरा अन्दर चला गया. मैंने मां के मुँह में अपनी चड्डी घुसा दी थी ताकि वे चिल्लाएं न. थोड़ी देर बाद उनका दर्द कम हुआ तो मैंने धीरे-धीरे लौड़े को मां की गांड में अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया. मां को काफी दर्द हो रहा था परन्तु वे मस्ती से गांड हिला रही थीं. मैंने उनकी चोटी पकड़ ली तथा तेज़ी से चोदने लगा. फिर उनकी गांड में जल भर दिया. फिर मैंने मां को बेड पर लिटाया तथा उनकी चूत में लंड डाला. मैंने मां को ज़ोर से चूमा. मैंने मां से बात करने को कहा, तो मां बोलीं- क्या बोलूँ? मैंने कहा- मैं चोदूँ! वह बोलीं- तो चोद ना! मैंने कहा- यही बोलो ना कि ठीक से चोद दे मुझे! मां बोलीं- हां मेरे लाल, मुझे चोद दे. मैंने कहा- सच में चोदूँ! मां बोलीं- हां चोद ना! मां की मादक आवाज़ सुनकर मैंने तेज़ी से चोदना शुरू कर दिया. मां ‘आह … आह … ओह … ओह.’ करने लगीं. मां बोलीं- आराम से चोद न, दर्द हो रहा है बेटा … मेरी चूत फट जाएगी! मैंने कहा- कुछ नहीं होगा मां! मां बोलीं- कितना मोटा है तेरा लौड़ा आह काफी अच्छा लग रहा है. कुछ देर बाद मेरा जल निकलने लगा तो मां बोलीं- ज़ोर-ज़ोर से चोद ना! मैंने गति बढ़ा दी तथा मां का जल निकल गया. मां एकदम शांत हो गईं. मैं उनके दूध के साथ खेलने लगा. उस निशा हमने निशा 11 बजे से 2 बजे तक चुदाई की. हम रोज़ चुदाई करने लगे. जब चाचा-मैडम बाहर जाते तो मैं किचन में ही मां की साड़ी ऊपर करके चोद देता था. जब से हमारी मॅाम Xxx सन सेक्स शुरू हुआ, तब से लगभग एक महीने तक मैं मां को नंगी ही सुलाता था. मां ने भी कभी मना नहीं किया. ठंड में तो वह हर दिन नंगी ही सोती थीं. आज भी मैं मां की ज़रूरतें पूरी करता हूँ. दोस्तो, अगर आपकी मां भी विधवा हैं, तो आप भी उनकी मदद करें. उन्हें बाहर संबंध बनाने के लिए मजबूर न करें. बचपन में उन्होंने मेरी ज़रूरतें पूरी कीं, तो इस समय मैंने उनकी ज़रूरतें पूरी कीं … रही बात रिश्ते की, तो रिश्ता दिल से रखो, बदन का क्या … वह तो एक दिन मिट्टी हो जाएगा. घर की ज़रूरतें पूरी करने का प्रयास करें. तो ये है मेरी मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी, जो 100% सच है. इसके बाद मेरी कोई तथा कहानी नहीं आएगी क्योंकि मैं मां के अलावा किसी तथा के साथ संबंध नहीं बनाऊंगा अपनी पत्नी को छोड़कर. कैसी लगी मेरी ये रियल मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी … कृपया कमेंट में बताएं. 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