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मजेदार किस्सा: बेस्ट फ्रेंड अंजलि ने खुद चुदवाई अपनी कुंवारी चूत

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हैलो दोस्तो, मैं आपका राज.. नई दिल्ली से हूँ.. मैं 5’9” की हाइट का हूँ.. रंग गोरा तथा बॉडी एकदम कसरती है क्योंकि मैं रेग्युलर जिम जाता हूँ। मैं अधिकतर टी-शर्ट ही पहनता हूँ.. कॉलेज में काफी पॉपुलर हूँ। ध्यान देने वाली बात है कि, मैं काफी शरारती भी हूँ तथा स्पोर्ट्स में नम्बर वन हूँ। यह मेरी पहली रचना है.. यह एक रियल स्टोरी है.. जो मेरी साथ पिछले साल घटित हुई है। मेरे तथा मेरी बचपन की दोस्त अंजलि (यह असली नाम नहीं है) के बारे में है। अंजलि 5’1” की हाइट.. रंग एकदम दूध सा गोरा.. कॉलेज का हर लड़का उस पर लाइन मारता है.. परन्तु वो एक पढ़ाकू लड़की होने कारण इन बातों में अधिक ध्यान नहीं देती। उसका फिगर 36-28-36 का है ऐसा लगता है वो कि कोई मॉडल हो बस कद में कमी है। ध्यान देने वाली बात है कि, बात दरअसल यह है कि हम दोनों ने ही 12 वीं के एग्जाम के बाद NDA का एंट्रेन्स एग्जाम दिया था तथा हम दोनों ही उसमें पास हो गए थे। उसके बाद हमें फिज़िकल टेस्ट के लिए 3 दिन के लिए आगरा जाना था। हमारे दोनों के पिता भी सरकारी जॉब में एक ही फील्ड में हैं.. उन दोनों को तो हमारे साथ आने को टाइम ही नहीं था.. तो हम दोनों को साथ में आगरा जाना पड़ा। ध्यान देने वाली बात है कि, हमारे परिवार पड़ोसी तथा अच्छे दोस्त होने की वजह से हमें पहले भी साथ में भेजते रहे थे। मैं तो काफी खुश था.. मुझे लगता था कि इस बार अंजलि को पटाने का कोई ना कोई चान्स तो मिल ही सकता है। हम दोनों दूसरे ही दिन ट्रेन से आगरा के लिए निकल गए। ट्रेन में हम दोनों काफी हँसी-मज़ाक करते हुए जा रहे थे। यकीन मानिए, वैसे तो अंजलि बचपन से ही मेरे से हँसी-मज़ाक करती थी परन्तु न ज़ाने क्यूँ.. वो 10वीं के बाद से मुझसे हमेशा मेरी गर्ल-फ्रेंड के बारे में पूछती थी। पर मैं उससे ‘कोई नहीं है..’ कहता.. तो वो कहती- झूठ मत बोलो.. तेरी इतनी लड़कियों से बातें चलती रहती हैं.. तथा तेरी कोई गर्ल-फ्रेंड नहीं.. मैं मान ही नहीं सकती। ध्यान देने वाली बात है कि, लेकिन मैं उससे ‘नहीं है..’ ही बोलता था। इसी तरह की बातें करते-करते हम आगरा पहुँच गए। असल में, जब हम आगरा पहुँचे.. तो निशा के 8 बजे थे.. हमारा टेस्ट अगले दिन 11 बजे से स्टार्ट होने वाला था। हम रूम लेने को एक होटल में गए.. मैंने काउंटर पर जाकर पूछा- दो कमरे चाहिए.. हैं क्या? पता चला कि हैं। मैं अंजलि के पास जा कर बोला- अंजलि दो कमरे खाली हैं। वो बोली- दो कमरे क्यों.. एक ही रूम ले लो.. हम दोनों साथ में ही रहेंगे। मुझे अकेले में डर लगता है। सच कहूं तो, मैंने उससे पूछा- आर यू श्योर? तो उसने कहा- यस.. हमने एक डबल बेड वाला कच्छ ले लिया तथा खाना ऑर्डर करके कमरे में चले गए। कमरे में जाने के बाद पहली वो फ्रेश होने चली गई तथा मैं टीवी देखने लगा। आपको बता दूं कि, थोड़ी देर में जब वो बाहर आई.. तो मैं उसे देखता ही रह गया। उसने लाल रंग का सिल्क का गाउन पहना हुआ था तथा शायद उसने ब्रा नहीं पहनी थी.. क्योंकि उसके निप्पल साफ दिख रहे थे। मुझे ऐसे देखते हुए देख कर उसने कहा- ऐसे क्या देख रहे हो? तो मैं कुछ नहीं बोला तथा फ्रेश होने चला गया। मैंने एक शॉर्ट्स ओर टी-शर्ट पहन ली तथा बाहर