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एक अनसुनी दास्तान: मेरी बहन की चुदाई

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प्रेषक : आकाश वर्मा हैलो फ्रेंड्स, आज मैं आपको अपनी सेक्स स्टोरी यानि यौन कथा बताने जा रहा हूँ। यह गाथा मेरी बहन की है। मेरी बहन का नाम रेखा है। आपको बता दूं कि, अगर कोई भी उस को देख ले तो उस का मन उस को चोदने को अवश्य करेगा। सबसे पहले मैं रेखा क बारे में बता दूँ। उस का रंग बहुत गोरा है। रेखा की उमर 25 साल है। और चूचियों का साइज़ 36 है, उस की चूचियाँ बहुत बड़ीं हैं, ऐसा लगता है कि सूट में से बाहर आ जायेंगीं। और कमर तो इतनी सेक्सी है कि क्या बोलूँ ! मेरी बहन ज़्यादातर सलवार सूट पहनती है। ध्यान देने वाली बात है कि, पहले मेरे मन में रेखा के बारे में कभी ऐसा ख्याल नहीं आया। ध्यान देने वाली बात है कि, पर एक रोज क्या हुआ कि मेरी बहन कपड़े धो रही थी। उस ने मुझे बोला- आकाश मेरे रूम से धोने के कपड़े लाकर दे दो। मैं जब रेखा के कपड़े लेने गया, तो उसके सब कपड़ों के नीचे उसकी सब ब्रा और पैन्टी पड़ी हुई थीं। मेरा लंड तो उनको देख कर ही खड़ा हो गया। सच कहूं तो, मैं रेखा के कपड़े उसको बाथरूम में देने चला गया और मैंने देखा कि वो कपड़े धो रही है, उसको देख कर दंग रह गया। उस वक़्त रेखा ने सफ़ेद रंग का कुर्ता पहन रखा था और काले रंग की ब्रा पहन रखी थी। उस का कुर्ता जल से भीगा हुआ था और उस की ब्रा साफ़-साफ़ दिख रही थी। उसने मुझे बोला कि मैं उसकी मदद कर दूँ और मैं तैयार हो गया। असल में, उसकी चूचियों देखने का यह तो बहुत ही बढ़िया मौका था। जब भी बैठ कर कपड़े धोने के लिए उनको ब्रश से रगड़ती तो उसकी चूचियाँ बाहर आने को मचलतीं। मेरा दिल कर रहा था कि उसको अभी चोद दूँ। फिर उसने मुझे बोला कि वो अभी और कपड़े ले कर आती है। वो अपने कमरे में चली गई। जब वापिस आई तो क्या बताऊँ कि उसने अपनी ब्रा उतार कर सिर्फ सफेद रंग का कुर्ता पहन कर आ गई और बोली- आज सब कपड़े धोने हैं। उसका कुर्ता जल से भीगा हुआ था और उसकी चूचियाँ साफ़-साफ़ मेरी नज़रों के सामने थीं। यकीन मानिए, उसका रंग साफ़ होने के कारण उसके चूचुक गुलाबी रंग के थे। मेरा दिल कर रहा था कि अभी उनको चूस लूँ। पता नहीं क्यों बार-बार वो अपनी चूचियों को मुझे दिखा रही थी। यह सब देख कर तो मेरा लंड खड़ा हो गया। और चूंकि मैंने अंडआर्यनयर नहीं पहना था, इसलिए रेखा की नज़र मेरे लंड पर पड़ गई। सच कहूं तो, वो उसे देख कर धीरे से हँस पड़ी और बोली- अगर तुम थक गए हो तो जा सकते हो। असल में, पर मेरा मन जाने को नहीं कर रहा था, मैंने बोला- नहीं मैं यहीं रहूँगा। तभी मुझे पता नहीं क्या हुआ और मैंने रेखा को बोला- रेखा तुम्हें पता है कि तुम बहुत सुंदर और सेक्सी हो। मैं बहुत डर भी रहा था पर रेखा