मजेदार किस्सा: ताऊजी की बेटी को क्लासरूम में चोदा पहली बार
Xxx बहन फक स्टोरी में मेरे ताऊ की बेटी मेरी क्लास में पढ़ती थी, वह मुझे चिढ़ाया करती थी. एक रोज हम दोनों उलझ पड़े. तब क्लासरूम में ही मैंने उसे कैसे चोदा? प्यारे दोस्तो, कैसे हैं आप सब? मैंने छोटी उम्र में किसी लड़की की बॉडी के एडवेंचर का आनंद लिया तथा उसके साथ हर वो चीज की जो आप सब अपने दिमाग में सोच के हर वक्त अपना लंड हिलाते रहते हैं। वह स्कूल का टाइम था तथा मैं अभी बारहवीं क्लास में पढ़ रहा था। यकीन मानिए, कुछ रोज पूर्व ही मेरा बर्थ डे आ कर गया था तथा मैं 18 का साल का भी हो चुका था। इस समय टीनएजर होने के कारण मन में काफी से उल्टे सीधे ख्याल अक्सर आया करते थे। लेकिन मैं उन पर खास ध्यान नहीं देता था। सोमवार की सुबह मैं तैयार होकर स्कूल के लिए जा रहा था। मेरे पास साइकिल थी। मेरे साथ मेरी क्लास में मेरे ताऊ जी की लड़की श्रेया भी पढ़ती थी। आपको बता दूं कि, ताऊ जी के पास मेरे बाप से ज्यादा पैसे होने के कारण हमेशा वे हमें एटीट्यूड दिखाते थे। और यह आदत श्रेया में भी थी। आपको बता दूं कि, यह Xxx बहन फक स्टोरी इसी श्रेया की चूत चुदाई की है. लेकिन उसका हॉट फिगर मुझे सारी बात चुपचाप सुनने के लिए मजबूर कर देता था। मैं कई बार उससे फ्लर्ट करता था तथा वह शरमा भी जाती थी। असल में, उस रोज मैं तैयार होकर जा ही रहा था कि वह अपने पापा के साथ बाइक पर मेरे पीछे से निकली। स्कूल की नेवी ब्लू ड्रेस की स्कर्ट में उसकी गोरी गोरी टांगें साफ दिख रही थी। सच कहूं तो, मेरी चचेरी बहन श्रेया मुझसे कुछ महीने बड़ी है, गदराए हुए बदन की भरी हुई लड़की है। असल में, उसका लेग पीस देखकर मेरे मन में वही वासना भरे ख्याल चलने लगे। फिर उसके बारे में सोचते सोचते मैं क्लास में गया। अभी असेंबली होने वाली थी तथा क्लास में उसके अलावा कोई नहीं था। आपको बता दूं कि, वह जानती थी कि मैं उसे किस नजर से देखता हूँ। क्लास में जाकर मैंने उससे हाय बोला. और फिर उसने कहा- हाय रे … बेचारे साइकिल वाले पीछे रह गए। फिर मैंने जवाब दिया- साइकिल वालों की टांगों में काफी दम होता है! मन करता है तो आजमा लो। वह बोली- तू क्या करके दिखायेगा मुझे? उसके मस्त बूब्स देख कर तो मुझे एक ही चीज करने का मन था। मैंने उसे कहा- जो तेरा मन चाहे! उसने बोला- जो तू कर सकता है वो कर ले। फिर मैंने बोला- यहाँ तो कैमरा है, मौके की अच्छी जगह हो तो बात बने। आपको बता दूं कि, यह बात बोलकर मैंने सोचा कि मेरी बात सुन कर वह गुस्सा हो जायेगी. लेकिन वह सीधा मेरी तरफ चलते हुए दरवाजे के ठीक नीचे, जहां कैमरा नहीं देख सकता था, आ गई तथा बोली- ले कर ले … क्या करेगा। यकीन मानिए, फिर एक बार तो मेरे मन में घबराहट हुई. लेकिन मैंने एक बार बाहर झांका तथा नैन बंद करके उसकी कमर को कस के पकड़ लिया तथा उसके कुछ बोलने से पहले ही उसके होंठों को अपने होठों से बंद कर लिया। एकदम से जैसे मुझे जन्नत सी मिल गई थी। मेरा हाथ उसकी नाजुक कमर पर था. और यह अहसास वाकई में काफी कमाल का था। अब वह मेरी तरफ गुस्से भरी नजर से देख रही थी. और फिर वह बोली- तुझे ये करने के लिए किसने बोला था? फिर मैंने कहा- तूने ही तो कहा था कि जो करना है कर ले। उसने कहा- कोई देख लेता तो? फिर मैंने कहा- सब सोच समझ के तीर मारा है मैंने! यह बात कहते वह मुस्कुरा गई तथा बोली- अब एक बार अच्छे से कर! इस बार मैंने अपना एक हाथ उसकी चूची पे रखा तथा हल्का हल्का