Mindblown: a blog about philosophy.
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ऑफिस की दीवारें लांघता बेकाबू इश्क: प्रिया और रोहन की मदहोश रात
आज प्रिया की निगाहें रह-रहकर रोहन पर जा टिक रही थीं, और यह सिर्फ़ किसी प्रोजेक्ट की डेडलाइन का तनाव नहीं था। आज कुछ और था, कुछ अनकहा, अनचाहा… फिर भी बेहद मोहक। रोहन की मस्कुलर काया, उसकी मंद मुस्कान और वो उसकी आंखों में गहरे बसे शरारती भाव, प्रिया को भीतर तक मथ रहे…
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बंद ऑफिस में कलीग के साथ बेकाबू प्यार की आग
सीमा की उंगलियाँ जब राहुल की बांह से सहसा छू गईं, तो एक बिजली सी उसके पूरे बदन में दौड़ गई। शाम के सात बज चुके थे और ऑफिस खाली हो रहा था। सिर्फ वे दोनों एक ज़रूरी प्रोजेक्ट पर देर तक रुके थे। हवा में एक अजीब सी उत्तेजना घुली थी, जो सिर्फ काम…
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ऑफिस कलीग के साथ बेकाबू प्यार: वासना की दहकती रात
दफ्तर की ठंडी एसी हवा में भी राहुल और प्रिया के बीच की गर्मी साफ महसूस की जा सकती थी। रात काफी हो चुकी थी, सहकर्मी जा चुके थे, और बस वे दोनों ही थे, फाइलों के ढेर के पीछे एक-दूसरे की आँखों में झाँकते हुए। “आज काम खत्म नहीं होगा लगता है, प्रिया,” राहुल…
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वर्जित वासना: ऑफिस कलीग के साथ बेकाबू प्यार की हदें पार
आज राहुल की उंगलियाँ जब गलती से सीमा की कमर पर छुईं, तो सिर्फ़ एक झनझनाहट नहीं, बल्कि सदियों से दबी एक आग भड़क उठी। मीटिंग हॉल में भले ही दर्जनों आँखें मौजूद थीं, पर उन दोनों की दुनिया उस पल सिर्फ़ एक स्पर्श में सिमट गई थी। सीमा, जो हमेशा अपने काम में डूबी…
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अनजान बाहों में पिघलती रात: एक उत्तेजक मुलाकात
उस रात रीना को नींद नहीं आ रही थी, उसकी देह कुछ और ही चाह रही थी। सावन की झमाझम बारिश बाहर सब कुछ धो रही थी, पर रीना के अंदर एक अजीब सी बेचैनी थी, एक अनकही प्यास। गाँव में बिजली गुल थी और अँधेरे ने माहौल को और भी रहस्यमयी बना दिया था।…
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अनजान शख्स का वो कामुक स्पर्श: एक तूफानी रात की बेकाबू हवस
उस बारिश वाली रात, प्रिया के अंदर कुछ ऐसा धधक रहा था जो उसने पहले कभी महसूस नहीं किया था। बाहर बिजली कड़क रही थी, हवा सनसना रही थी और उसके एकाकीपन को और गहरा कर रही थी। शहर की बत्तियाँ कब की गुल हो चुकी थीं और पूरा इलाका अँधेरे में डूबा था, सिवाय…
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अनजान शख्स से रोमांटिक मुलाकात: हवस की आग में तपती वो रात
उसकी प्यासी आँखें आज कुछ नया तलाश रही थीं, कुछ ऐसा जो उसकी आत्मा तक को झकझोर दे। रात गहरी हो चुकी थी और शहर के पॉश लाउंज में रिया की नज़रें एक अंजान शख्स पर जा टिकीं। विक्रम, जिसकी मस्कुलर देह और तीव्र आँखें किसी को भी दीवाना बना सकती थीं, उसी कोने में…
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एक अनजान शख्स से रोमांटिक मुलाकात: बदन की हरारत और अनकही चाहत
आज की रात सपना के जिस्म में कुछ अजीब सी बेचैनी थी, एक अनकही प्यास जो उसे अंदर से जला रही थी। गांव के मेले से लौटते हुए हल्की बारिश और ठंडक ने उसके बदन में एक सिहरन पैदा कर दी थी, पर यह सिहरन सिर्फ मौसम की नहीं थी। उसके भीतर कुछ और ही…
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अनजान शख्स से रोमांटिक मुलाकात: जिस्मों की आग, रूहों का मिलन
उसकी साड़ी का पल्लू सरक कर जब छातियों से हटा, तो हवा में भी एक अजीब सी गरमाहट घुल गई। सरिता अपने फ्लैट की बालकनी में खड़ी थी, मुंबई की उमस भरी रात और ऊपर से लाइट का जाना, उसे और भी बेचैन कर रहा था। उसकी आँखें सड़क पर कुछ ढूँढ रही थीं, शायद…