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जुड़वां बहन के संग हनीमून सेक्स- 5

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गांड सेक्स कहानी में मेरी बहन मेरे लंड से अपनी बुर की सील तुड़वा चुकी थी. परन्तु उसकी गांड मारने का ख्याल भी मेरे मन में नहीं था. उसने कैसे अपनी गांड अपने भाई से मरवाई? फ्रेंड्स, मैं शौर्य अपनी भाई बहन की सेक्स कहानी में आपके लंड चुत गर्म करने के लिए एक बार पुनः हाजिर हूँ. इस कहानी के पिछले भाग बहन की कुंवारी चूत में लंड पेला में आपने पढ़ा था कि रश्मि और मैं एक दूसरे के प्रति अत्यधिक आकर्षित हो गए, जिसके चलते मैंने रश्मि की योनि का भोग कर लिया था. पर मेरे लिंग को अपनी योनि में लेने के बाद भी रश्मि का हनीमून सिर्फ 85% ही पूरा हुआ. मेरे पूछने पर रश्मि ने बताया कि तुम्हें सब कुछ अभी जानने को नहीं मिलेगा, सुबह बचा हुआ 15% क्या है, इसके बारे में जानने को मिलेगा. उसे उस वक्त आनन्द लेने का मन था बस. रश्मि ने मेरे होंठों को अच्छे से चूमा और मेरे आलिंगन में आकर सो गयी. मुझे सुबह का इंतजार था ताकि जान सकूँ कि क्या 15% बचा है. अब आगे गांड सेक्स कहानी: मैं भी अपनी जुड़वां बहन रश्मि को अपनी बांहों में लेकर सुकून से सो गया. सुबह रश्मि की मीठी सी आवाज़ सुन कर मेरी नींद टूटी. आज रश्मि का मुझे उठाने का अंदाज़ काफी अलग था. वह सेज पर मेरे बगल में बैठ कर मेरे चेहरे को चूम चूम कर मुझे उठा रही थी. उसके गीले बाल मेरे चेहरे पर गिर रहे थे जिससे मुझे एक सुकून और ठंडक मिल रही थी. रश्मि एक शर्ट और हाफ पैंट पहनी हुई थी और मेरे चेहरे को चूमे जा रही थी. रश्मि- अब उठ भी जाओ, नहीं तो होटल में नाश्ता बंद हो जाएगा! मैंने रश्मि को अपनी ओर खींच कर अपने सीने से लगा लिया और उसे वापस चूमने लगा. मैं- अब तो बता दो 15% क्या बचा है? रश्मि ने मेरे लंड को हल्का सा सहलाया और मुझे प्यार से देखने लगी. रश्मि- बताती हूँ, पहले फ्रेश होकर नाश्ता तो कर ले. आज फिर चेक आउट भी करना है न होटल से! चेक आउट का सुन कर मैं थोड़ा सा उदास हो गया. रश्मि- अरे उदास मत हो. हम कौन सा बिछड़ रहे. हम तो हमेशा साथ हैं और रहेंगे. जल्दी से फ्रेश होकर आ जाओ … चलते है नीचे! रश्मि ने मुझे गले लगा कर एक बड़ा सा चुम्बन दिया. फिर मैं बाथरूम जाकर फ्रेश हुआ और उसके बाद हम दोनों सीधे नीचे नाश्ता करने चल दिए. आज हमें किसी रिसेप्शनिस्ट का डर नहीं था क्योंकि अब हम मन से एक दूसरे को पति पत्नी मान चुके थे. हम नाश्ता करके वापस अपने कमरे में आ गए. मैं- चल यार, मैं नहा कर आता हूँ, उसके बाद सामान पैक करते हैं. रश्मि शरारती अंदाज़ में बोली- अकेले ही नहाओगे क्या? मेरा 15% पूरा नहीं करोगे? मुझे समझते देर न लगी कि रश्मि का 15% क्या बचा है. मैंने झट से उसे गोद में उठाया और बाथरूम की ओर चल दिया. रश्मि- कपड़ों के साथ बाथरूम चलोगे तो कपड़े गीले हो जाएंगे. पहले कपड़े तो उतार लो! मैंने रश्मि को नीचे उतारना चाहा तो उसने इशारा किया कि मैं उसे सेज पर लिटा दूँ. फिर उसने मुझे भी अपने बगल लेटने को कहा. मेरे लेटते ही रश्मि ने अपनी शर्ट के बटन बटन खोले और अपने स्तनों को मेरे मुँह के पास ले आयी. रश्मि मादक आवाज़ में बोली- इन्हें चूसो! मैं रश्मि के स्तन और निप्पलों … दोनों को बारी बारी से लॉलीपॉप की तरह चूसने लगा. उफ्फ् … क्या रसभरे आमों का सा स्वाद