आ गया। इतने में हमारा खाना आ गया तथा हम दोनों खाना खा कर टीवी देखने लगे। असल में, हम दोनों बिस्तर पर बैठ कर टीवी देख रहे थे.. मैं चैनल चेंज कर रहा था.. तभी किसी चैनल पर ‘आशिक़ बनाया आपने’ मूवी चल रही थी.. मैं चैनल चेंज करने लगा.. तो अंजलि ने कहा- लगा रहने दो ना.. मैंने ये मूवी नहीं देखी है.. मुझे वो देखनी है। तो हम दोनों मूवी देखने लगे। थोड़ी देर बाद इमरान तथा उस हिरोइन का वो गाने वाला सीन चल रहा था। तभी मैंने अंजलि की तरफ देखा.. तो वो बड़े ध्यान से देख रही थी तथा उसका एक हाथ उसकी चूत पर था। जैसे ही उसकी नज़र मुझ पर पड़ी.. तो वो शर्मा गई तथा मुझसे आँखें चुराने लगी तथा टीवी देखने लगी। मैं भी टीवी देखने लगा। बाद में कब टीवी देखते-देखते मेरी आँख लग गई.. पता ही नहीं चला। असल में, करीबन 2-3 घंटे के बाद मेरे आँख खुली तो अंजलि मुझसे पूरी तरह से चिपक गई थी तथा उसका एक हाथ मेरे खड़े हुए लण्ड को मसल रहा था। पहले तो मुझे लगा कि वो नींद में होगी.. परन्तु बाद में वो मेरे लण्ड को शॉर्ट्स के अन्दर हाथ डाल कर हिलाने लगी.. तभी मुझे लगा कि वो जाग रही है। मैं पक्का करने के लिए झट से उठ गया तथा उससे बोला- अंजलि यह तुम क्या कर रही हो.. तो पहले तो वो डर गई.. परन्तु बाद में उठ कर मुझसे गले लग कर ‘आई लव यू’ कहने लगी- मैं तुम्हें बचपन से पसंद करती हूँ तथा मैंने तुम्हारे लिए ही यह NDA के एग्जाम दिया है.. ताकि हमें साथ रहने का मौक़ा मिले। ’ यह कहते हुए वो मुझे ज़ोर से ‘लिपकिस’ करने लगी, मैं भी उसका पूरा साथ देने लगा, मैं उससे फ्रेंच किस करने लगा तथा करीब 10 मिनट तक हम किस करते रहे। जब हम अलग हुए.. तो मैंने रूम की लाइट चालू की तथा उसे देखने लगा। उसका चेहरा काफी ही खुश की मारे लाल हो गया था। उसके बाद मैं उसके मम्मों को दबाने लगा.. उसके मम्मे इतने नर्म थे कि क्या बताऊँ.. मुझे काफी मज़ा आ रहा था। थोड़ी देर मम्मों को दबाने के बाद मैंने उसका गाउन निकाल दिया। अब वो मेरे सामने सिर्फ़ पैन्टी में थी। मैं उसके एक चूचे को दबा रहा था तथा दूसरे को मुँह में ले रहा था। उसके चूचुक तो एकदम गुलाबी थे। वो चूचे चुसवाने से गर्म हो रही थी तथा मेरे 7″ के लण्ड को अपने कोमल हाथों से शॉर्ट्स के ऊपर से ही हिला रही थी। मैं उसके पूरे बदन को चूमते हुए उसकी पैन्टी तक पहुँच गया तथा पहले तो मैंने उसकी चूत को पैन्टी के ऊपर से ही सूँघा.. तो पाया कि क्या मस्त महक आ रही थी। दोस्तो, क्या बताऊँ.. आनंद आ गया। उसके बाद मैं उसकी चूत को पैन्टी के ऊपर से ही सहलाने लगा.. तो वो मछली की तरह तड़पने लगी तथा थोड़ी देर बाद मैंने उसकी पैन्टी को भी निकाल दिया। उसकी गुलाबी क्लीन शेव चूत एकदम टाइट थी.. तो मैं समझ गया कि यह वर्जिन है। मैं पहले तो उसकी चूत में उंगली डाल कर हिलाने लगा.. तो वो सिसकारने लगी, ‘उउऊह.. उऊउहह..’ करके तड़पने लगी। मैं उसकी चूत को अपने जीभ से चाटने लगा.. तो वो एकदम से तथा उत्तेजित हो कर मेरा सर अपनी चूत में दबाने लगी। यकीन मानिए, इसके कुछ ही पलों के बाद में हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए। अब वो मेरा लण्ड मुँह में ले रही थी तथा मैं उसकी चूत को चाटने लगा। थोड़ी देर बाद वो अकड़ने लगी तथा मेरे सिर को ज़ोर से दबाने लगी। उसने अपना सारा जल मेरे मुँह में ही छोड़ दिया। असल में, क्या टेस्ट था यार.. उसकी चूत..