Tag: antarvasna stories
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अकेली लड़की का रात का सफर: अँधेरी रात में देह का मिलन
गाँव की सूनी पगडंडी पर रोशनी के कदम लड़खड़ा रहे थे, हर आहट पर दिल एक अंजानी धड़कन के साथ उछल रहा था। आस-पास घना अँधेरा और नीम के पेड़ों से आती ठंडी हवा उसके खुले बदन को छूकर एक सिहरन पैदा कर रही थी। आज अकेली लड़की का रात का सफर कुछ ज़्यादा ही…
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अकेली लड़की का रात का सफर: देह की प्यास, रूह का मिलन
रीना की साँसें तेज़ हो रही थीं, जब आधी रात को उसने अपने बदन में एक अजीब सी तड़प महसूस की। कमरे की घुटन और बिस्तर की खामोशी उसे काटने को दौड़ रही थी। उसकी आँखें बंद करते ही विजय का चेहरा उभर आता, उसके मज़बूत हाथ, उसकी गरम साँसें, और उसके अधरों की वो…
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Story 725
उसकी नजरों में जब से मैंने खुद को देखा था, मेरी बंजर देह में एक नई आग सी लग गई थी। रवि से शादी के बाद, मेरा मन हमेशा एक अनजाने सूनेपन से घिरा रहता था। वो अपना काम, अपने दोस्त… और मैं, इस बड़े से घर की खाली दीवारों के साथ अकेली। फिर आया…
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Story 595
जब राहुल ने कमरे का दरवाज़ा खोला, तो सामने बैठी प्रिया को देख उसकी साँसें थम गईं – वो सिर्फ दुल्हन नहीं, बल्कि एक अधखुला रहस्य थी। लाल जोड़े में सजी, घूँघट के पीछे से झाँकती उसकी आँखें, किसी झील की गहराई सी शांत थीं, पर उनमें एक अनकही प्यास तैर रही थी। राहुल ने…
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Story 559
आज रात रीना की देह में आग लगी थी, एक ऐसी आग जिसे सिर्फ विक्रम ही बुझा सकते थे। उसने अपनी पतली, रेशमी रात की पोशाक में खुद को आईने में देखा। उसके स्तन का उभार कपड़े से साफ झलक रहा था, और उसकी नाभि की गहराई एक रहस्यमयी बुलावा थी। उसकी आँखें चमक रही…
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रात के सन्नाटे में
रात के सन्नाटे में, जब शहर की धड़कनें भी धीमी पड़ जाती थीं, प्रिया के होठों की मदहोश कर देने वाली गर्माहट ने राहुल को झकझोर दिया। उनका छोटा-सा बेडरूम आज फिर किसी गुप्त स्वर्ग-धाम सा महसूस हो रहा था, जहाँ सिर्फ उनकी साँसें और धड़कनें गूँजती थीं। प्रिया ने राहुल की कमीज़ के बटन…
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रीना देवी
रीना देवी की खिड़की से झाँकती धूप आज कुछ ज़्यादा ही शरारती लग रही थी, मानो बरसों से दबी किसी चाहत को हवा दे रही हो। चालीस की दहलीज पार कर चुकी रीना को लगा, जैसे आज उसके भीतर कुछ नया जाग रहा है। उसका शरीर, जो वर्षों से एकरसता में ढला था, अचानक किसी…
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शादीशुदा औरत का पराये मर्द से गरमा गरम रिश्ता: रीना की बेकाबू रात
उसकी प्यासी निगाहें आज फिर गली के उस मोड़ पर टिकी थीं, जहाँ से अर्जुन का रोज़ निकलना होता था। रीना, जिसकी शादी को पाँच साल हो चुके थे, भीतर से एक गहरे सूनेपन का शिकार थी। उसका पति रवि, बिज़नेस के चक्कर में या तो बाहर रहता या घर पर भी सिर्फ अपने फोन…
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देवर भाभी का चोरी छिपे प्यार: गरमा गरम रातें
उस रात, जब सूरज ढल चुका था और गाँव में सन्नाटा पसर रहा था, सुमन भाभी की देह में एक अजीब-सी सिहरन दौड़ रही थी। उनका पति सुरेश अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहता था, और आज भी वह दूर शहर गया हुआ था। घर में केवल सुमन और उनका देवर रोहन थे। रोहन,…