ने बोला- एक लड़की को सुंदर और सेक्सी होना बहुत आवश्यक है। उसने मुझसे पूछा- आज तुमने ऐसा क्या देख लिया? जो आज तारीफ़ कर रहा है? और हँस दी। फिर मुझे लगा कि वो मुझसे खेल खेल रही है। मैंने भी बोल दिया- तुम्हारी चूचियाँ बहुत सेक्सी हैं। असल में, रेखा ने मेरी तरफ़ देखा और मैं डर गया। वो फिर हँस पड़ी और बोली- क्या ख़ास बात है इनमें? मुझे लगा के उसके मन में भी वासना है। मैंने हिम्मत करके उस के कुर्ते के ऊपर से ही उसकी चूचियों को हाथ लगा दिया। वो चिहुँक उठी और बोली- नहीं, यह सब ठीक नहीं है। आपको बता दूं कि, मैंने कहा- फिर तुम मुझसे ऐसी बात क्यों कर रही हो? तो बोली- तू मुझसे बात कुछ भी कर ले पर और कुछ नहीं। यह सुन कर मैं अपने कमरे में चला गया। कुछ ही देर में मेरे कमरे में रेखा आ गई और हँस कर बोली- क्या मेरा साहिल नाराज़ हो गया है? मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या बोलूँ? तभी मेरी बहन ने मेरे सामने अपनी सलवार खोल दी। मैं देख कर दंग रह गया कि मेरी बहन मेरे सामने सिर कुर्ता पहन कर खड़ी थी। रेखा ने बोला- मैं भी तेरा लंड देखना चाहती हूँ पर सेक्स नहीं करूँगी और ऊपर से जो करना है कर ले। इतना सुनते ही मैंने उसको चूमना शुरू कर दिया। मैंने रेखा का कुर्ता उतार दिया और उसकी चूचियों को अपने हाथों में भर कर उसके चूचुकों को चूसने लगा। यकीन मानिए, उसको सेज पर लेटा कर उसकी चूत को अपनी ऊँगली से कुरेद कर देखा। उसकी चूत जल छोड़ रही थी। सच कहूं तो, मैंने अपनी जीभ लगा दी, उसकी फुद्दी को चाटने लगा। सच कहूं तो, रेखा ज़ोर-ज़ोर से सिसकियाँ लेने लगी। मैंने 69 की पोजीशन में आकर अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया। फिर उसको सीधा लिटा कर उस की चूचियों चूसने लगा, उसकी फुद्दी पर अपना लंड रगड़ने लगा। वो ज़ोर-ज़ोर से बोलने लगी- साहिल अपना लंड मेरी चूत में डाल दे ! जब रेखा ने ऐसा बोला तो मैंने अपना पूरा लंड उसोकी चूत में घुसेड़ दिया और दर्द से उसकी चीख निकल गई- आई ईई ईईई मार र दी या या आ ह। ध्यान देने वाली बात है कि, मैं रुक कर उसको चूमने लगा और कुछ देर बाद जब वो शाँत हुई तो फिर मैंने ज़ोर-ज़ोर से चोदना चालू किया। उसकी आवाज़ मैं कभी नहीं भूल सकता। “आहह आहह आहह धीरे-धीरे करो साहिल दर्द हो रहा है। ” पर उस रोज मुझे पता नहीं क्या हुआ था। लगभग 20 मिनट तक मैंने अपनी बहन रेखा को चोदा। ध्यान देने वाली बात है कि, उस रोज हमने तीन बार चुदाई की और उसकी बुर से बहुत खून निकला। बाद में उससे चलते भी नहीं बन रहा था। असल में, अब जब भी मौका मिलता है मैं रेखा को बहुत चोदता हूँ और हम दोनों ही बहुत खुश हैं। यकीन मानिए, मुझे आशा है कि आप सबको मेरी बहन की चुदाई की कहानी बहुत पसंद आएगी। फिर मिलेंगे। आपको बता दूं कि, What did you think of this story