आह्ह.. क्या बताऊँ.. एकदम नमकीन.. माल। अब मैं सीधा हो गया.. अंजलि मेरा लण्ड अभी भी चूस रही थी। मैं उसके मम्मों को दबा रहा था.. थोड़ी देर में मैं भी डिसचार्ज हो गया तथा उसने मेरा सारा जल गटक लिया। अब उसने मेरा लण्ड अपनी जीभ से चाट के साफ किया तथा फिर से हम दोनों लेट कर एक-दूसरे को लिपकिस करने लगे। सच कहूं तो, थोड़ी देर किस करने के बाद मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया। मैंने अंजलि के नीचे तौलिया रख दिया तथा उसे बिस्तर पर लिटा दिया, उसके पैर फैला दिए तथा उसकी चूत को थोड़ी गीली करके उसकी चूत के ऊपर अपना लण्ड रख कर धक्का मारा.. तो पहली बार में तो लण्ड उसकी चिकनी चूत पर से फिसल गया। दूसरी बार अंजलि ने लण्ड को अपने हाथ से चूत पर एड्जस्ट किया तथा मैंने धक्का मारा तो दो इंच लण्ड अन्दर घुस गया। यकीन मानिए, अंजलि दर्द से चीखने लगी तथा कहने लगी- आह्ह.. काफी दर्द हो रहा है.. निकालो.. काफी दर्द हो रहा है। मैं वैसे ही रुक कर उसे किस करने लगा तथा थोड़ी देर बाद मैंने तथा एक धक्का मारा तथा इस बार मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में जड़ तक चला गया। लेकिन इस बार मेरा मुँह अंजलि के मुँह पर होने कारण उसकी चीख मेरे मुँह में ही दब गई। उसकी आँखों से जल निकल आया इसलिए मैं वैसे ही रुक कर उसे किस करता रहा तथा उसके मम्मों को दबाता रहा। जब थोड़ी देर बाद अंजलि ने कहा- आह्ह.. दर्द कम हो गया है.. तो मैं भी अपना लण्ड से धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। अब अंजलि भी मेरा पूरा साथ दे रही थी तथा उसके मुँह से अब अजीब से आवाजें निकलने लगी थीं ‘आह्ह.. राज.. गो फास्ट फास्टर.. राज..’ मैंने भी स्पीड बढ़ा दी तथा वो भी नीचे से अपनी गाण्ड उठा-उठा कर मेरा साथ देने लग गई। थोड़ी ही देर में अंजलि झड़ गई.. उसका गर्म जल मुझे मेरे लण्ड पर महसूस हो रहा था। मैंने चूत को चोदने की स्पीड तथा बढ़ा दी तथा करीबन 15 मिनट बाद मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया। झड़ने के बाद मैं वैसे ही उसके ऊपर लेट कर उसे किस करने लग गया तथा वैसे ही नंगे लेटे हुए कब नींद लग गई.. पता ही नहीं चला। जब सुबह हमारी आँखें खुलीं.. तो हम एकदम नंगे एक-दूसरे से चिपक कर पड़े हुए थे। उठने के बाद पहली तो हमने एक किस किया तथा अंजलि नहाने जाने लगी। यकीन मानिए, अंजलि को ठीक से चलने में दिक्कत हो रही थी.. तो मैंने उससे अपनी गोदी में उठा लिया तथा उसे बाथरूम में लेकर गया। हम दोनों ने साथ में शावर लिया। नहाने के बाद मैं तैयार होकर मेडिकल से अंजलि के लिए पेनकिलर तथा आइपिल ले कर आया। ध्यान देने वाली बात है कि, हमने ब्रेकफ़स्ट किया तथा फ़ीज़िकल टैस्ट के लिए चले गए। टैस्ट में दोनों ही फेल हो गए.. परन्तु फिर भी तथा दो दिन वहीं रह कर हमने काफी चुदाई की। अभी वो इंजीनियरिंग के लिए पूना चली गई है तथा मैं नई दिल्ली में ही पढ़ रहा हूँ.. परन्तु जब छुट्टी में अंजलि नई दिल्ली आती है.. तो मुझसे ज़रूर चुदवाती है। यह हम दोनों के प्रेम की चुदाई की सच्ची कहानी थी। ध्यान देने वाली बात है कि, आप सभी से उम्मीद करता हूँ कि आपके कमेंट्स ईमेल पर मिलें। अगर मुझे आपका अच्छा रिस्पोन्स मिला.. तो मैं अपनी अगली स्टोरी में आपको बताऊँगा कि मैंने अंजलि की कोरी गाण्ड कैसे मारी.. मुझे मेल जरूर कीजिएगा। [email protected] What did you think of this story