था. मैंने उसके दोनों स्तनों को चूस चूस कर लाल कर दिया. रश्मि ने भी आंहें भरते हुए सिसकारियां मारनी शुरू कर दीं. रश्मि ने फिर मुझे बॉडी क्रीम दिया- इस क्रीम को लगा कर मेरी अच्छे से मसाज करो. मैंने क्रीम लेकर रश्मि के पूरे बदन पर लगा कर अच्छे से मसाज शुरू कर दी. जहां जहां क्रीम लगाता, वहां वहां मैं रश्मि को चूसता भी जाता. रश्मि उत्तेजित होकर और तेज़ तेज़ आह भरने लगी. उसकी आंखों की मादकता और सिसकारियां मेरे लंड की कठोरता को बढ़ाती जा रही थी. फिर मैंने रश्मि की पैंट उतार दी और उसकी चुत की मसाज करने को तैयार हुआ. पर रश्मि औंधी होकर अपने घुटनों के सहारे लेट गयी. रश्मि- अभी आगे नहीं … पहले पीछे मसाज करो. मैंने रश्मि के कूल्हों पर क्रीम लगा कर मसाज करना शुरू किया और फिर अपने होंठों से उसके दोनों कूल्हे चूसने लगा. रश्मि अपने होंठ दबा कर उफ़ उफ़ करने लगी. उसने अपनी वही क्रीम लेकर अपनी गांड की मसाज करने का कहा. फिर मैंने क्रीम लेकर रश्मि की गुदा पर लगाना शुरू किया और गुदा की मालिश शुरू कर दी. रश्मि को अपनी गुदा की मालिश करवाने में शायद काफी ही आनन्द आ रहा था. वह नैन बंद करके इसका आनन्द उठा रही थी. थोड़ी देर मालिश के बाद मैंने उसके दोनों कूल्हों को फैलाया और अपनी पूरी जीभ गुदा में घुसा कर उसकी गांड को चाटने लगा. रश्मि मेरी इस हरकत से एकदम से कसमसा कर रह गयी. उसने सेज की चादर कसके पकड़ ली और अपने कूल्हे हिला हिला कर गांड चुसाई का आनंद लेने लगी. मैं काफी देर तक रश्मि की गांड को चूसता और चाटता रहा. रश्मि- अब तुम लेट जाओ, मैं तुम्हारे ऊपर आती हूँ. उसने मेरे ऊपर आकर मेरा पायजामा उतार दिया और मेरे लौड़े पर क्रीम लगा के उसकी मालिश शुरू कर दी. फिर उसने अपने दोनों कूल्हों को फैलाया और वह धीरे धीरे अपनी गांड मेरे लौड़े पर रगड़ने लगी. आआ ह्ह्ह … बता नहीं सकता कि कितना मधुर अहसास था वह! मेरा लंड जैसे ही मेरी बहन की गांड के छेद पर सैट हुआ, रश्मि धीरे धीरे मेरे लौड़े के ऊपर बैठने लगी. वह धीरे धीरे बैठती गई और मेरा लंड धीरे धीरे उसकी गांड में प्रवेश करता जा रहा था. रश्मि के चेहरे पर हल्का दर्द और कामुकता का भाव मेरी उत्तेजना को बढ़ाता जा रहा था. थोड़ी ही देर में मेरा पूरा लंड रश्मि की गुदा में जड़ तक प्रवेश कर चुका था. रश्मि अपनी कमर हिला कर गांड चुदाई का आनन्द लेने लगी. गांड सेक्स करने से उसकी मादक सिसकारियों से पूरा कच्छ गूंजने लगा. फिर मैंने रश्मि के कंधों को पकड़ा और अपनी कमर तेज़ी से हिला कर अपने लंड को रश्मि की गांड के अन्दर बाहर करने लगा. जैसे जैसे मेरे झटकों की रफ़्तार बढ़ती गयी, वैसे वैसे रश्मि की सिसकारियां तेज़ होती गईं. कुछ ही देर में हम दोनों पूरे जोश में इस सम्भोग का आनन्द उठाने लगे थे. दर्द का कहीं कोई नामोनिशान नहीं था. यह तकनीक मुझे अलबेली लगी. थोड़ी ही देर में मैं चरम पर पहुंच गया और तेज़ झटकों के साथ मैंने अपना सारा वीर्य रश्मि के गुदा में भर दिया. रश्मि ने मेरे होंठों के अच्छे से चूसा और मेरे सीने से चिपक गयी. रश्मि- अब मेरा 95% हनीमून पूरा हो गया. अब चलो साथ में नहा कर इसे पूरा 100% करते हैं. मैं सेज से उठा और रश्मि को अपनी गोद में उठा कर बाथरूम की ओर चल दिया. हम दोनों साथ में नहाने लगे. मैंने वहां रश्मि की चुत को चूस कर उसे फिर से चरम सुख पर पहुंचा दिया. उसके बाद हम दोनों ने तैयार होकर