🔞 18+ Adult Content: Strictly for Adults Only. Free Desi Romance & Erotic Novels.

दोस्त ने अपनी बहन को चुदवाया-1

Text Size:
सच कहूं तो, नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम आकाश है. मैं अपने दोस्त आर्यन के साथ दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता हूं. मेरा दोस्त पढ़ाई के साथ साथ कुछ बिज़नेस भी करता था. कुछ दिनों बाद उसकी बहन भी पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गयी. उसकी उम्र 20 साल की थी. उसकी छाती के उभार इतने मस्त थे कि उनको देख कर कोई भी दीवाना हो जाए. उसकी उठी हुई गांड को देख कर बुड्डों का भी लंड खड़ा हो जाए. एक रोज मेरे दोस्त ने कहा कि यार अंजलि को भी साथ लेकर पढ़ाई कर लिया करो, उसकी थोड़ी मदद हो जाएगी. मैंने हां कर दी तथा अब मैं तथा अंजलि रोज़ साथ में पढ़ने लगे. एक रोज आर्यन अंजलि को काफी डांट रहा था क्योंकि उसकी बहन किसी लड़के के साथ घूम रही थी. निशा को जब आर्यन तथा मैं शराब पी रहे थे तो वो बोला- यार आकाश दिल्ली में एक से एक हरामी लौंडे हैं.. इधर अंजलि भी जवान है. कोई न कोई तो उसको भी चाहिए. मैं उसकी बात को सुन कर कुछ नहीं कहा. अचानक से वो बोला- तू उसका बॉयफ्रेंड बन कर उसे शांत कर दिया कर! मैं उसकी बात समझ गया कि वो उसको चोदने के लिए कह रहा है. मैं बोला- यार वो तो ठीक है परन्तु अंजलि क्या मेरे साथ करने को मानेगी. उसने कहा- चल मैं अंजलि से पूछ कर बताऊंगा. अगले रोज आर्यन ने अंजलि से कहा कि तुम किसी भी आवारा लड़के के साथ मत घूमा करो. आज से तुम आकाश को अपना बॉयफ्रेंड बना लो. तुम तथा आकाश चाहे जैसे मिला करो.. या चाहो तो उससे सेक्स भी कर लिया करो. अंजलि ने आर्यन से कुछ नहीं कहा, परन्तु उसकी बात से वो कुछ सहमत सी दिखी. फिर आर्यन 2 रोज के लिए दिल्ली से बाहर चला गया. उसके जाते ही मैं उसकी सुंदर बहन के कमरे का दरवाजा खटकाने लगा. अंजलि के दरवाजा खोलते ही मैं उस पर टूट पड़ा. अंजलि ने भी मुझे अपनी बांहों में भर लिया. उसे तो लंड की भूख थी. मैंने अंजलि के कपड़ों को उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया तथा उसकी चूचियों को आधे घंटे तक रगड़ रगड़ कर एकदम लाल कर दिया. फिर उसे चित लिटा कर उसकी चुत पर अपना लंड रगड़ने लगा. अंजलि की सील खुली हुई थी. इस वजह से वो सब जानती थी कि सेक्स कैसे करते हैं. इधर मेरा लंड भी कुछ ज्यादा ही बड़ा था. आर्यन की बहन अंजलि की चूत ने मेरे लंड जितना लम्बा लंड अभी तक नहीं लिया था, इसलिए मेरे लंड के अन्दर जाते ही वो चिल्लाने लगी. मगर मुझे मालूम था कि ये कुछ ही देर में लंड का मजा लेने लगेगी. अभी अंजलि मेरे हर झटके पर चिल्ला रही थी. कुछ ही देर में वो भी गांड उठा कर लंड के मजे लेने लगी. मैंने काफी देर तक आर्यन की बहन को दम से चोदा. उसने भी मुझे काफी मजा दिया. उसके बड़े मम्मों