साहब बीवी और गुलाम
प्रेषक : बबलू
मेरे प्यारे दोस्तो, इस कहानी को पढ़ने वाले सभी पाठकों को मेरा प्रेम !
वो कहानी ही क्या जिसमें हकीकत ना हो !
मेरा नाम बबलू है तथा मैं नागपुर में रहता हूँ, मेरी उम्र 25 साल है! मैं ज्यादा सुंदर तो नहीं हूँ परन्तु शक्ल तथा सीरत से काफी अच्छा लगता हूँ। मेरा कद 5’९” है तथा शरीर से तंदरुस्त हूँ। मैं अभी ला (विधि) कर रहा हूँ तथा साथ-साथ में मैं हाई कोर्ट में वकील राजेश के ऑफिस में पार्ट टाइम जॉब शाम को ७ से १० तक करता हूँ। कभी-कभी मुझे वकील के घर भी जाना पड़ता है!
मेरे सर (वकील) की बीवी तो क़यामत है, मगर मादरचोद साली जितना वो अकड़ती उतनी ही सेक्सी भी थी! उसका नाम कविता है मगर उसे प्रेम से सभी किट्टी कहते है तथा मैं किट्टी मैडम ! उसकी उम्र 30 साल है तथा एक बच्चे की माँ है ! उसका रंग गोरा तथा कद अच्छा है। जब वो चलती थी तो मैं बस पीछे से उसकी गांड को ही देखता था ! क्या हिला-हिला कर चलती थी ! मेरा तो लंड ही खडा हो जाता था, सोचता था कि बस एक बार चोदने को मिल जाए साली के बारह बजा दूंगा ! मादरचोद को तरीके से बात करना ही नहीं आता था। एक बार राजेश को केस के सिलसिले में दिल्ली जाना था, जाते-जाते उसने कहा- मैं तीन दिन के लिए बाहर जा रहा हूँ, आफिस में कोई क्लाइंट आए तो अटेंड कर लेना, तथा घर में मैडम को भी थोड़ा काम है वो भी देख लेना !
मैंने कहा- ठीक है, सर !
फिर सर को मैंने नागपुर रेलवे स्टेसन छोड़ दिया तथा फिर छुट्टी की !
दूसरे दिन मैंने आफिस शाम को आठ बजे खोला ! कोई काम नहीं होने की वजह से मैं ब्लू फिल्म की सीडी भी साथ ले कर आया था। असल में, मैंने सर का केबिन खोला, उसके बाद मैंने आफिस का कम्प्यूटर चालू किया तथा सीडी लगा दी। तभी बाहर बारिश शुरू हो गई, मैं तथा खुश हो गया क्योंकि अब कोई आने वाला ही नहीं था। मैं बिंदास ब्लू फिल्म देख रहा था। क्या मजेदार दृश्य चल रहा था !
मैं आफिस में अकेला था तथा शाम के साढ़े आठ बजे थे। मैंने ब्लू मूवी देख कर अपना लंड बाहर निकाल लिया तथा सहलाने लगा। अचानक किट्टी मैडम अंदर आ गई। सच कहूं तो, न जाने वो कब आ गई, मुझे पता नहीं चला कि कब गेट खुला तथा वो अंदर आ गई। मैं उसे देख कर डर गया। तथा वो मुझे लंड सहलाते हुए देख कर भी अनजान बन रही थी। मैंने तुरंत अपना लंड अन्दर कर लिया। मैडम केबिन के बाहर खड़ी थी। मैंने आनन-फानन में पीसी का सिर्फ मॉनीटर ही बंद किया। मैं बहुत ज्यादा ही डर गया था। मैं मैडम के पास गया। मैंने धीरे से कहा- मैडम चाय पिएँगी?
वो गुस्से में बोली- नहीं !