होटल से चेक आउट किया. होटल से निकल कर हम लोग सीधा डॉक्टर से मिलने गए. डॉक्टर ने बताया की समीर इलाज हो सकता है पर उसे पूरी तरह ठीक होने में थोड़ा टाइम लग सकता है. डॉक्टर ने रश्मि को कुछ एक्सरसाइज के बारे में बताया जो उसे समीर को करवानी थी. वे बोले- अगली बार समीर को भी लेकर आना, तो उसे देख कर दवा भी लिख देंगे. हम वहां से निकल कर सीधे एयरपोर्ट आ गए. हमें वहां से दिल्ली की फ्लाइट पकड़नी थी. मैंने देखा कि मेरी बहन रश्मि अपने ख्यालों में खोयी हुई कुछ सोच रही थी. मैं- क्या हुआ रश्मि, क्या सोच रही है? डॉक्टर ने बोला तो है कि समीर का इलाज हो जाएगा. रश्मि- आज से 3 रोज पहले मैं अपने भाई के साथ अपने पति का इलाज करवाने आयी थी और आज मैं अपने उसी भाई को अपना पति मान कर वापस चल रही हूँ. मैं- हमने इन 3 दिनों में जो किया, क्या तुझे अफ़सोस है उसका? रश्मि- मुझे इसका कभी अफ़सोस नहीं होगा. तुमने मुझे जो सुख दिया है … वह मेरा पति कभी नहीं दे पाएगा. जब तक तुम्हारी शादी नहीं हो जाती, क्या तुम मुझे ऐसे ही प्यार और शारीरिक सुख दे सकते हो? मैं- रश्मि अगर ऐसी बात है तो हम कहीं दूसरे शहर या देश जाकर शादी कर लेते हैं. शादी करके मैं पूरा जीवन तुझे प्यार करता रहूँगा. रश्मि- नहीं भाई, ऐसा करना ठीक नहीं होगा. मम्मी पापा का भी सोचो. हमने जो अकेले में किया, उसे समाज कभी सही नहीं मानेगा. इसलिए वह सब हम दोनों के बीच अकेले में ही रहे, तो ही सबके लिए अच्छा है. समीर इलाज़ होने के बाद भी मुझे एक अच्छा सामाजिक ओर वैवाहिक जीवन तो दे सकता है, पर शारीरिक सुख शायद ही दे पाए. इसलिए बस तुझसे ये कहा कि जब तक तेरी शादी न हो जाए … तब तक वह शारीरिक सुख तू मुझे दे देना! मैं- अगर ऐसी बात है तो मैं सारा जीवन तुझे वैसे ही शारीरिक सुख दूंगा, अपनी शादी के बाद भी. मैं वादा करता हूँ! उस रोज मैंने जोश में आकर वादा तो कर दिया, पर आज वही वादा मेरी सबसे बड़ी समस्या है. आज से 3 महीने बाद मेरी निमिता के संग शादी है. मुझे पता नहीं कि मैं शादी के बाद रश्मि के साथ वैसे ही रह पाऊंगा या निमिता को अच्छे से खुश रख पाऊंगा. रश्मि ने तो कह दिया है कि शादी के बाद मैं पूरा ध्यान सिर्फ निमिता पर दूँ. पर फिर रश्मि का क्या होगा? बहन के साथ सम्भोग के ख्याल से ही बदन रोमांचित हो जाता है. पर निमिता से सेक्स की बात करके भी वह रोमांच नहीं आ रहा. ऐसा नहीं है कि रश्मि के साथ सम्भोग के बाद मैंने और सम्भोग नहीं किया. वह कहते हैं न कि एक बार जो चुत चोद लेता है, उसे फिर चुत की लत लग जाती है. किस्मत से मुझे श्रुति की और अपनी मौसेरी बहन की भी चुत चोदने को मिली. वह सेक्स कहानी फिर कभी लिखूँगा. यह एकदम सच है कि मुझे जो आनन्द और सुख अपनी बहन रश्मि के साथ सम्भोग में आता है, वह और किसी के साथ नहीं आता है. इसलिए मुझे ये नहीं पता कि मैं निमिता को अच्छे से शारीरिक सुख दे पाऊंगा या नहीं? … और रश्मि के साथ सम्भोग किए बिना कैसे रहूँगा? इस सेक्स कहानी को लिखते समय भी शिमला का एक एक रोज मेरे सामने घूम रहा था. मैं आज पुनः सोच रहा हूँ कि रश्मि को लेकर शादी से पहले एक विदेश में हनीमून मना आऊं. अगर मैं ये कर पाता हूँ तो आप सबको जरूर बताऊंगा. दोस्तो, अगर आप लोगों के पास इस गांड सेक्स कहानी को लेकर कोई विचार है, तो मुझे जरूर बताइएगा. आपका शौर्य [email protected] What did you think of this story