को चूस चूस कर मैं उसको उस रोज तीन बार चोदा. उस निशा मैं उसके कमरे में ही नंगा सो गया. सुबह जल्दी उठ कर मैं अपने रूम पर आ गया. एक घंटे बाद आर्यन वापस आ गया. उसने मुझसे पूछा तो मैंने हां कह दिया. वो समझ गया कि उसकी बहन की चूत की खुजली मिटाने वाला लंड उसे मिल गया. उसने मुझसे पूछा- अंजलि खुश हुई? मैंने हंस कर हां कहा. मेरी इस बात से आर्यन काफी खुश हो गया. तथा अब वो बेफिक्र रहने लगा. उसकी बहन केवल पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देती थी क्योंकि अब उसके लिए लंड का इंतजाम हो चुका था. अब तो इतना खुला खेल चलने लगा था कि मैं अंजलि को आर्यन के सामने ही चादर के अन्दर चोद देता तथा आर्यन को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था कि मैं अंजलि को चोद रहा हूँ. हम तीनों ही सेक्स के मामले पर खुल कर बात करने लगे थे. एक रोज आर्यन दारू पीते समय बोला- यार काफी रोज हो गए.. मैंने कोई रंडी नहीं चोदी. मैं कुछ नहीं बोला तो आर्यन ने कहा- यार आकाश, तेरा जुगाड़ तो हो गया.. तू तो मुफ्त में मेरी बहन को चोद लेता है. मैं कहा- तो तू भी कोई माल तलाश कर ले न! अगले रोज वो बाजार से एक रंडी को घर ले आया. वो मुझसे बोला- चल आज कॉम्पिटिशन रखते हैं कि कौन ज्यादा देर तक अपने माल को चोद पाता है. इस बात को अंजलि भी सुन रही थी. उसे भी रंडी के साथ चुदाई का कम्पटीशन करने में कोई उज्र नहीं था, बल्कि वो तो खुद ही मेरे लंड की ताकत को परखना चाहती थी. मैं भी मान गया. मैंने उसकी बहन को नंगी किया तथा जमीन पर लिटा दिया. उसने उस रंडी को नंगी करके सामने सोफे पर लिटा दिया. हम दोनों ने अपने अपने लंड बाहर निकाल कर उन दोनों की चुत पर सैट कर दिए. बस अंजलि ने ‘गेट सैट गो..’ की आवाज मारी तथा हम दोनों ने लंड पेल कर धक्कों की गिनती करते हुए चोदना शुरू कर दिया. लगातार लम्बी चुदाई के बाद अंजलि चिल्लाने लगी, आकाश की रंडी बहन अंजलि ऐसे चुदवा रही थी, जैसे उसने पहला लंड लिया हो. मैंने कहा- आज तो मैं ही जीतूंगा. आर्यन बोला- देखते हैं. मैं बोला- तेरी बहन की चूत दर्द कर रही है.. आज मैंने आज वियाग्रा की गोली ली है. अभी इसको खूब देर तक चोदूँगा. यह कह कर मैंने चुदाई के स्पीड बढ़ा दी. अंजलि की चूत में जलन होने लगी थी तथा वो मुझसे कह रही थी- मुझे दर्द हो रहा है … अब रहने दे. मेरी चुदाई की स्पीड तथा अंजलि का दर्द देख कर आर्यन डर गया तथा कुछ देर बाद उसने अपनी वाली रंडी को चोदना बंद कर दिया. वो बोला- बस कर.. तू जीत गया, अब अंजलि को छोड़ दे. लेकिन फिर भी मैं अंजलि को 5 मिनट तक चोदता रहा. उस निशा के बाद आर्यन ने कभी चुदाई कम्पटीशन नहीं रखा. उस रोज के बाद से मैं आर्यन की बहन को उसके सामने ही नंगा करके रोज़ चोद देता. कुछ रोज तक मैं आर्यन की बहन को चोद चोद कर थक गया तथा कुछ नया करने का सोचा. मैंने इस बात की चर्चा