बाजु वाले के बीवी मेरी रखैल
मेरा नाम सरफ़राज़ है तथा मैं मुम्बई में रहता हूं ये मेरी रियल सेक्स स्टोरी है जब मैं कुछ १८ या १९ साल का था मेरे बाजु में युवक रहता था तथा उस का नाम इसमाइल था तथा उसकी शादी हो गई तथा वो वस्त्र व्यापार करता था इसलिये वो हफ़्ते में एक दो बार आउट ऑफ़ मुंबई जाता था तथा उसकी बीवी काफी सेक्सी लगती थी। मैं उसकी बीवी के पास पढ़ाई करने जाता था, एक रोज मैने पढ़ाई करने के लिये उसके घर गया उसका दरवाजा बंद था मैं ने दरवाजा ठोका परन्तु दरवाजा नहीं खुला। मैं ने तथा जोरसे ठोका तो उसने बोला सरफ़राज़ रुको मैं आ रही हूं मैं थोड़ी देर रुका तथा उसने दरवाजा खोला, मैं फिर अंदर चला गया तथा उसका पति आउट ऑफ़ मुंबई गया हुआ था तो मैं ने बोला आंटी भाई कहा गये हैं तो आंटी ने बूला आउट ऑफ़ मुंबई तुम को क्या करना है मैं ने कहा कुछ नहीं उसने मुझको डांटा तथा बोला बेग खोलो तथा पढ़ो मैने चुपचाप बेग खोलके पढ़ने लगा उसने कहा रुको मैं फ़्रेश हो कर आती हूं
और वो बाथरूम में चली गई तथा फ़्रेश होने लगी जब मुझको सेक्स के बारे में कुछ नहीं मालुम था तथा वो फ़्रेश होते होते कहा सरफ़राज़ टेबल पर मेरे कुछ वस्त्र हैं वो ला दो मैं उठा तथा वस्त्र उठाया तथा ले गया तो उसने बोला अंदर आके मुझको दे दो मैं ने कहा नहीं आंटी यहां से ले लो आंटी ने कहा के मैं नहीं शर्मा रही हूं तो तुम क्यों शर्मा रहे हो मैं ने अंदर जाकर उसके वस्त्र दे दिये तो उसने कहा के मेरे पीठ पर साबुन मल दो मैं ने साबुन लिया तथा मलने लगा तथा वो पूरी नंगी थी। मुझसे उसने कहा के तुम इसका मतलब जानते हो मैं ने कहा किस का उसने अपने बूब्स पकड़ के कहा के इसका, मैं ने कहा नहीं तो उसने कहा के तुम सेक्स का मतलब जानते हो मैं ने कहा नहीं तो उसने कहा के आज मैं तुम को सेक्स के बारे में पढ़ाउंगी मैं ने कहा वो क्या होता है तो उसने कहा अभी जान जाओगे तथा मेरे सारे वस्त्र उतारने को कहा मैं ने कहा नहीं उसने मुझको एक चांटा मारा कहा के मैं बोल रही हूं न तुम को सेक्स कर न सीखना है या नहीं तो मैं ने कहा हां सीखना है तो उसने मेरे सारे वस्त्र उतार दिये तथा मुझसे कहा के मेरे बूब्स दबाओ मैं ने दबाना शुरु किया तो वो बोली आप मेरे पैंटी उतारो मैं ने उतार दिया तथा उसकी चूत देखता रह गया तथा बोला ये क्या है तथा मेरा लंड नाचने लगा आंटी ने कहा के देखा तुम्हारा बाम्बो कितना बड़ा हो गया है तो मैं ने बोला आब इसका क्या करोगी आंटी ने कहा मेरे मुख में डाल दो मैं ने उसके मुख में डाला तथा आंटी चूसने लगी मुझको अजीब सा महसूस हुआ तथा मेरा लंड तन गया अब मुझको जोश चढ़ रहा था आंटी ने कहा इस पर साबुन लगा दो तथा मेरी चूत पर भी मैं ने लगाना शुरु किया आंटी ने कहा कि मेरी चूत में डाल दो मैं काफी कोशिश की परन्तु मेरा लंड उसकी चूत में नहीं गया फिर आंटी बोली के रुक जा फिर आंटी गई। आपको बता दूं कि, फिर मस्का ले कर आई थोड़ा सा मेरे लंड पर लगाया तथा थोड़ा सा अपनी चूत में डाल दिया फिर मैं ने कहा आंटी अब क्या करुं तो आंटी ने कहा मेरे चूत पर अपना लंड रख तथा जोर से धक्का दे दे तो वैसा ही किया तो मेरा लंड उसकी चूत में थोड़ा सा घुस गया आंटी ने कहा एक तथा धक्का लगा तो आंटी जोर से चिल्लाई तो मैं डर गया तथा कहा कि सोरी आंटी ने मेरे बाल पकड़ कर कहा तु अब नहीं जायेगा तथा आंटी मुझसे चुदाने लग गई थी फिर मुझको अजीब सा महसूस हुआ तो मैं ने आंटी को कहा की आंटी मुझको कुछ हो रहा है तो आंटी ने कहा तेरा लंड निकाल दे तथा मैने निकाला तथा उसने कहा के मेरे मुख में डाल दे मैं ने बोला था थोड़ी देर में मेरे लंड में से कुछ निकला तो मैं ने कहा कि ये क्या है तो आंटी ने कहा के ये तेरे लंड का शहद है फिर मेरा लंड छोटा हो गया था तो आंटी ने कहा कि अब तुम सेक्स के बारे में सीख गये हो तो मैं ने कहा हां तो फिर रात को आना गांड मारना सीखना मैं ने कहा ठीक है आंटी फिर मैं घर चला गया अब मैं हफ़्ते में एक दो बार उसको चोदता हूं तथा वो भी मुझसे चुदवाती है! अब दोस्तो मैं अपनी दूसरी रियल स्टोरी जल्द ही बताउंगा के आंटी की बहन के बारे में बाय बाय। What did you think of this story