Mindblown: a blog about philosophy.

  • बंद केबिन में बुझी हवस: ऑफिस में चोरी छिपे इश्क की दास्तान

    उस दिन ऑफिस की शांत दीवारों के पीछे एक ऐसी आग सुलग रही थी, जिसकी तपिश में दो जिस्मों का पिघलना तय था। राहुल, तीस साल का एक सफल बॉस, और प्रिया, उसकी नई, आकर्षक सेक्रेटरी, देर शाम तक एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। एयर कंडीशनर की ठंडी हवा भी उनके बीच सुलग…

  • बंद केबिन, सुलगे जिस्म: ऑफिस में चोरी छिपे इश्क की दास्तान

    उसकी साड़ी का पल्लू सरकते ही, राहुल की नज़रें प्रिया की गोरी कमर पर ठहर गईं, और कमरे का तापमान अचानक कई डिग्री बढ़ गया। रात के दस बज चुके थे, और ऑफिस में सन्नाटा पसरा था। सिर्फ़ हम दोनों, और हमारे बीच सुलग रही वो ख़ामोश आग। प्रिया, अपनी नई असाइनमेंट पर झुकी हुई…

  • संगीन रातें: बॉस के केबिन में प्रिया की हवस भरी दास्तान

    आज प्रिया की धड़कनें कुछ ज्यादा ही तेज थीं, क्योंकि आज ऑफिस में उसे रोहन सर के साथ अकेले रुकना था। बाहर घुप अंधेरा था और ऑफिस के सारे कर्मचारी जा चुके थे। सिर्फ वही दोनों थे, एक प्रोजेक्ट पर काम करने का बहाना लिए रोहन के निजी केबिन में। प्रिया ने अपनी साड़ी का…

  • बॉस की हवस, जूनियर की प्यास: ऑफिस में चोरी छिपे इश्क की दास्तान

    आज रात बॉस की नज़रें काम पर नहीं, मेरे जिस्म पर टिकी थीं। रात के दस बज चुके थे, और ऑफिस की विशाल इमारत में सिर्फ़ मैं और अर्जुन सर बचे थे। हर खिड़की से शहर की जगमगाती रोशनी झाँक रही थी, पर हमारे अंदर एक अलग ही आग सुलग रही थी। रीना, मेरा नाम…

  • केबिन की काली रात: ऑफिस में चोरी छिपे इश्क की दास्तान

    आज रात ऑफिस की खामोशी में कुछ और ही धुन बज रही थी। हवा में एक अजीब सी उत्तेजना घुली हुई थी, जिसे राहुल और प्रिया दोनों महसूस कर रहे थे। प्रिया देर रात तक अपने प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी, उसकी साड़ी की पल्लू कंधे से फिसलकर कभी-कभी उसके भरे वक्ष पर टिक…

  • निजी केबिन में खुलते राज़: ऑफिस की चोरी छिपे मोहब्बत

    उसकी निगाहों ने जब-जब मेरी झुकी हुई गर्दन पर पड़ी पसीने की बूंदों को छुआ, मेरे अंदर एक अजीब सी सिहरन दौड़ गई। प्रिया अपने कंप्यूटर पर देर रात तक काम कर रही थी, जब मैनेजर रोहन उसके पास आया। “अभी तक यहीं हो, प्रिया? काम खत्म नहीं हुआ क्या?” उसकी आवाज़ में चिंता कम,…

  • दफ्तर की दीवारें और वासना के पल: एक चोरी छिपे इश्क की दास्तान

    आज ऑफिस की खामोशी में, मीरा की धड़कनें कुछ ज्यादा ही शोर कर रही थीं। देर रात का सन्नाटा, एसी की धीमी गड़गड़ाहट और केवल दो लोगों की मौजूदगी – मीरा और उसके बॉस, रोहन। यह केवल काम की थकान नहीं थी, बल्कि रोहन और मीरा के बीच पनपती एक नई, वर्जित कहानी की शुरुआत…

  • दफ्तर की बंद दीवारों में, हवस की चोरी छिपे सरगोशियाँ

    उसकी हर नज़र, हर मुस्कान प्रिया के जिस्म में एक धीमी आग सुलगा देती थी, एक ऐसी आग जिससे वह अंजान नहीं रहना चाहती थी। राज, उसका सीनियर मैनेजर, दफ्तर में एक कड़क मिजाज बॉस के रूप में जाना जाता था, पर प्रिया के लिए वह एक ऐसी हसरत था जो उसकी रातों की नींद…

  • ऑफिस के बंद दरवाज़ों के पीछे: वासना का वो बेखौफ खेल

    उसकी साड़ी का पल्लू जब मेरे हाथ से टकराया, मेरे रूह में एक सिहरन दौड़ गई। प्रिया, नई भर्ती, अपनी मासूमियत और शरारती आँखों से सबकी नज़र में थी, पर मेरी नज़र में कुछ और ही था। देर शाम थी, ऑफिस लगभग खाली हो चुका था। सर्वर रूम में कुछ काम था, और मैं (रोहन)…