अंजलि से भी की तो वो भी सेक्स में कुछ नया करने को राजी थी. मेरे कमरे पर एक दूध वाला दूध देने आता था. उसका काफी बकाया हो गया था. मुझे उसके पासे चुकाने थे, तो मेरे दिमाग में एक स्कीम आई. मैंने अंजलि से पूछा- दूध वाले से चुदना पसंद करोगी? अंजलि बोली- हां … पर उसको कैसे सैट करूँ? मैंने उसको तरकीब बताई तथा कहा कि देखते हैं वो क्या करता है. हम दोनों दूध वाले को सैट करने में लग गए. हमारे बाथरूम में एक छेद था, जो मेनगेट से दिखता था. मैंने दूसरे रोज जानबूझ कर दूधवाले से कहा कि यार कोई बंदा हो तो बताओ जो इस बाथरूम के छेद को ठीक कर दे. मेरा मतलब सिर्फ उस छेद के बारे में दूध वाले को जानकारी देना था. दूध वाला बोला- साहिल कोई मिलेगा तो जरूर बताऊंगा. दूसरे रोज जब दूध वाले ने मुझसे पैसो का तकाजा किया तो मैंने कहा कि यार कुछ रोज रुक जाओ, मैं जल्दी ही पैसे दे दूंगा. वो बोला- ठीक है. ये बोल कर जैसे ही वो जाने को हुआ तो मैंने कहा- अभी रुको.. अंजलि नहाने के बाद चाय बनाएगी, तुम पीकर जाना. मैंने अंजलि से पूछा- तुमको कितनी देर है? तो अंजलि ने भी बाथरूम से आवाज दे दी- हां बस अभी निकल रही हूँ. मैंने कहा- ठीक है. इतना कह कर मैं दूध वाले को उधर ही बिठा कर अन्दर वाले कमरे में चला गया. मैंने देखा दूध वाला बाथरूम के छेद से अंजलि का नंगा बदन देख रहा था. कुछ देर बाद वो बिना कुछ कहे चला गया. अंजलि तथा मेरी स्कीम काम करने लगी थी. अंजलि ने उस रोज दूध वाले को छेद से देखता हुआ जान लिया था, तो वो अपनी सफाचट चूत तथा बड़े बड़े मम्मों को मसलते हुए दूधवाले की नजरों की हवस जगाने लगी. अब दूधवाले ने रोज ही उस वक्त आना शुरू कर दिया जब अंजलि बाथरूम में होती थी. उसने रोज ही छेद से देखना शुरू कर दिया. कुछ रोज बाद दूध वाला मुझे गुस्से से बोला- आकाश साहिल आपका 6000 रूपए का दूध का बिल हो गया है. अब आपको तथा उधार नहीं मिलेगा. मैंने सोचा कुछ ही रोज में ये मुझसे ऐसे क्यों बात करने लगा है. मुझे मेरी स्कीम फेल होती दिखने लगी थी. मैंने कहा- यार पैसे तो 2 महीने बाद ही मिलेंगे. वो बोला- तो कल से आपका दूध बंद.. पहले मुझे पैसे चाहिए. मैंने उसकी आग जगाते हुए कहा- यार गुस्सा मत हो.. तुम अंजलि को रोज़ नंगा नहाते देखो, तब तक 2 महीने हो जायेंगे. मैं पैसे भी दे दूंगा. वो मेरी ये बात सुनकर जरा चौंक गया. परन्तु वो भी पूरा घाघ था. वो बोला- अगर इस बात का आर्यन साहिल को पता चला तो मुझे मार देंगे. मैंने कहा- कुछ नहीं होगा. तुम अभी मज़े लो.. तथा इसके बाद भी रुक जाना. तुम पर्दे के पीछे जाकर छुप जाना. मैं तुम्हें अंजलि की चुदाई दिखाता हूं. इसके बाद मैंने आर्यन की बहन को दूध वाले के सामने खूब चोदा. दूध वाला बोला- साहिल, एक बार मुझे भी अंजलि मेमसाब को चोदना है. मैंने कहा- दीवाना है क्या.. मुझे फंसवाएगा क्या? उसने कहा- आपका सारा बकाया माफ़… बस