दबाते हुए उसके होठों को खूब चूम लिया। हम दोनों चचेरे भाई बहन एक दूसरे के साथ इतना खो गए कि हम असेंबली के बारे भूल गए तथा असेंबली स्टार्ट हो गई। फिर मैंने बोला- हमें जाना होगा. तो वह बोली- रहने दे! एक रोज की अटेंडेंस नहीं हुई तो तुझे पैसे नहीं मिलने वाले … तू बस इधर ध्यान दे। ध्यान देने वाली बात है कि, यह बात बोलते ही मैंने रूम बंद किया तथा उसे पकड़ के पागलों की तरह चूसने लगा। मेरे हाथ उसके चूतड़ों पर थे तथा जो मैंने आज बाइक पे जाते हुए देखा था, वो मेरे हाथ में था। मेरा लन्ड एकदम हार्ड हो गया था. और फिर मैंने उससे पीछे से पकड़ लिया तथा उसके कूल्हों की दरार के बीच में अपना लन्ड रगड़ने लगा. उसे भी इसमें काफी आनंद आ रहा था। उसने मेरा हाथ अपने बूब्स पे रख दिया तथा हंसती हुई बोली- जो कर सकता है, कर ले! मुझे अब ग्रीन सिग्नल मिल चुका था। ध्यान देने वाली बात है कि, मैंने उसकी बेल्ट को खोल दी तथा उसकी स्कर्ट नीचे गिर गई। उसने लाल रंग की पेंटी पहनी हुई थी. और फिर मैंने उसकी शर्ट के बटन भी एक एक करके खोल दिए। मैंने देखा कि उसकी लाल रंग का पूरा बिकनी सेट पहना हुआ है तथा उसमें वह मस्त सेक्सी लग रही थी। अब मेरे लन्ड से रुकना नामुमकिन था तथा मैंने अपनी पैन्ट उतार दी। मेरा लन्ड देख कर उसे भी खुशी हुई पर वह थोड़ा शरमा गई. लेकिन मैंने उसका हाथ अपने लन्ड पे रखा तब वह तथा खुश हो गई। आपको बता दूं कि, फिर एक झटके से मैंने उससे अपनी बाहों में ले लिया तथा हर जगह किस करने लगा. उसके बदन का एक एक हिस्सा इतना रसीला था कि छोड़ने का मन ही नहीं था। मैंने उसकी गर्दन, नाभि, कान, जांघ, सब कुछ जी भर के किस किया. फिर उसकी सिसकारियों से एक आवाज आई- अब असेंबली खत्म होने वाली है, जल्दी डाल दे। मैंने फिर अपने लन्ड निकाल के उसके हिप्स पे रगड़ना शुरू किया। उससे अब रुका नहीं जा रहा था तथा खुद ही अपनी पेंटी ब्रा निकाल दी। अब मैंने अपना सात इंच का लंड उसकी बुर में डाल दिया। जैसे ही मैंने धीरे से अंदर डाला तो उसकी आवाज आई- आउच … कितना बड़ा है ये! फिर मैंने हँसते हुए उससे तथा कसके पकड़ लिया तथा अपनी स्पीड बढ़ा दी। साथ में उसके बूब्स को चूसने का आनंद कुछ तथा ही था। अब मैंने उससे बेंच पे लिटा कर मिशनरी पोज बना लिया तथा उसके अंदर डालने लगा। Xxx बहन फक के बाद अब मेरा छुटने वाला था तो मैंने अपना लंड बहन की चूत से बाहर निकाल लिया। फिर मुझे लगा कि वह शायद संतुष्ट नहीं हुई है. तो डॉगी स्टाइल में लाकर उसके हिप्स पे अपना लन्ड रगड़ा. अब वह तथा उतावली हो चुकी थी। उसे मेरे लन्ड के अलावा कुछ भी दिख रहा था। फिर मैंने एक झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत के अंदर डाल दिया तथा उसकी चीखों का आनंद लेने लगा। अब 5 मिनट तक लगातार सेक्स करने करने के बाद वह बोली- अंदर ही छूटा देना। पहली बार सेक्स में कही नहीं मैं प्रेगनेंट हो रही! फिर मैंने अपनी स्पीड बढ़ाते हुए अपनी बहन की चूत के अंदर ही माल छूटा दिया. और तब हमने एक दूसरे को वस्त्र पहनाना शुरू किया. फिर असेंबली खत्म होने तक वह मेरी गोद में बैठी रही तथा किस करती रही। आपको बता दूं कि, उसने कहा कि मैं उससे वादा करूं कि उसके एक बार बुलाने पर ही मैं उससे मिलने उसके घर आ जाऊंगा. तथा जब वह चाहेगी उसके गर्म बदन की प्यास मिटाऊंगा। असल में, मैंने हां बोलते हुए उसे किस कर लिया. Xxx बहन फक स्टोरी पर अपनी राय मुझे मेल तथा कमेंट्स में जरूर बताएं. [email protected]