मैं तथा डर गया। बाहर बारिश अभी भी जोरों से हो रही थी। आपको बता दूं कि, मैडम बारिश में गीली हो गई थी तथा उसके हाथो में थैलियाँ थी। आपको बता दूं कि, ऐसा लग रहा था कि वो शॉपिंग कर के आ रही थी! मैडम की लाल साड़ी पूरी तरह से गीली हो गई! मैडम के ब्लाउज में से काली ब्रा मुझे साफ़-साफ़ दिख रही थी। क्या घूर रहा है ? मैडम ने कहा। मैं- कुछ नहीं मैडम, आप तो पूरी भीग गई हैं !
मैडम- दरवाजा बंद कर ! मुझे वस्त्र बदलने चेंज हैं। मैं आफिस का दरवाजा बाहर से बंद कर रहा था कि मादरचोद ने फिर कहा- अबे साले, अन्दर से बंद कर !
मैं चौंक गया, मैं तो जैसे उसका गुलाम था ! सो मैंने आफिस को अन्दर से बंद कर दिया तथा मैं अन्दर ही बैठ गया। मैडम सर के केबिन में चली गई। केबिन पूरा कांच का बना था इसलिए सब कुछ दिख रहा था। मैडम ने पहले अपने बाल खोले तथा फ़िर हाथों से हिला-हिला कर सुखाने लगी। फिर उसने अपनी साड़ी उतार दी, वो सिर्फ ब्लाउज तथा पेटीकोट में थी। मैं हैरान था कि मादरचोद मेरे सामने ही नंगी हो क्यों रही है?
मेरा लंड फिर खड़ा हो गया था कि मैडम ने पीसी का मॉनीटर ऑन कर दिया तथा ब्लू फिल्म चालू ही थी। मैं डर गया कि मेरी नौकरी तो गई !
बबलू इधर आ ! यह सब करता रहता है तू यहाँ पर बैठ कर ? मैडम ने मुझे बुलाया। मैं डरा हुआ केबिन में पहुँचा, मैंने कहा- मैडम, प्लीज़ किसी को मत बताना जो आपने देखा !
वो कुछ नहीं बोली। मैंने फिर कहा- प्लीज़ सर को मत बताना, नहीं तो मेरी नौकरी चली जाएगी !
उसने कहा- तुझे लाज नहीं आती यह सब करते हुए?
मेरे पसीने छूट गये। तू ऐसा निकलेगा, मैंने सोचा भी नहीं था ! उसने मुझे आँखों से घूरा तथा बोली- तुम सारा दिन यही करते हो क्या?
मैंने फिर कहा- मैडम प्लीज !
वो बोली- चल बाहर जा ! मुझसे बात मत कर ! मैं तेरे साहब को बोल दूंगी कि यह यहाँ यह सब करता है !
मैंने बहुत मिन्नतें की मैडम की, परन्तु वो नहीं मानी !
मैं जैसे ही केबिन से बाहर निकलने के लिए मुड़ा- जाता कहाँ है ?
वो मेरे पास आकर खड़ी हो गई। मैंने फिर रोनी सूरत बना कर कहा- आप जो कहेंगी, मैं करूंगा !
वो बोली- यह रोकर किसको दिखा रहा है?
मैंने कहा “प्लीज़ मैडम, अब नहीं करूंगा !
वो बोली “क्यों नहीं करेगा ?
मैं यह सुनकर हैरान हो गया !
मैडम ने फिर कहा- चल पीसी के सामने बैठ ! मत रो ! मेरे राजा, मैं तो सिर्फ तुझे डरा रही थी !
फिर क्या था, मैं पीसी के सामने बैठ गया। असल में, क्योंकि मैं पहली बार मैडम नर्म रवैया देख रहा था, ब्लू फिल्म देख कर मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। उसके बाद मैडम ने कहा- मेरी साड़ी उठा तथा ऊपर अपने साहब के बेडरूम आ !
फिर मैडम ऊपर चली गई। ध्यान देने वाली बात है कि, मैंने साड़ी उठाई तथा ऊपर पहुँचा तो मुझे अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था !
किट्टी मैडम तो काली पैंटी तथा ब्रा में खड़ी थी !
उसने मुझे सेज पर बैठने को कहा !