एक बार मुझे अंजलि मेमसाब के दूध पीना है तथा उसे चोदना है. मैंने पैसे माफ़ होने वाली बात सुनी, तो कह दिया कि ठीक है.. कल निशा को आ जाना. वो अगले रोज निशा को आया. मैंने अंजलि से कहा कि आज कुछ नया ट्राई करते है. मैंने उसकी आंख पर पट्टी बाँध दी, फिर इशारा किया तो दूध वाला तुरंत कमरे में आ गया तथा वो अंजलि के दूध रगड़ने लगा. उसने अपना खीरे जैसा मोटे लंड को अंजलि की चूत पर रख कर उसे चोदना शुरू कर दिया. अंजलि की चीख निकल गयी- अअआअ… अंजलि ने कहा- तुम काफी ताकत से क्यों चोद रहे हो? अंजलि समझ रही थी कि मैं ही उसको चोद रहा हूँ क्योंकि उसकी आँखों में पट्टी बंधी थी. वो सोच रही थी कि मैं उसे चोद रहा हूँ. दूध वाला अंजलि को काफी तक चोदता रहा. अंजलि की चूत के चीथड़े उड़ गए थे. दूध वाले के जाने के बाद मैंने अंजलि की आंख खोली. तो वो बोलने लगी- तुम तो आज ऐसे चोद रहे थे, जैसे तुम मुझे पहली बार चोद रहे हो. मैं हंस कर रह गया. फिर मैंने उसे बता दिया कि आज दूध वाले ने तुमको चोदा था. अंजलि चौंक गई तथा बोली- यार इसका लंड तो बड़ा मस्त था. मुझे उससे फिर से चुदना है. मैंने कहा- ठीक है. अगले रोज आर्यन वापस आया. तो दूध वाले ने आर्यन से पूछा- साहिल अब आप शहर से बाहर कब जा रहे हैं? आर्यन ने कहा- ये सब जान के तुम क्या करोगे. दूध वाला कुछ नहीं बोला, परन्तु मैं उन दोनों की बातें सुन कर मन ही मन मुस्कुरा रहा था. दूध वाले ने आर्यन के जाने के बाद मुझसे कहा- साहिल, अंजलि मेमसाब की चूत मुझे फिर से चोदने का मन है. कब दिलाओगे? मैंने उसको दिलासा दिया कि आर्यन के जाने बाद तुम आ जाया करो. दूसरे रोज उसने अंजलि को फिर से आँख पर पट्टी बाँध कर चोदना शुरू किया तो बीचे चुदाई में अंजलि ने खुद ही पट्टी हटा दी तथा वो खुल कर दूध वाले से चुदने लगी. अब दूध वाला रोज़ अंजलि को चोदता. एक रोज आर्यन ने हम दोनों को पकड़ लिया तथा बोला कि आकाश मैंने तुम्हें चोदने की छूट दी तथा तुमने मेरी बहन को दूध वाले से कैसे चुदने दिया? आर्यन गुस्से में अपनी तनीषा से बोला- साली, तुझे काफी लंड लेने का शौक है ना. अंजलि बोली- मुझे नहीं पता कि ये दूध वाला कब आया.. मेरी आँख पर पट्टी बंधी हुई थी. आर्यन- नाटक मत कर. तुझे रंडी बनने का शौक है न.. आज देखता हूँ. आर्यन उस रोज गुस्से से घऱ से चला गया तथा एक कोठे पर पहुँच गया. एक रंडी को चोदने के बाद रिक्शा वाले को बुलाया. रिक्शा वाला बोला कि आप कोई दूसरा रिक्शा कर लो.. मैं कोठे की रंडी चोदने जा रहा हूं. उसने रिक्शा वाले से कहा- तू मुझे घर छोड़ दे.. तुझे आज मुफ्त में रंडी दूंगा. इस सत्य घटना को पढ़कर मुझे मेल जरूर कीजिए, अभी इस सिस्टर सेक्स स्टोरी में आगे काफी सारे सच आपके सामने रखूँगा. [email protected] कहानी जारी है. कहानी का दूसरा भाग: दोस्त ने अपनी बहन को चुदवाया-2 What did you think of this story