मैंने साड़ी किनारे रख दी तथा सेज पर बैठ गया। तभी किट्टी मैडम मेरे पास आई तथा उसने अपनी एक टांग सेज पर रखी। फिर उसने मेरे गालों पर हाथ लगाया तथा बोली- बेटा बबलू, तू तो सच में डर गया ! चल अब शुरु हो जा ! मस्ती कर ! यही तो उमर है यह सब करने की !
मुझको ऐसी बातें सुन कर थोड़ा सुकून मिला। सच कहूं तो, उसने अपना हाथ मेरी ज़िप पर रखा तथा बोली- अरे मेरे राजा, तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है !
मैं उसके मुँह से लंड शब्द सुन हैरान रह गया। उसने कहा- चल अपनी पैंट उतार !
मैंने कहा- क्या मैडम?
वो बोली- सुनाई नहीं देता क्या, चल जल्दी कर !
मैंने अपनी पैंट उतार दी तथा उसने मेरा अंडआर्यनयर नीचे खींच कर लंड को हाथ लगाया, मेरा लंड पहले से ही खड़ा था ! उसने मेरे लंड की टोपी को अपने अंगूठे से स्पर्श किया तो मैं मस्त हो गया। वो बोली- तेरा लंड तो बहुत बड़ा है !
और देखते ही देखते मेरा पूरा खड़ा लण्ड उसने अपने मुँह में ले लिया तथा चूसने लगी। मुझे ऐसा अनुभव पहली बार हुआ, मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं स्वर्ग में हूँ !
मेरे लंड को चूसने के बाद वो खड़ी हो गई, उसने अपनी पैंटी तथा ब्रा दोनों उतार दी तथा मैंने भी हिम्मत कर अब उसके स्तन दबा दिये। उसकी मोटे दो गोरे बूब्स को दबाने लगा, उसकी चूचियां कड़ी हो गई तथा वो बोली- बबलू दबा ज़ोर से, आआआह्हह्हह ऊऊह्ह्हह्हह, मैं भी बहुत दिनों की प्यासी हूँ !
मैंने उसके मम्मे जमकर चूसे. वो सिसकियाँ ले रही थी तथा ऐसे में मैंने अपनी शर्ट भी उतार दी तथा अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो गये। मैंने उसकी चूत में उंगली डाल दी। असल में, वो सिसकार रही थी- आअह्हह्ह्हह बबलू आज तो मैं मर गई ! आज मेरी प्यास बुझा दो !
हम अब 69 की दशा में आ गये। उसने मेरा लंड फिर चूसना शुरु किया तथा मैं अपनी जीभ उसकी गर्म चूत पर रख कर उसे कुत्ते की तरह चाटने लगा!
उसने अब अजीब अंदाज़ में कहा- साले, कुत्ते ! अब मत तड़पा ! चोद दे मुझको ! फाड़ दे मेरी चूत ! मरी जा रही हूँ आज मैं !
ऐसा सुनकर मैंने भी बोला- चल साली ! रांड ! आ जा ! आज तेरी चूत फाड़ दूंगा !और मैंने उसे कुतिया बनाया, लंड का सुपारा उसकी चूत पर रख दिया तथा हल्का सा धक्का लगाया। आपको बता दूं कि, वो बोली- आअह्हह ऊऊह्ह ह्हहह ! साले ! पूरा डाल अपनी रंडी मैडम के अंदर !
मैंने ज़ोर से झटका दिया, बोला- ले साली रंडी ! अब पूरा सात इंच का !
मेरा लंड उसकी चूत में प्रवेश कर चुका था, वो बोल रही थी- आआअह्ह्ह ऊऊओह्ह्हह आऊऔऊऊउसह्हह मार डाला रे ! इतना दर्द तो सुहागरात को नहीं हुआ ! हरामी तेरा लौड़ा ही इतना बड़ा है !
ऐसे गालियाँ सुनकर मुझे जोश आया तथा मैं ज़ोर-जोर से उसको चोदता गया तथा वो मुझे गालियाँ दिये जा रही थी- साले कुत्ते, आअह्हह फाड़ दे!, आह्हह बबलू आआह्ह ऊऊऊह्ह्हह आज लगा दे सारा ज़ोर !
कमरे में चुदाई की ध्वनि तथा आआअह्ह ऊओह्हह्ह की ध्वनि से भर गई ! वो दीवाना हो गई मैं भी !
वो सीधी लेट गई तथा मैंने उसकी टांगें खोलकर उसकी फिर से चुदाई शुरु कर दी। वो मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने लगी, उसने मेरी पीठ को खरोंच डाली तथा बोली- साले आज फाड़ देगा क्या ? चल ज़ोर लगा आह्हह्हऽऽ
मैं अपनी पूरी रफ़्तार के साथ धक्के लगा रहा था कि तभी किट्टी मैडम ने कहा- मैं झड़ने वाली हूँ ! जो करना है जल्दी करो !
मैंने अपना लंड मैडम की चूत में से निकाल कर उसे घोड़ी बना दिया तथा उसकी लाल-लाल गांड को पकड़कर डाल दिया। असल में, मेरा लंड आधा ही अन्दर गया था कि मैडम ने कहा- तुम्हारा लंड बहुत मोटा है, इतनी जल्दी अन्दर नहीं जाएगा !
फिर मैंने अपना लंड निकाला, लंड पर थूक लगाया तथा किट्टी मैडम की गांड में भी ! फिर उसकी गांड को पकड़ा तथा लंड को उसकी गांड के छेद पर रखा तथा एक लम्बी सांस लेकर पूरी ताकत के साथ अन्दर पेल दिया। मैडम चिल्लाने लगी- लवडे, मेरी गांड फट गई आह्ह्ह !
उसकी गांड में बहुत गर्मी थी ! मैं अंधा-धुंध धक्के पे धक्के मार रहा था। अब तो किट्टी मैडम को भी आनंद आ रहा था, वो अपनी गांड को आगे-पीछे करने लगी- ले कितना मरेगा ? ले…… ले…. तथा ले आह्ह्ह्ह !
इससे मेरा आनंद दुगुना हो गया था, आज मेरी तमन्ना पूरी हो रही थी !
तभी किट्टी ने कहा- आज तक मेरी गांड को इतना आनंद किसी ने नहीं दिया ! साले तेरा लंड है या मूसल?
थोड़ी देर के बाद लगा कि मैं अब झड़ जाउगा, मैंने किट्टी से पूछा- मैं अपना पानी कहाँ गिराऊँ?
तो मैडम ने कहा- इतने कीमती लंड का पानी तो तू मेरी चूत में डालना !
मैंने अपना लंड किट्टी मैडम की गांड निकाला तथा मैडम को लिटा के दोनों टाँगें फैला दी तथा मैं उसके ऊपर आ गया। फिर मैडम की चूत में अपना लंड डाल कर पूरी रफ्तार में चोदने लगा। मैडम अपने दोनों हाथों से मुझे पकड़कर अपनी चूत को नीचे से उठा-उठा कर आनंद ले रही थी। मैडम ने कहा- बबलू पूरी ताकत लगा दे….. मैं अब झड़ने वाली हूँ !
वो मुझे इतना कस कर पकड़े थी कि उसके नाख़ून मेरी पीठ में चुभ रहे थे। जैसे ही उसने अपना पानी छोड़ा, मेरा भी वीर्य आ गया तथा मैं आनन्द से भर गया !
और सारा वीर्य उसकी चूत में ही छोड़ दिया तथा अब हम दोनों शान्त हो गए !
उसने मेरे माथे पर चूमा तथा बोली- तेरे लंड में जादू है, तू मुझे रोज़ चोदा कर ! जब भी मौक़ा मिले, तू घर आ जाना ! हम दोनों खूब आनंद करेंगे !
उसके बाद जब भी सर (राजेश) बाहर जाते, हमारा कार्यक्रम शुरू हो जाता !
दोस्तो कैसी लगी यह हकीकत ?
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